ओडिशा के संबलपुर में आईआईएम के स्थायी कैंपस की आधारशिला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के संबलपुर में आईआईएम के स्थायी कैंपस की आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आधारशिला कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत के लिए उत्तम कालखंड आया है। आज के स्टार्टअप ही कल के उद्यमी बनेंगे। उन्होंने कहा कि संबलपर बड़ा एजुकेशनल हब बन रहा है। संबलपुर के लोकल को वोकल बनाना भी हमारा दायित्व है।
पीएम मोदी ने कहा कि कोविड के समय, भारत ने पीपीई किट्स, मास्क और वेंटिलेटर्स का स्थायी समाधान खोज लिया है। उन्होंने कहा कि समस्या का हल खोजने के लिए भारत ने छोटी अवधि के कदम उठाए थे। आज भारत ने अपनी अप्रोच को लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन्स में तब्दील कर लिया है।
Laying the foundation stone for IIM Sambalpur’s permanent campus. https://t.co/2JB9hhQLMA
— Narendra Modi (@narendramodi) January 2, 2021
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ”स्थायी समाधान देने की नीयत का नतीजा है कि आज देश में 28 करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन हैं। जबकि वर्ष 2014 से पहले देश में 14 करोड़ गैस कनेक्शन थे। हमने 6 वर्षों में 14 करोड़ से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए हैं।”
काम करने के तरीके और मैनेजमेंट स्किल्स की डिमांड तेजी से बदल रही है। आज उच्च स्तर पर ज्यादा भारी-भरकम मैनेजमेंट की जरूरत नहीं है। यह सहयोगी, नवीन और परिवर्तनकारी प्रबंधन में बदल गया है।
उन्होंने कहा कि ‘वर्क फ्रॉम एनीवेयर’ के कॉन्सेप्ट से पूरी दुनिया ग्लोबल विलेज से ग्लोबल वर्कप्लेस में बदल गई है। भारत ने भी इसके लिए हर जरूरी रिफॉर्म्स बीते कुछ महीनों में तेजी से किए है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब आपमें से अनेक साथी संबलपुरी टेक्सटाइल और कटक की फिलिगिरी कारीगरी को ग्लोबल पहचान दिलाने में अपने कौशल का इस्तेमाल करेंगे, यहां के टूरिज्म को बढ़ाने के लिए काम करेंगे तो आत्मनिर्भर भारत अभियान के साथ ही ओड़िशा के विकास को भी नई गति मिलेगी।
पीएम मोदी ने कहा कि लोकल को ग्लोबल बनाने के लिए आईआईएम के छात्रों को नए और इनोवेटिव समाधान खोजने होंगे। उन्होंने कहा कि आईआईएम लोकल उत्पादों और ग्लोबल सहयोग के बीच पुल का काम कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे यकीन है कि हमारे आईआईएम स्थानीय उत्पादों और वैश्विक सहयोग के बीच एक सेतु का काम कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज आईआईएम कैंपस के शिलान्यास के साथ ही ओड़िशा के युवा सामर्थ्य को मजबूती देने वाली एक नई शिला भी रखी गई है। IIM का ये स्थायी कैंपस ओड़िशा के महान संस्कृति और संसाधनों की पहचान के साथ ओड़िशा को मैंनेजमेंट जगत में नई पहचान देने वाला है।
पीएमओ के अनुसार, IIM संबलपुर “फ्लिप क्लासरूम’ के विचार को लागू करने वाला पहला संस्थान है। एक फ्लिप्ड कक्षा वह जगह है, जहां बुनियादी अवधारणाओं को डिजिटल मोड में सीखा जाता है और उद्योग से लाइव परियोजनाओं के माध्यम से कक्षा में अनुभवात्मक शिक्षा होती है।

