Meerut News: पाकिस्तान लिंक वाले अवैध VOIP टेलीकॉम नेटवर्क का भंडाफोड़, ATS-पुलिस की कार्रवाई में 6 आरोपी गिरफ्तार
News-Desk
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ATS कार्रवाई मेरठ, Meerut News, VOIP नेटवर्क भंडाफोड़, अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज, पाकिस्तान कनेक्शन जांच, यूपी क्राइम न्यूज़, स्वॉट टीम मेरठMeerut में एटीएस और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अवैध टेलीकॉम नेटवर्क का खुलासा हुआ है। Meerut News के अनुसार यह गिरोह VOIP तकनीक का दुरुपयोग कर विदेशी कॉल्स को भारतीय लोकल कॉल्स में बदल रहा था, जिससे देश को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ सुरक्षा जोखिम भी पैदा हो रहा था। 🚨
इस कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार बताया जा रहा है।
ATS और स्वॉट टीम की संयुक्त कार्रवाई में मिली बड़ी सफलता
Meerut News के तहत यह कार्रवाई एटीएस और मेरठ की स्वॉट टीम द्वारा संयुक्त रूप से की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि Lisari Gate थाना क्षेत्र में अवैध टेलीकॉम एक्सचेंज संचालित किया जा रहा है।
सूचना के आधार पर छापेमारी की गई और मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फरदीन नाजिम उर्फ फुरकान, फहीम, सुल्तान, शादाब और रईस के रूप में हुई है। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
पाकिस्तानी कनेक्शन की जांच से बढ़ी मामले की गंभीरता
Meerut News में सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार पाकिस्तान सहित अन्य देशों से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले की जानकारी Avinash Pandey ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक के जरिए कॉल की वास्तविक पहचान छिपा दी जाती थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए कॉल की लोकेशन ट्रैक करना बेहद कठिन हो जाता था। जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क का इस्तेमाल राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में किया जा रहा था।
भोले लोगों के नाम पर सिम लेकर चलाया जा रहा था नेटवर्क
Meerut News के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे आम लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम पर सिम कार्ड हासिल करते थे। इसके बाद इन सिम कार्डों को VOIP GSM गेटवे मशीन में लगाया जाता था।
इस तकनीक के जरिए विदेशों से आने वाली इंटरनेट कॉल को भारतीय मोबाइल कॉल में बदला जाता था। इससे कॉल रिसीवर को स्क्रीन पर भारतीय नंबर दिखाई देता था और कॉल की असली लोकेशन छिप जाती थी।
सरकार को इंटरनेशनल कॉल चार्ज में करोड़ों का नुकसान
Meerut News में यह भी सामने आया कि इस अवैध नेटवर्क के जरिए इंटरनेशनल टर्मिनेशन चार्ज से बचा जा रहा था, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा था।
इसके साथ ही इस तकनीक का इस्तेमाल धोखाधड़ी और संदिग्ध गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता था, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
छापेमारी में बरामद हुए हाई-टेक उपकरण और सैकड़ों सिम कार्ड
पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में सिम कार्ड, हाई-टेक राउटर, VOIP GSM गेटवे मशीनें और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। इन सभी उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क के माध्यम से अब तक कितनी कॉल्स की गईं और किन-किन देशों से संपर्क स्थापित किया गया।
मुख्य सरगना फरार, कई टीमें तलाश में जुटीं
Meerut News के अनुसार गिरोह का मुख्य सरगना अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उसकी तलाश में कई पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों से जुड़ा गंभीर मामला
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस तरह के अवैध VOIP नेटवर्क केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इनका इस्तेमाल गोपनीय संचार और संदिग्ध गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता है।
इसलिए मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय मानते हुए जांच तेज कर दी गई है।

