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मुजफ्फरनगर में जमकर गरजे जयंत चौधरी, बोले खून गर्म है कि नहीं…किसानों की आवाज दबाने का प्रयास

मुजफ्फरनगर। रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के आह्वान पर आज राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान पर आहूत लोकतंत्र बचाओ महापंचायत में किसानों का भारी हुजूम उमडा। लम्बे समय बाद मुजफ्फरनगर में रालोद अपने पूरे वजूद में दिखाई दिया। भारी भीड को देख उत्साह से लबरेज जयंत चौधरी ने कहा कि वह किसानों के लिए दो नहीं सौ लाठी खाने के लिए तैयार है।

उन्होनें आंदोलन का रास्ता अख्तियार करने का ऐलान करते हुए भाजपा को सत्ता से उखाड फेंकने का आह्वान किया। कांग्रेस सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा, सपा के पूर्व सांसद धर्मेन्द्र यादव तथा इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने संयुक्त रूप से लडाई लडने का आह्वान किया। महापंचायत के मद्देनजर शहर में भारी पुलिसबल तैनात किया गया।

एसएसपी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ खुद हालात पर नजर बनाए रहे।योगी सरकार और भाजपा की नीतियों के खिलाफ रालोद उपाध्यक्ष की लोकतंत्र बचाओ रैली में उमड़ी किसानों की भारी भीड़ ने रालोद के साथ ही विपक्ष का भी उत्साह बढ़ाने का काम किया।

जयंत चौधरी ने अपने संबोधन की शुरुआत में मंच पर बैठे दूसरे दलों के नेताओं का किसानों की लडाई में साथ आने के लिए आभार जताया। उन्होनें बुजुर्गों को नमन करते हुए युवाओं से पूछा खून गर्म है कि नहीं? जयंत चौधरी ने किसानों से कहा कि बहुत हो चुका, अब घर वापसी का समय आ चुका है।

उनके इस आह्नान पर जनता ने समर्थन करते हुए जमकर नारेबाजी की। इसके साथ ही उन्होंने योगी सरकार और भाजपा की नीति के खिलाफ आंदोलन के इस काफिले को निरंतर जारी रखने के लिए 12 अक्टूबर को मथुरा में अगली महापंचायत करने का ऐलान भी मंच से किया। जीआईसी के मैदान पर रैली को सम्बोधित करते हुए जयंत चौधरी ने अपने सम्बोधन में मुजफ्फरनगर को अपना घर बताते हुए कहा कि यहां के लोग मेरे अपने है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हाथरस में जो वीभत्स कांड हुआ, उसके पीड़ितों से मिलने हम जा रहा थे। योगी की सरकार में वहां निदंनीय बर्ताव विपक्ष के साथ किया गया। कांग्रेस के राहुल गांधी व प्रियंका गांधी गये, उनके साथ बदतमीजी हुई। तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के साथ पुलिस ने गंभीर अभद्रता की।

सपा के लोग गये तो गुंडों की फौज तैयार कराकर उन पर पथराव कराया गया। मेरे साथ जो कुछ हुआ, वह आप सभी ने देखा है। उन्होंने कहा कि हम चौ. चरण सिंह के अनुयायी हैं। उन्होंने हमारा और आपका हाथ पकड़कर यही सिखाया है कि कभी भी किसी भी शोषित और कमजोर के साथ अन्याय पर खामोश मत रहना

उसके अधिकार के लिए लड़ाई लड़ना। आज हम उनके आदर्शों पर चल रहे है। हमने क्या गुनाह किया, हमारा विपक्ष में होना ही क्या हमारा गुनाह है। मैं पीड़ित परिवार के घर गया, वहां पता चला कि सरकार के लोग, सरकार के संरक्षण में पल रहे गुण्डे, दलाल इस परिवार पर तरह तरह का दबाव बना रहे हैं।

इसे अंतर्राष्ट्रीय साजिश का हिस्सा बता रहे हैं। परिवार दहशत में है। सरकार सुरक्षा का नाटक कर रही है। उनके घर में झांककर देखो, योगी जी, बेहद गरीब परिवार है। उनके पास खाने-पाने को कुछ नहीं है। जो था वह छीन लिया गया। बिना परिवार के आधी रात में चिता को आग लगा दी गयी। क्या समाज इसको स्वीकार कर सकता है। जब कोई योगी जी को अपनी पीड़ा बताने जाता है, विकास की बात करना चाहता है तो कह दिया जाता है कि वह पूजा-पाठ कर रहे है।

