Muzaffarnagar: गोडसे की फोटो के साथ निकली तिरंगा यात्रा, हिंदू महासभा ने कहा, गांधीजी के गलत नीतियों के कारण हुई हत्या
राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा ने कहा कि अखिल भारत हिंदू महासभा के द्वारा 15 अगस्त के पावन पर्व पर तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया था. यह रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई वापस कार्यालय पर आकर संपन्न हुई.
जिसमें अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं सहित हिंदू नेताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. तिरंगा यात्रा में बहुत से क्रांतिकारियों की फोटो लगी थी. उसमें गोडसे भी शामिल हैं. गोडसे भी एक क्रांतिकारी रहे हैं, इसलिए उनकी तस्वीर रैली में शामिल की गई.
गोडसे द्वारा गांधीजी की हत्या को लेकर उन्होंने कहा कि गांधीजी की नीतियों के कारण ही गोडसे को गांधीजी का वध करना पड़ा था. गोडसे ने अपना मुकदमा स्वयं लड़ा. लेकिन जो कोर्ट में हुआ वह आज तक सरकार ने सार्वजनिक क्यों नहीं किया? क्योंकि सरकार नहीं चाहती थी कि उस वक्त ये पता लगे कि गांधी का वध क्यों हुआ है.
राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष योगेंद्र वर्मा ने कहा कि गांधी की कुछ नीतियां ऐसी थी जो हिंदू विरोधी थी. योगेंद्र ने आगे कहा कि आजादी के बाद जो बंटवारा हुआ था, उसमें 30 लाख हिंदू और मुसलमानों का कत्ल हुआ था.
जिसके जिम्मेदार केवल गांधी थे. इसके बाद वह एक ऐसी रोड बनाना चाहते थे, जो पाकिस्तान से लेकर बांग्लादेश तक जाये. जिसका पूरा देश विरोध कर रहा था. क्योंकि यदि वह रोड बन जाता तो भारत दो भागों में बंट जाता और उस पर पूर्ण अधिकार पाकिस्तान का होता. यदि भारत को दूसरी तरफ जाना पड़ता तो पाकिस्तान की अनुमति लेनी पड़ती.
वर्मा ने कहा की गोडसे ने गांधी जी का वध किया तो उन्हें उसकी सजा भी मिली. कोर्ट ने उन्हें फांसी की सजा सुनाई थी. उन्होंने कहा कुछ लोग गांधी को मानते हैं, कुछ गोडसे को मानते हैं. हिंदू महासभा गोडसे को अपना मसीहा मानती हैं. हम गोडसे को देशभक्त मानते हैं.

