Hathras: चमरौली के पास डंपर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, बच्चे समेत दो घायल—ग्रामीणों ने लगाया लंबा जाम
Hathras रोड पर चमरौली गांव के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। तेज रफ्तार डंपर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चे सहित दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई।
घटना ने एक बार फिर इस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और अधूरे विकास कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंदिर के पास बाइक रोकते समय पीछे से मारी टक्कर
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव रजापुर निवासी 35 वर्षीय मोनू यादव अपने 12 वर्षीय पुत्र अमोल को साथ लेकर बाइक से सिकंदराराऊ से अपने गांव लौट रहे थे। रास्ते में चमरौली गांव के निवासी गंगा सिंह भी उनके साथ बैठ गए।
चमरौली हाईवे पर मंदिर के पास पहुंचकर मोनू यादव बाइक रोककर गंगा सिंह को उतार रहे थे। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रहे डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
मौके पर ही हुई मोनू यादव की मौत
हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मोनू यादव की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वहीं गंगा सिंह और अमोल गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, जहां से उनकी हालत गंभीर देखते हुए Aligarh रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने लगाया लंबा जाम
जैसे ही युवक की मौत की खबर गांव में पहुंची, बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए। लोगों ने सड़क पर अवरोध लगाकर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
इस दौरान सिकंदराराऊ और हाथरस की ओर जाने वाले मार्ग पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिया निर्माण की मांग को लेकर पहले भी हो चुका है विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर हादसा हुआ है वहां लंबे समय से पुलिया निर्माण की मांग की जा रही थी। इस संबंध में पहले भी धरना-प्रदर्शन किया जा चुका है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा संबंधी मांगों पर ध्यान दिया गया होता, तो इस तरह की दुर्घटना टाली जा सकती थी।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी जेएन अस्थाना, एसडीएम संजय कुमार और एसडीएम सुभेन्दु गोपाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और यातायात सामान्य कराने की कोशिश की।
प्रशासन ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर संबंधित विभाग को अवगत कराया जाएगा।
लगातार हो रहे हादसों से बढ़ी स्थानीय लोगों की चिंता
हाथरस रोड पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाईवे पर भारी वाहनों की तेज आवाजाही और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी संकेतक, स्पीड कंट्रोल उपाय और आवश्यक निर्माण कार्य जल्द पूरे किए जाएं।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मोनू यादव की अचानक मौत से परिवार पर गहरा संकट आ गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग भी उठाई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों को समय पर राहत मिलना बेहद जरूरी है, ताकि वे इस कठिन परिस्थिति का सामना कर सकें।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस दुर्घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा व्यवस्थाओं की स्थिति पर ध्यान आकर्षित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे किनारे स्थित गांवों के पास यातायात नियंत्रण उपायों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नियमित निगरानी और बुनियादी ढांचे में सुधार से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