वह गोरखनाथ पीठ के मठाधीश है। जनता से मिलने से कतराते हैं। 2019 के आंकडों को रखते हुए उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं के प्रति सर्वाधिक अपराध यूपी में हुआ। 69 हजार से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए। 3065 रेप के मामले इनमें शामिल हैं। इससे मुंह नहीं छिपा पाओगे। इस पर भाजपा के लोग यह कहते हैं कि संस्कार सुधारो।उन्होंने माया त्यागी कांड याद दिलाते हुए कहा कि उसमें चौ. चरण सिंह ने लोगों की चेतना जगाने का काम किया था।

 

वह भी हाथरस की पीड़िता जैसी ही पीड़ित लड़की थी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि योगी जी को रेप से दिक्कत नहीं है, उसकी चर्चा से तकलीफ होती है। वह आंकड़े दबाने का काम करते हैं। रेप करने वाले से दिक्कत नहीं है, उनको साथ रखते हैं, उनको मंचों पर सुशोभित करते हैं।

आपने ये देखा भी है, जबकि एक विधायक फंसे तो उसको बचाने के लिए पूरी सरकार ही जुट गयी थी। क्या ऐसी ही सरकार की चाहत आपने की थी। किसानों के लिए चौ. चरण सिंह व अजित सिंह ने काम करके दिखाया। जितनी चीनी मिल हैं, इनके द्वारा लगायी गयी। छह साल मोदी जी के, साढ़े तीन साल योगी के पूरे हो गये हैं

एक चीनी मिल छोड़ो, एक कोल्हू भी लगाया हो तो बतायें। इन्होंने कहा था कि सत्ता में आयेंगे तो चीन का इलाज कर देंगे, पाकिस्तान को नक्शे से मिटा देंगे, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करेंगे। किसान की आयु दोगुनी करने का सपना दिखाया, क्यों आय बढ़ गई। उन्होंने कहा कि 29 सितम्बर 2019 को यूपी की चीनी मिलों पर 4 हजार करोड़ से ज्यादा का बकाया था। एक साल बाद 2020 में यह बकाया 8 हजार करोड़ से ज्यादा हो गया।

अब आप ही बताओ आय दोगुनी हो रही है या आधी रह गयी है। कृषि कानून पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी दावा करते हैं कि बिचौलिये खत्म कर दिये गये, लेकिन इन्होंने आढ़तियों को मंड़ी व्यापारियों को और किसानों को खत्म किया है। अब मंडी के व्यापारी और किसान अडानी व अंबानी की नौकरी करेंगे। एमएसपी का कोई लाभ देश में किसानों को नहीं मिलेगा। आत्मनिर्भर भारत अभियान का विशेष पैकेज लागू किया, कितने किसानों तक पहुंचा, जनता सब जानती है।

जयंत चौधरी ने किसानों को जागृत करते हुए कहा कि इन सरकारों की पोल खुल रही है। अब आपको भी जागना होगा, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। जयंत चौधरी ने लोकसभा चुनाव 2019 की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस भीड़ में जो लोग आये हैं, हो सकता है कि उनमें से ज्यादातर लोग पिछले चुनाव में साथ ना रहे हो, मैं अपने भाईयों से हाथ बढ़ाकर कहता हूं कि अब बहुत हो चुका, अब अपने घर लौटो, यहां आपका सम्मान होगा।

उन्होंने कहा कि मेरा यह आह्नान वोट का मसला नहीं है, सम्मान की बात है, इसके लिए अपने भाई की पुकार को सुन लो। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यह राजनीतिक आंदोलन नहीं है, यह समाज का आक्रोश है। यह किसानों के सम्मान की आवाज है। उन्होंने युवाओं से कहा कि रालोद यह आंदोलन निरंतर जारी रखेगा। यह काफिला अब रुकने वाला नहीं है। उन्होंने मुजफ्फरनगर में हुई ऐसी की लोकतंत्र बचाओ पंचायत 12 अक्टूबर को मथुरा में करने का ऐलान करते हुए सभी को इसमें शामिल होने का निमंत्रण दिया।

