पांच-पांच ब्वॉयफ्रेंड वाली लड़कियां नीले ड्रम में भरेंगी घर नहीं’ – Muzaffarnagar में साध्वी प्राची का विवादित बयान
Muzaffarnagar । हिंदू संगठनों की प्रखर वक्ता और तेजतर्रार चेहरा साध्वी प्राची आर्या ने एक बार फिर अपने विवादित बयान से हलचल मचा दी है। हरिद्वार जाते वक्त मुजफ्फरनगर के शिव चौक पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के हालिया बयान का पूरी मजबूती से समर्थन किया और कहा कि आज की लड़कियां सोशल मीडिया पर अश्लीलता के जरिए पैसा कमाने में लगी हैं, जो भारतीय संस्कृति के खिलाफ है।
📢 ‘हमारी संस्कृति पति को परमेश्वर मानती है, 5 ब्वॉयफ्रेंड रखने वाली कैसे घर बसाएंगी?’ – साध्वी प्राची
साध्वी प्राची ने बेहद तीखी भाषा में कहा:
“पांच-पांच ब्वॉयफ्रेंड रखने वाली लड़कियां किसी का घर नहीं बसाएंगी। वे नीले ड्रम में भरेंगी, अपने कर्मों की वजह से।”
यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और देशभर में बहस का मुद्दा बना हुआ है।
🧵 मेरठ और इंदौर की हत्याओं से जोड़ा ‘मॉडर्न लड़कियों’ का व्यवहार
साध्वी प्राची ने अपनी बात को मेरठ के सौरभ हत्याकांड और इंदौर के रघुवंशी हत्याकांड से जोड़ते हुए कहा:
“इन जघन्य अपराधों के पीछे लड़कियों की अश्लीलता और उनका कई-कई ब्वॉयफ्रेंड रखना ही जिम्मेदार है। यह हमारी संस्कृति नहीं है। ये सब पश्चिमी प्रभाव और सोशल मीडिया की अंधी दौड़ का नतीजा है।”
📵 सोशल मीडिया पर अश्लीलता फैलाने का आरोप, अभिभावकों को बताया जिम्मेदार
उन्होंने कहा कि आज के समय में टीक-टॉक, इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स पर लड़कियां अश्लील वीडियो बनाकर पैसे कमा रही हैं। साध्वी का मानना है कि ये वीडियो केवल अश्लीलता को बढ़ावा देते हैं और समाज को बिगाड़ते हैं।
“अब अभिभावकों को भी जागना होगा। बेटियों को संस्कार देना होगा, मोबाइल और इंटरनेट से दूर रखना होगा। नहीं तो समाज का पतन तय है।”
🕉️ ‘पति परमेश्वर’ की भारतीय परंपरा का किया उल्लेख
साध्वी प्राची ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पति को परमेश्वर माना जाता है। जहां पत्नी अपने एकमात्र पति के लिए समर्पित होती है। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी की तुलना उस संस्कृति से करते हुए कहा कि आज की लड़कियां ‘फ्री रिलेशनशिप’, ‘डेटिंग ऐप्स’ और ‘कई प्रेमी’ रखने में गर्व महसूस करती हैं, जो संस्कारहीनता की पराकाष्ठा है।
⚡ ‘कांवड़ में अश्लीलता शर्मनाक’: साध्वी प्राची ने उठाई आस्था पर चोट की बात
साध्वी ने कांवड़ यात्रा का हवाला देते हुए कहा कि:
“कांवड़ यात्रा में अश्लील गानों पर थिरकती लड़कियों के वीडियो वायरल हो रहे हैं। यह श्रद्धा नहीं, अश्लीलता का तांडव है। कांवड़ तो तपस्या है, आस्था है – उसे रैंप शो या पार्टी बनाने का अधिकार किसी को नहीं है।”
📢 प्रेमानंद महाराज के बयान का समर्थन: ‘दीदी मां और महाराज बिल्कुल सही कह रहे हैं’
संत प्रेमानंद महाराज के बयान जिसमें उन्होंने कथित तौर पर लड़कियों को लेकर सख्त टिप्पणियां की थीं, पर साध्वी प्राची ने स्पष्ट कहा:
“दीदी मां और महाराज जो कह रहे हैं, वो आज के समाज की कड़वी सच्चाई है। जब महिलाएं अपनी सीमाएं लांघती हैं, तो समाज में अपराध, हत्या और असंतुलन बढ़ता है। इसका समाधान संस्कार और संयम में ही है।”
🔥 बयान से सोशल मीडिया में बवाल, विरोध और समर्थन दोनों में बंटा देश
साध्वी प्राची के इस बयान पर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट चुका है।
एक ओर लोग उनकी संस्कृति की रक्षा की बात का समर्थन कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर कुछ यूजर्स इसे महिलाओं के खिलाफ जहरीला भाषण बता रहे हैं और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
📣 महिलाओं के सम्मान बनाम चरित्र पर टिप्पणी – बहस गरमाई
सवाल यह भी है –
क्या किसी भी महिला के कपड़े या रिलेशनशिप से उसके चरित्र का आंकलन किया जा सकता है?
क्या ऐसे बयान समाज को सही दिशा देंगे या और अधिक विभाजन और नफरत फैलाएंगे?
🧭 जिम्मेदारी और संयम – दोनों की जरूरत
साध्वी प्राची का बयान चाहे जितना तीखा हो, लेकिन एक सच्चाई यह भी है कि सोशल मीडिया पर अश्लीलता, हिंसा और गलत ट्रेंड्स का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। वहीं दूसरी ओर, हर लड़की को उसके पहनावे और जीवनशैली के आधार पर ‘जज’ करना भी अनुचित है।

