Muzaffarnagar में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, पुलिस मुठभेड़ के बाद तीन बदमाश गिरफ्तार











Muzaffarnagar खालापार थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के खातों से रकम उड़ाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान तीनों आरोपी घायल हो गए, जिन्हें सुरक्षा के बीच अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में साइबर और बैंकिंग धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को निशाना बनाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
एसबीआई एटीएम से शुरू हुई जांच, फिर खुला बड़े नेटवर्क का राज
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले की शुरुआत 12 मई 2026 को हुई एक शिकायत से हुई थी। मेरठ रोड स्थित एसबीआई एटीएम पर एक व्यक्ति का एटीएम कार्ड बदल लिया गया था। पीड़ित को उस समय इस बात की भनक तक नहीं लगी कि उसका कार्ड बदल दिया गया है।
कुछ समय बाद उसके खाते से 25 हजार रुपये की निकासी कर ली गई। जब पीड़ित ने बैंक खाते की जांच की तो ठगी का खुलासा हुआ। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी और पारंपरिक जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को एक सक्रिय गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह कोई सामान्य घटना नहीं थी, बल्कि एटीएम कार्ड स्वैपिंग के जरिए लोगों को ठगने वाले एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थी।
शामली बाईपास पर चेकिंग के दौरान संदिग्धों की पहचान
पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर जिलेभर में निगरानी बढ़ा दी गई थी। इसी क्रम में देर रात खालापार थाना पुलिस शामली बाईपास क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी।
इसी दौरान बिना नंबर प्लेट की एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक पुलिस को संदिग्ध दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन युवकों ने रुकने के बजाय तेज गति से भागने की कोशिश की।
अचानक शुरू हुई इस गतिविधि से पुलिस को शक और गहरा गया। पुलिस टीम ने उनका पीछा शुरू किया और कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद घटनाक्रम ने नाटकीय मोड़ ले लिया।
भागते समय फिसली बाइक, फिर पुलिस पर की गई फायरिंग
पुलिस के अनुसार पीछा किए जाने के दौरान आरोपियों की मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई। बाइक गिरने के बाद भी आरोपी शांत नहीं हुए और गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
अचानक हुई गोलीबारी से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने भी आत्मरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ के दौरान तीनों आरोपी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया। घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराते हुए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है।
109 एटीएम कार्ड, नकदी और अवैध हथियार बरामद
ATM Card Fraud Muzaffarnagar मामले में पुलिस को आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री मिली है। बरामदगी में शामिल हैं:
- 109 एटीएम कार्ड
- 30 हजार रुपये नकद
- 3 मोबाइल फोन
- 3 अवैध तमंचे
- कारतूस
- बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल
पुलिस का मानना है कि बरामद किए गए एटीएम कार्ड विभिन्न लोगों के हो सकते हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इन कार्डों का इस्तेमाल किन-किन खातों से पैसे निकालने के लिए किया गया और कितने लोग इस गिरोह का शिकार बने।
मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है ताकि गिरोह के नेटवर्क और संपर्कों की जानकारी मिल सके।
पूछताछ में खुलासा: मदद के बहाने बदलते थे एटीएम कार्ड
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार बदमाश एटीएम बूथों पर आने वाले लोगों को अपना निशाना बनाते थे।
जब कोई बुजुर्ग, कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति या एटीएम मशीन चलाने में असुविधा महसूस करने वाला ग्राहक वहां आता था, तो आरोपी मदद का प्रस्ताव देते थे। बातचीत के दौरान बड़ी सफाई से असली कार्ड बदलकर दूसरा कार्ड दे दिया जाता था।
पीड़ित व्यक्ति को अक्सर इस बात का पता नहीं चलता था कि उसका कार्ड बदल दिया गया है। बाद में आरोपी उसी कार्ड का उपयोग करके खाते से नकदी निकाल लेते थे या अन्य वित्तीय धोखाधड़ी करते थे।
विशेषज्ञों के अनुसार इस प्रकार की ठगी में अपराधी पहले पीड़ित का पिन जानने का प्रयास करते हैं और फिर अवसर मिलते ही कार्ड बदल देते हैं।
मुजफ्फरनगर, खतौली और बागपत सहित कई क्षेत्रों में वारदातें करने की स्वीकारोक्ति
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने मुजफ्फरनगर, खतौली, बागपत और आसपास के कई क्षेत्रों में इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है।
जांच एजेंसियां अब पुराने मामलों का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन घटनाओं में इस गिरोह की भूमिका रही है। संभावना जताई जा रही है कि कई अनसुलझे एटीएम फ्रॉड मामलों के तार भी इसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार तीन आरोपी केवल गिरोह का एक हिस्सा हैं और इनके पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
पुलिस जुटी नेटवर्क की तह तक पहुंचने में
Muzaffarnagar Police Encounter के बाद अब जांच का फोकस गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके संचालन तंत्र पर है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन, बैंकिंग गतिविधियों और तकनीकी डेटा के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या यह गिरोह विभिन्न राज्यों में सक्रिय अन्य साइबर और बैंकिंग अपराधियों से भी जुड़ा हुआ था। कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात कही जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा गिरोह के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
एटीएम इस्तेमाल करते समय बरतें ये सावधानियां
बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि एटीएम कार्ड स्वैपिंग आज भी देशभर में होने वाली आम वित्तीय धोखाधड़ियों में से एक है। इससे बचने के लिए ग्राहकों को कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां अपनानी चाहिए:
- एटीएम पर किसी अजनबी की मदद लेने से बचें।
- अपना पिन नंबर किसी को न बताएं।
- कार्ड मशीन में लगाने और निकालने के दौरान सतर्क रहें।
- लेनदेन के बाद कार्ड की जांच अवश्य करें।
- खाते से किसी संदिग्ध निकासी की जानकारी मिलते ही बैंक और पुलिस को सूचित करें।
- एटीएम बूथ में अनजान व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखें।