जयंत चौधरी ने अपने दादा चौ. चरण सिंह के संघर्ष को याद दिलाते हुए किसानों और अन्य लोगों को भावनात्मक रूप से भी झंझोड़ने का काम किया। उन्होंने मंच पर मौजूद जाट समाज के बुजुर्गों को चरण सिंह के कई किस्से बताते हुए उनको याद दिलाया कि किसानों के लिए रालोद ने क्या किया है।

रालोद उपाध्यक्ष ने युवाओं को भी जोश भरते हुए कहा कि किसानों के सम्मान के लिए मैंने पुलिस की एक लाठी खाई, दो लाठी खाई, लेकिन हम डरने वाले नहीं और इस सम्मान को बचाने के लिए मैं आपके लिए सौ लाठी खाने को भी तैयार हूं। लोकतंत्र बचाओ महापंचायत में कांग्रेस सांसद दीपेन्द्र सिंह हुड्डा, सपा के पूर्व सांसद धर्मेन्द्र यादव तथा इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने संयुक्त रूप से लडाई लडने का आह्वान किया।

रालोद के आह्नान पर जीआईसी मैदान पर आयोजित रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एडीजी मेरठ जोन, कमिश्नर सहारनपुर और डीआईजी ने सवेरे ही जिले में पहुंचकर कैम्प किया और डीएम व एसएसपी के साथ इन लोगों ने शहर में किये गये सुरक्षा बंदोबस्तों का जायजा लिया।

उन्होंने एसएसपी को पूरी सतर्कता बरते के निर्देश दिये। रालोद की महापंचायत को लेकर जीआईसी मैदान पर लोक दल कार्यकर्ताओं भीड़ सवेरे से ही जुटने लगी थी।

तमाम लोग ट्रैक्टर ट्रॉली और मोटरसाइकिलों के जत्थों में महापंचायत स्थल पर पहुंचे। जीआईसी मैदान में रालोद कार्यकर्ताओं की भीड़ बढ़ने के साथ ही पुलिस भी मुस्तैद होने लगी थी। रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी पर लाठीचार्ज के विरोध व मुजफ्फरनगर में लोक दल के कार्यकर्ताओं पदाधिकारियों पर प्रदर्शन को लेकर मुकदमे दर्ज किए जाने के विरोध में आज लोकतंत्र बचाओ महापंचायत जीआईसी मैदान में आयोजित हुई।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एडीजी राजीव सभरवाल, मंडलायुक्त संजय कुमार, डीआईजी उपेन्द्र अग्रवाल सवेरे ही जिला मुख्यालय पहुंच गये थे। डीएम सेल्वा कुमारी जे. और एसएसपी अभिषेक यादव के साथ इन अफसरों ने शहर के चौराहो का भ्रमण कर सुरक्षा प्रबंध का जायजा लिया। इससे पहले सवेरे ही एसएसपी अभिषेक यादव जीआईसी मैदान पहुंचे और वहां तैनात आरआरएफ, पीएसी बल तथा पुलिस कर्मियों व अफसरों को ब्रीफ करते हुए पूरी तरह से सतर्क रहने और मास्क लगाकर रखने के निर्देश दिये।

इसके साथ ही महावीर चौक पर एडीएम प्रशासन अमित सिंह, एडीएम वित्त आलोक कुमार, एसपी क्राईम दुर्गेश कुमार सिंह, एसपी देहात नेपाल सिंह, एसडीएम मुख्यालय अजय अम्बष्ट भारी पुलिस फोर्स के साथ तैनात रहे। महावीर चौक पर पुलिस अफसरों की निगरानी में ड्रोन भी लगाया गया था।

मुजफ्फरनगर में महापंचायत को लेकर पुलिस ने जारी किया ये फरमान

ड्रोन से जीआईसी मैदान और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी की जाती रही। जयंत चौधरी की लोकतंत्र बचाओ रैली को सपा, कांग्रेस, इनेलो हरियाणा, जनता दल सेक्युलर, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के साथ ही शिवसेना, भारतीय किसान यूनियन और जाट समाज के खाप चौधरियों का बड़ा समर्थन रहा।

