Muzaffarnagar News: लोकबंधु राजनारायण की पुण्यतिथि पर सपाईयों ने किया नमन
Muzaffarnagar News:मुजफ्फरनगर। सपा कार्यालय मुजफ्फरनगर पर लोकबंधु राजनारायण की पुण्यतिथि पर उनके संघर्ष को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।सपा द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी एडवोकेट व संचालन सपा जिला मीडिया प्रभारी साजिद हसन द्वारा किया गया।
गोष्ठी में विचार प्रकट करते हुए सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी एडवोकेट ने कहा कि श्री राज नारायण की भूमिका अंग्रेजी शासन से देश को आजाद कराने में भी अग्रणी रही तथा आजादी के बाद लोकतंत्र में तानाशाही निरंकुशता के खिलाफ भी राज नारायण का संघर्ष देश के लिए मिसाल बना।
प्रमोद त्यागी एडवाकेट ने अपने संबोधन में कहा कि बेहद अमीर और बड़े राजघराने से राज नारायण ने अपनी हजारों बीघा जमीन गरीब किसानों को दान देकर देश मे सच्चे समाजवादी की मिसाल पेश की थी उन्होंने अपने संघर्ष में ८० बार जेल जाकर देश के लोकतंत्र को बचाने का काम किया। कार्यकर्ताओं को उनके संघर्ष से प्रेरणा लेकर लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई आज भी लड़नी होगी
विचार गोष्ठी को पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व प्रत्याशी मीरापुर हाजी लियाकत अली,सपा अधिवक्ता सभा जिलाध्यक्ष रविंद्र कुमार एडवोकेट,सपा जिला उपाध्यक्ष विनय पाल, सपा जिला उपाध्यक्ष राजीव बालियान,सपा नेता रामनिवास पाल, सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सतीश गुर्जर,सपा जिला सचिव प्रधान शाह रजा नकवी,सपा नेता दर्शन सिंह धनगर,हरेंद्र पाल आदि ने संबोधित करते हुए राजनारायण को पुष्पांजली अर्पित करते हुए उनको लोकतंत्र का प्रहरी बताया।
विचार गोष्ठी में मुख्यरुप से सपा लोहिया वाहिनी प्रदेश सचिव डॉ इसरार अल्वी, सपा व्यापार सभा जिलाध्यक्ष राहुल वर्मा, सपा लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष सन्दीप धनगर,सपा नेता आशीष त्यागी,वीरेंद्र तेजियांन,वसीम ख़ौकनी,चांदबाली रघुवंशी, चैधरी वीरभान,दिलशाद सिवाया, सागर कश्यप आदि मौजूद रहे।
पुण्यतिथि पर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी खतौली के नेताओ ओर कार्यकर्ताओ ने बुढ़ाना रोड़ स्थित सपा कार्यालय पर समाजवादी चिंतक लोकबंधु राजनारायण की पुण्य-तिथि मनाई व उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी
वरिष्ठ सपा नेता इरशाद जाट ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि राजनारायण जी अंतिम सांस तक लोकतंत्र तथा समाजवाद को मजबूत करने के लिए लड़ते रहे। लोक हित के सवालों को उठाते रहे।
वे महात्मा गांधी और राममनोहर लोहिया के सच्चे अनुयायी थे। लोहिया के सिद्धांतों, दर्शन व सोच को अमली जामा पहनाने के लिए सदैव तत्पर रहे। सांप्रदायिकता, जातिवाद, पूंजीवादी शोषण, सरकारी तानाशाही व नौकरशाही से उनका टकराव अपने दौर का इतिहास है। जिस पर हम सभी गौरवान्वित हैं। इसीलिए उन्हें लोकबंधु कहा गया
युवा सपा नेता अभिषेक गोयल (एडवोकेट) ने कहां की समता, समानता पर आधारित समाज व्यवस्था की संरचना के लिए लोकबंधु राजनारायण के विचारों पर आधारित संघर्ष की जमीन नए सिरे से तैयार करने की जरूरत है। डॉ राममनोहर लोहिया ने उनके बारे में कहा था कि, राजनारायण जब तक जिंदा हैं, लोकतंत्र को कोई खतरा नहीं है। आज जब हमारी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों की खुली हत्या हो रही है, ऐसे समय में एक बार फिर लोकबंधु राजनारायण के चरित्र और विचार को जिंदा करने की जरूरत है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ सपा नेता डॉक्टर मंसूर उल हक़, हाजी यूसुफ, पूर्व नगर अध्यक्ष शाहिद कुरैशी, हाजी वसीम, इरफ़ान (टेंपू), फरहाद काज़ी, अरशद मुल्तानी, नौशाद मोनी, वसीम कुरैशी, रालोद नेता तासीर हसन, बाबू मलिक, काज़ी फसीह अख़्तर, फहीम सैफी, अर्पित गुप्ता, दिलशाद अब्बासी, सलीम कुरैशी, नाजिम तप्पू, अरशद खान, फैजान काज़ी, सुधीर वाल्मिक, विनोद वाल्मीकि, मास्टर गुलज़ार, नईम मलिक, हम्माद सिद्दीकी, शारिक कुरेशी, हबीब कस्सार, महताब अब्बासी, जावेद बुल्ली, बिलाल अख्तर, आफाक खान, इमरान अंसारी, समीर राव, राजू राणा, सरताज सलमानी, शाह आलम, शहजाद अब्बासी, अमीर आज़म, मंजूर मिर्जा, आकाश पंजाबी, चांद कस्सार, अफशान सिद्दीकी, गगन माहिव, समीर सिद्दीकी, आमिर कस्सार उपस्थित रहे।
