Morna News: शिक्षिका ने किया महिला प्रधान से दुर्व्यवहार, अभिभावकों के सामने ही बच्चों से विद्यालय में लगवाई गई झाड़ू
मोरना।Morna News: थानाक्षेत्र के एक विद्यालय में शिक्षिका से प्रताडि़त होकर शिक्षामित्र ने जहरीले पदार्थ का सेवन करने का प्रयास किया, मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह शिक्षामित्र से जहरीला पदार्थ छीन लिया। मामले की सूचना पर सैकड़ो ग्रामीण व बच्चों के अभिभावक विद्यालय में पहुंच गए
जिनके सामने भी विद्यालय में घण्टों ग्राम प्रधान व शिक्षिका के बीच आरोप प्रत्यारोप होते रहे और जमकर हंगामा हुआ, पुलिस ने किसी तरह मामले को शांत कराया। भोपा थाना क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर की ग्राम प्रधान श्रीमती कोमल शनिवार सुबह अपने ससुर पूर्व प्रधान मैनपाल के साथ प्राथमिक विद्यालय सिकंदरपुर-1 में हो रहे इंटरलॉकिंग कार्य का निरीक्षण करने के लिए गई थी। जैसे ही ग्राम प्रधान विद्यालय के सामने पहुंची तो उन्होंने देखा कि विद्यालय का ताला न खुलने के कारण बच्चे बाहर खड़े हुए थे।
कुछ देर इनका इंतजार करने के बाद शिक्षक विद्यालय में पहुंचे तो ग्राम प्रधान ने उनसे देर से आने का कारण पूछा और उपस्थिति रजिस्टर मांगा, जिस पर विद्यालय में तैनात एक शिक्षिका ने ग्राम प्रधान से अभद्रता करनी शुरू कर दी और ग्राम प्रधान पर आरोप लगाने शुरू कर दिए।
मामले की सूचना पर ग्रामीणों व विद्यालय में पढऩे वाले बच्चों के अभिभावकों की भारी भीड़ विद्यालय में इकट्ठा हो गई। सूचना पर भोपा पुलिस भी मौके पर पहुंची और किसी तरह मामले को शांत कराने का प्रयास करने लगे।
मामला शांत ना होता देख चौकी प्रभारीसीकरी रेशम पाल सिंह को सूचना दी गई, जिस पर चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से वार्ता शुरू की। दोनों पक्षों ने घंटों तक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, जिससे विद्यालय में कई घंटे जमकर हंगामा चलता रहा।
शिक्षामित्र ने किया जहरीले पदार्थ के सेवन का प्रयास
विद्यालय में उस समय हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जब विद्यालय में नियुक्त शिक्षामित्र पंजाब सिंह द्वारा विद्यालय परिसर में ही जहरीले पदार्थ का सेवन करने का प्रयास किया गया। जैसे ही पुलिस को इसकी भनक मिली तो उन्होंने किसी तरह शिक्षामित्र से जहरीला पदार्थ छीन लिया। शिक्षामित्र ने बताया कि शिक्षिका द्वारा उसे भी बुरी तरह प्रताडि़त किया जा रहा है।
शिक्षिका का व्यवहार उसके प्रति सही नहीं है। शिक्षामित्र ने आरोप लगाया कि शिक्षिका सत्ता पक्ष के कुछ नेतागणों से अपनी रिश्तेदारी बता कर रौब गालिब करती रहती है व छात्र-छात्राओं के अभिभावकों को विद्यालय में आने से भी मना करती है। शिक्षिका के व्यवहार से परेशान होकर अपनी जान देने का मन बना लिया है।
अभिभावकों के सामने ही बच्चों से विद्यालय में लगवाई गई झाड़ू
विद्यालय परिसर में घंटो हुए हंगामे के बाद जब पुलिस दोनों पक्षों से वार्ता कर रही थी, उसी समय एक बालिका विद्यालय में झाड़ू लगाने लगी, पूछने पर उसने बताया कि शिक्षकों के आदेश पर वह प्रतिदिन विद्यालय के कमरों में झाड़ू लगाती हैं। छात्रा को झाड़ू लगाता देख ग्रामीण भड़क उठे और काफी देर तक फिर हंगामा किया। इस पर प्रधानाध्यापक ने छात्रा से झाड़ू छीन ली।
9:30 बजे खुले विद्यालय के कमरों के ताले
ग्राम प्रधान, ग्रामीणों व शिक्षिका के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुए हंगामे के कारण विद्यालय के कमरों के ताले लगभग 9:30 बजे खुल पाए, जिसके कारण लगभग डेढ़ घंटा छात्र-छात्राएं विद्यालय के बरामदे में बैठकर इंतजार करते रहे।
राजीव कुमार प्रधानाध्यापक ने बताया कि मैं विद्यालय में समय से पहुंच गया था परंतु ग्राम प्रधान द्वारा विद्यालय की चाबी छीनकर विद्यालय के ताले खोलने से मना कर दिया गया। विद्यालय में चल रहे विवाद से मेरा कोई नाता नहीं है।मैनपाल सिंह पूर्व ग्राम प्रधान ने बताया कि अपनी पुत्रवधू जो कि ग्राम प्रधान भी है, को लेकर विद्यालय में चल रहे इंटरलॉकिंग कार्य को देखने के लिए गया था, वहां पर शिक्षिका द्वारा अभद्रता शुरू की गई। मांगने पर उपस्थिति रजिस्टर भी नहीं दिखाया गया।