भाकियू अध्यक्ष व बालियान खाप के मुखिया नरेश टिकैत की अगुवाई में गत दिवस ही जाट समाज की खाप ने जयंत के इस आंदोलन को समर्थन दिया था। आज सवेरे ये खाप चौधरी भाकियू प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत के आवास पर पहुंचे। बाद में नरेश टिकैत के साथ खाप चौधरी जीआईसी मैदान पर पहुंचे। इनमें चौ. सुरेंद्र सिंह अध्यक्ष देशखाप, गजेंद्र सिंह अहलावत खाप, वीरेंद्र सिंह लटियांन खाप, श्याम सिंह मलिक बहावड़ी थाम्बा, चौ. सूरजमल बत्तिसा खाप और रविन्द्र मलिक लाख थाम्बा मौजूद रहे। इसके साथ ही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की महिला मंच की राष्ट्रीय महासचिव उर्वशी सिंह एडवोकेट भी अपने समर्थकों के साथ मेरठ से यहां पहुंची और जयंत चौधरी पर लाठीचार्ज की जमकर निंदा की।

शिवसेना के जिलाध्यक्ष बिट्टू सिखेडा भी समर्थकों के साथ रैली में शामिल हुए। रालोद की ओर से आयोजित इस रैली में कोविड-19 गाइडलाइन की जमकर धज्ज्यिं उड़ी। कलेक्ट्रेट में धारा 144 लागू होने के बावजूद प्रदर्शन करने और मास्क नहीं लगाने तथा सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं करने और महामारी फैलाने के आरोप में जिला प्रशासन द्वारा रालोद नेताओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराये हैं

अब देखना ये है कि इस रैली के लिए प्रशासन का क्या रवैया रहता है। रैली स्थल पर जीआईसी मैदान के गेट पर कुछ कार्यकर्ता रैली में आने वाले लोगों को मास्क बांटते रहे, लेकिन रैली स्थल पर पहुंचने के बाद लोग बिना मास्क के ही नजर आये।

जीआईसी मैदान में विपक्ष की महापंचायत को देखते हुए बीते दिन ही एसएसपी के आदेश पर यातायात प्रभारी ने रूट डायवर्जन लागू कर दिया था।

इसके अन्तर्गत शहर की सीमा पर प्रवेश करने के लिए केवल भोपा रोड की ओर से बाईपास से एंट्री देने की व्यवस्था की गयी थी और शहर में ई रिक्शाओं के संचलन पर पाबंदी लगा दी गई थी, लेकिन आज शहर के चारों ओर से जयंत की रैली में शामिल होने के लिए किसान और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के काफिले रूट डायवर्जन की पाबंदी को ध्वस्त करते हुए शहर में प्रवेश करते रहे। चौराहा पर तैनात पुलिस अफसर और कर्मचारी केवल ई रिक्शा चालकों से ही उलझते रहे।

कई स्थान पर ई रिक्शा चालकों पर पुलिसकर्मियों ने लाठी को जोर भी आजमाने का काम किया। इसके बाद भी शहर में ई रिक्शा चलने से पुलिस नहीं रोक पाई।

शहर के चारों ओर से ट्रैक्टर ट्राली और बाइकों व कारों के काफिले के साथ किसान और रालोद नेता भारी संख्या में इस रैली में शामिल होने के लिए आये। शिव चौक से भी बसों और ट्रैक्टरों का काफिला गुजरा तो सारी व्यवस्था ही ठप्प होकर रह गयी। इतना ही नहीं मीनाक्षी चौक और सुजडू चुंगी की ओर से जीआईसी मैदान नहीं जाने देने की पुलिस की तैयारी भी धरी की धरी रह गयी।

जीआईसी मैदान पर जयंत की लोकतंत्र बचाओ रैली के लिए दो मंच बनाये गये थे। एक बड़े मंच पर स्थानीय नेताओं और बाहर से आये लोगों को स्थान दिया गया था। जबकि दूसरे मंच पर जयंत चौधरी के साथ बड़े नेता नजर आये। स्था

