Muzaffarnagar SSP का सख्त आदेश: वर्दी में रील बनाने वाले पुलिसकर्मियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
News-Desk
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muzaffarnagar police, Police Discipline, Police Reel Ban, Social Media Rules, up news, एसएसपी संजय कुमार वर्मा, पुलिस रील वीडियो, मुज़फ्फरनगर न्यूज़, यूपी पुलिस, सोशल मीडियाMuzaffarnagar में सोशल मीडिया पर बढ़ती रील संस्कृति को लेकर पुलिस विभाग अब सख्त रुख अपनाता दिखाई दे रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Sanjay Kumar Verma ने जिले के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी में या पुलिस कार्य से जुड़े वीडियो और रील बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड नहीं करेगा।
एसएसपी ने कहा कि पुलिस विभाग की छवि, अनुशासन और गरिमा बनाए रखना प्रत्येक पुलिसकर्मी की जिम्मेदारी है। ऐसे में मनोरंजनात्मक या व्यक्तिगत लोकप्रियता के लिए वर्दी और सरकारी संसाधनों का उपयोग किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया पर बढ़ती रील प्रवृत्ति को बताया गंभीर मुद्दा
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रील और शॉर्ट वीडियो बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है। कई मामलों में पुलिसकर्मी भी ड्यूटी के दौरान या वर्दी में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते नजर आए हैं।
इसी प्रवृत्ति को गंभीरता से लेते हुए Sanjay Kumar Verma ने साफ कहा कि पुलिस विभाग एक अनुशासित बल है और ऐसे वीडियो विभागीय मर्यादा के खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का प्राथमिक दायित्व कानून व्यवस्था बनाए रखना और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि सोशल मीडिया पर मनोरंजनात्मक कंटेंट तैयार करना।
आदेश उल्लंघन पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी
एसएसपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई पुलिस अधिकारी या कर्मचारी इन निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कठोरतम विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी के दौरान वीडियो बनाना, सरकारी वाहनों, हथियारों या अन्य संसाधनों का उपयोग कर रील शूट करना पूरी तरह अनुचित माना जाएगा।
पुलिस विभाग के सूत्रों के अनुसार ऐसे मामलों में संबंधित कर्मियों के खिलाफ निलंबन, अनुशासनात्मक जांच और अन्य विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों को भी दिए निर्देश
Sanjay Kumar Verma ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और क्षेत्राधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को आदेशों का कड़ाई से पालन कराएं।
अधिकारियों से कहा गया है कि यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा सोशल मीडिया पर वर्दी में रील या वीडियो पोस्ट किया जाता है तो तत्काल इसकी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाए।
पुलिस विभाग अब सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखने की तैयारी कर रहा है ताकि अनुशासनहीनता के मामलों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पुलिस विभाग की छवि को लेकर बढ़ी चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में कई बार सरकारी कर्मचारी विभागीय मर्यादाओं को नजरअंदाज कर देते हैं। खासतौर पर पुलिस विभाग जैसे संवेदनशील संस्थान में इस तरह की गतिविधियां विभाग की छवि को प्रभावित कर सकती हैं।
कई मामलों में पुलिसकर्मियों की रील और वीडियो को लेकर विवाद भी सामने आ चुके हैं, जिनमें ड्यूटी के दौरान लापरवाही, हथियारों का प्रदर्शन और अनुचित व्यवहार जैसे आरोप लगे थे।
इसी कारण अब कई राज्यों में पुलिस विभाग सोशल मीडिया उपयोग को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं।
सोशल मीडिया उपयोग और अनुशासन के बीच संतुलन की जरूरत
डिजिटल युग में सोशल मीडिया का उपयोग तेजी से बढ़ा है और सरकारी कर्मचारी भी इससे अछूते नहीं हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक पदों पर कार्यरत लोगों को सोशल मीडिया उपयोग में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि व्यक्तिगत सोशल मीडिया उपयोग पर रोक नहीं है, लेकिन विभागीय गरिमा और ड्यूटी से जुड़ी संवेदनशीलता का ध्यान रखना अनिवार्य है।
जनता के बीच सकारात्मक संदेश देने की कोशिश
पुलिस विभाग का मानना है कि इस प्रकार के निर्देशों का उद्देश्य केवल प्रतिबंध लगाना नहीं बल्कि विभागीय अनुशासन और जनता के विश्वास को मजबूत करना है।
अधिकारियों के अनुसार पुलिसकर्मियों की पहचान उनके कार्य, व्यवहार और सेवा भावना से होनी चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से।

