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भगवान बिरसा मुंडा के गांव उलिहातू से दिल्ली तक: आदिवासी समाज के कल्याण में Modi Government की बड़ी पहल, सेठ और उरांव का ऐतिहासिक कदम

नई दिल्ली: झारखंड के खूंटी जिले स्थित भगवान बिरसा मुंडा के जन्मस्थल उलिहातू से आदिवासी समुदाय के लोगों का दिल्ली तक का सफर, न केवल आदिवासी समाज के लिए बल्कि भारत के समग्र विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। इस विशेष अवसर पर, जहां एक ओर दिल्ली में आदिवासी समुदाय के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का जमावड़ा हुआ, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री संजय सेठ और जुएल उरांव ने आदिवासी समाज के उत्थान के लिए Modi Government की नीतियों और योजनाओं की चर्चा की।

आदिवासी समाज के लिए Modi Government का संकल्प

शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित एक खास कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उलिहातू से आए आदिवासी समुदाय के लोगों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा, “आदिवासी समाज के लोगों का हमारे घर में स्वागत करना गर्व की बात है। यह सिर्फ एक पारंपरिक स्वागत नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और समाज के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।” इस अवसर पर केंद्रीय आदिवासी मामलों के मंत्री जुएल उरांव भी उपस्थित थे। उरांव ने भगवान बिरसा मुंडा के गांव में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा, “पहले जहां उलिहातू में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव था, वहीं अब यह क्षेत्र काफी विकसित हो चुका है।”

नए दौर में आदिवासी मंत्रालय का विकास

जुएल उरांव ने आगे कहा कि आदिवासी मंत्रालय का बजट पहले 8-9 हजार करोड़ रुपये हुआ करता था, लेकिन अब इसके पास किसी भी प्रकार की वित्तीय कमी नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में आदिवासी बहुल गांवों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। मोदी सरकार की कोशिश है कि आदिवासी समाज को हर क्षेत्र में सशक्त किया जाए और उनकी कला, संस्कृति और विरासत को संरक्षित किया जाए।

आदिवासी नायकों को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

संजय सेठ ने भगवान बिरसा मुंडा के योगदान को याद करते हुए कहा, “Modi Government/भा.ज.पा. ने हमेशा आदिवासी समाज के कल्याण के लिए काम किया है। पहली बार केंद्र सरकार में आदिवासी मामलों का मंत्रालय अटल बिहारी वाजपेयी के समय में स्थापित किया गया था। नरेंद्र मोदी की सरकार ने आदिवासी नायकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का काम किया है।” उन्होंने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा का जन्मस्थल उलिहातू अब एक आदिवासी म्यूजियम के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें उनके संघर्षों को प्रदर्शित किया जाएगा।

आदिवासी म्यूजियम और जनजाति गौरव दिवस

संजय सेठ ने यह भी बताया कि 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन को अब “जनजाति गौरव दिवस” के रूप में मनाया जाएगा, ताकि आदिवासी समाज के संघर्ष और उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिल सके। सरकार ने आदिवासी नायकों को इतिहास में उचित स्थान देने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।

आदिवासी कल्याण के लिए समग्र योजना

इस दौरान, रक्षा राज्य मंत्री ने आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न मंत्रालयों के साथ मिलकर समग्र योजनाओं को लागू करने की बात की। उन्होंने आदिवासी इलाकों में सिकल सेल एनीमिया जैसी बीमारियों के निवारण के लिए विशेष कदम उठाए जाने की जानकारी दी। इसके अलावा, आदिवासी बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देने के लिए एकलव्य मॉडल स्कूलों की स्थापना की गई है, जिनका उद्देश्य आदिवासी बच्चों को अच्छी शिक्षा और भविष्य की दिशा प्रदान करना है।

आयुष्मान योजना: आदिवासी समाज के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा

आयुष्मान योजना के तहत, गरीब और आदिवासी समाज के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इस योजना के तहत, आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है और बीमारियों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

आदिवासी कला और संस्कृति की संरक्षण की दिशा में कदम

मंत्री संजय सेठ ने यह भी बताया कि आदिवासी कला, संस्कृति और उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। आदिवासी उत्पादों की व्यापक पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए सरकार काम कर रही है, ताकि आदिवासी समाज को आर्थिक दृष्टि से भी सशक्त बनाया जा सके।

आदिवासी समाज की समृद्धि का मार्ग

आदिवासी समाज के उत्थान के लिए मोदी सरकार द्वारा की जा रही इन नीतियों और योजनाओं से यह साफ़ है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य केवल आदिवासी समाज के कल्याण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से देश के समग्र विकास को गति प्रदान करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी समाज को सशक्त बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और उनकी सरकार ने आदिवासी समाज को एक नए दृष्टिकोण से देखा है।

निरंतर विकास के संकेत

आज आदिवासी समाज को प्राप्त हो रही इन सुविधाओं और अवसरों से यह प्रतीत होता है कि आने वाले समय में आदिवासी इलाकों में विकास की गति और तेज होगी। मोदी सरकार का लक्ष्य न केवल आदिवासी समाज के जीवन स्तर को सुधारना है, बल्कि उनके समग्र विकास के लिए स्थायी समाधान प्रदान करना है।

एक नया आदिवासी भारत का सपना

इस प्रकार, आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सरकार की नीतियों, योजनाओं और समर्पण से यह स्पष्ट हो जाता है कि आदिवासी समुदाय को केवल अपनी परंपराओं और संस्कृति की रक्षा नहीं करनी है, बल्कि उन्हें एक सशक्त और समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर भी होना है।

आदिवासी समाज की प्रगति में मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम: भगवान बिरसा मुंडा के गांव उलिहातू से दिल्ली तक आदिवासी कल्याण के लिए कई योजनाओं की शुरुआत

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