नीय नेताओं में पूर्व मंत्री चौधरी योगराज सिंह, पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, पूर्व विधायक नवाजिश आलम, पूर्व सांसद अमीर आलम खां, पूर्व विधायक राजपाल बालियान, योगेन्द्र सिंह चेयरमैन, सुधीर भारतीय, हर्ष राठी, पराग खोखर, पूनम चौधरी, बरखा दत्त बिजनौर, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरेन्द्र त्यागी सहित सैंकड़ों लोग मंच पर मौजूद रहे। इस सभा की अध्यक्षता रालोद जिलाध्यक्ष अजीत राठी और संचालन रणधावा मलिक ने किया। स्थानीय नेताओं ने योगी सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। इन नेताओं ने कहा कि जयंत चौधरी पर लाठीचार्ज की घटना लोकतंत्र की हत्या है। विपक्ष के नेताओं को भाजपा सरकार दबाने का काम कर रही है। इससे किसानों में भारी रोष है।

राष्ट्रीय लोकदल की लोकतंत्र बचाओ रैली को लेकर शहर में पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की। रैली स्थल की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर बैरिकेडिंग लगाई गई।

रैली में आ रहे वाहनों को सर्कुलर रोड और भोपा रोड से ही शहर में प्रवेश दिया गया। एसएसपी अभिषेक यादव ने भारी पुलिस बल के साथ पैदल ही रैली स्थल के बाहर सर्कुलर रोड पर भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए रैली स्थल के इर्द-गिर्द भारी पुलिस बल तैनात किया गया है

जो तत्काल किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में मौके पर पहुंचकर नियंत्रण करता।राष्ट्रीय लोकदल की लोकतंत्र बचाओ महारैली में भारी भीड़ उमड़ी। कोरोना की गाइडलाइन के बावजूद गुरुवार सुबह से राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में भीड़ जुटनी शुरू हो गयी थी। दोपहर तक कईं हजार लोगों का विशाल जनसमूह मैदान में जमा हो चुका था। जयंत चौधरी पर हाथरस में हुए लाठीचार्ज से आक्रोश से भरे हुए दिखाई दिए। करीब 1ः35 बजे जयंत चौधरी सैकड़ों उत्साही युवाओं के साथ जुलूस की शक्ल में रैली स्थल पर आए और मंच पर पहुंचे।

मंच पर भारी भीड़ चढ़ने के कारण माइक के तार टूट गए, जिस कारण लगभग 15 मिनट तक मंच से संबोधन का कार्य रुका रहा। इस दौरान रालोद के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज मलिक, सहारनपुर के कांग्रेसी नेता इमरान मसूद आदि ने रैली को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी पर लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। साथ ही प्रदेश सरकार पर लोकतंत्र में आवाज को को लाठी के बल पर दबाने का आरोप भी लगाया।

दोपहर 11 बजे जीआईसी के मैदान पर किसानों के पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया था जो कईं घंटों तक जारी रहा। उत्साह से लबरेज रालोद समर्थक चौधरी चरण सिंह अमर रहे के नारे लगाते रहे। रालोद के इस शक्ति प्रदर्शन पर मुजफ्फरनगर के साथ-साथ पूरे वेस्ट यूपी की निगाहें लगी हुई थी। लम्बे समय बाद मुजफ्फरनगर के जीआईजी मैदान पर रिकार्डतोड भीड उमडी। महापंचायत में भारी भीड़ जुटने की संभावना के चलते पुलिस-प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए।

रिजर्व पुलिस फोर्स के साथ ही पांच कंपनी पीएसी भी मंगाई गईं हैं। वहीं, ऐहतियातन शहर क्षेत्र का रूट डायवर्जन करते हुए गुरुवार को ई-रिक्शा संचालन भी प्रतिबंधित कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों व भारी फोर्स के साथ खुद महावीर चौक पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए रहे।

महापंचायत के मद्देनजर शहर के सभी मुख्य चौराहों शिवचौक, मीनाक्षी चौक आदि पर भी भारी फोर्स तैनात की गई है। हालांकि जयंत चौधरी द्वारा महापंचायत को पूरी तरह संयमित तरीके से आयोजित करने का आह्वान किया गया है।

रैली में आ रहे लोगों को राजकीय इंटर कॉलेज के प्रवेश द्वार पर ही मास्क दिए गए साथ ही सैनिटाइजर से उनके हाथ भी सेनीटाइज किए गए।

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