Khatauli- धूमधाम के साथ भगवान पारसनाथ जन्म महोत्सव मनाया
Khatauli ज्ञान की प्राप्ति के पश्चात लगभग ७० वर्ष तक धर्म का प्रसार किया। ८३ दिन तक घोर तपस्या के बाद इनको शिखरजी में ज्ञान की प्राप्ति हुई। श्रावण शुक्ल सप्तमी को सम्मेद शिखर जी में मोक्ष निर्वाण पद प्राप्त हुआ। भारत में संभवतः सबसे ज्यादा तीर्थ इनके नाम पर है। भगवान पारसनाथ का जीवन हमें समता भाव धारण करने की शिक्षा देता है।इसके अतिरिक्त धर्म स्वाध्याय प्रश्न मंच भक्ति संगीत तथा मंगल आरती के कार्यक्रम हुए। । जैन मिलन अरिहंत द्वारा चालीसा का पाठ किया गया।
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