नौ कस्टमर सैटेलाइट और ईओएस-01 उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च, प्रधानमंत्री ने दी बधाई
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को पृथ्वी अवलोकन उपग्रह ईओएस-01 Earth Observation Satellite EOS-01 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। पहले से तय समय दोपहर 3.02 बजे से 10 मिनट की देरी से हुई इस लॉन्चिंग में नौ विदेशी कस्टमर सैटेलाइट को भी लॉन्च किया गया।
Nine satellites, including four each from the US and Luxembourg and one from Lithuania, have also been launched in the Mission.
— Narendra Modi (@narendramodi) November 7, 2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस सफल लॉन्चिंग के लिए इसरो को बधाई दी है। मोदी ने एक ट्वीट में लिखा, ‘मैं इसरो और भारत के अंतरिक्ष उद्योग को पीएसएलवी-सी49/ईओएस-01 अभियान की सफल लॉन्चिंग के लिए बधाई देता हूं। हमारे वैज्ञानिकों ने समय सीमा पूरी करने के लिए कई बाधाओं को पार किया।’
#PSLVC49 lifts off successfully from Satish Dhawan Space Centre, Sriharikota#ISRO #EOS01 pic.twitter.com/dWCBbKty8F
— ISRO (@isro) November 7, 2020
इन उपग्रहों को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में भारतीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी49 से इसके 51वें अभियान में प्रक्षेपित किया गया। लॉन्चिंग की उलटी गिनती शुरू करते हुए इसरो ने शुक्रवार को कहा था कि इस उपग्रह का उपयोग कृषि, वन्य और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में किया जाएगा।
इसरो ने कहा है कि ईओएस-01 कृषि, वानिकी और आपदा प्रबंधन सहायता में प्रयोग किए जाने वाला एक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह है। संगठन ने बताया है कि दूसरे देशों के उपग्रहों को अंतरिक्ष विभाग के न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के साथ वाणिज्यिक समझौते के तहत लॉन्च किया गया है।
ताजा जानकारी के अनुसार ईओए-01 सफलतापूर्वक पीएसएलवी-सी49 के चौथे चरण से अलग होकर ऑर्बिट में पहुंच गया है। अन्य नौ विदेशी कस्टमर सैटेलाइट भी अलग होकर अपने निर्धारित ऑर्बिट में स्थापित कर दिए गए हैं। पीएसएलवी-सी49/ईओएस-01 अभियान की उलटी गिनती शुक्रवार दोपहर 1.02 बजे शुरू हुई थी।
कोरोना वायरस महामारी संकट के बीच इसरो का यह इस साल का पहला अभियान है। सैटेलाइट लिफ्टऑफ पहले शनिवार दोपहल तीन बजकर दो मिनट तय था। लेकिन, वाहन के मार्ग में कुछ अवरोध आने की वजह से इसे 10 मिनट की देरी से प्रक्षेपित करना पड़ा।
ईओएस-01 के साथ लॉन्च किए गए नौ विदेशी कस्टमर सैटेलाइटों में से एक लिथुआनिया, चार लग्जमबर्ग और चार संयुक्त राज्य अमेरिकी की हैं। पीएसएलवी-सी49 ने यहां 26 घंटे के काउंटडाउन के बाद दोपहर 3.12 बजे लिफ्टऑफ किया और हर 20 मिनट के अंतराल पर हर सैटेलाइट को उसके ऑर्बिट में भेजा।

