आचार्य अभयदेव देवालंकार जी का जन्म दिवस समारोह मनाया
चरथावल। कस्बा स्थित श्री अरविन्द निकेतन ट्रस्ट के मैनेजर ट्रस्टी धर्मराज त्यागी ने जारी प्रेस विज्ञप्ति मे बातया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री अरविन्द निकेतन मे श्री आचार्य अभयदेव देवालंकार जी का जन्म दिवस समारोह बहुत ही सादगी के साथ मनाया गया।
विज्ञप्ति मे बताया कि चरथावल की प्रमुख आध्यात्मिक संस्था श्री अरविन्द निकेतन आश्रम मे इस संस्था के संस्थापक स्वतन्त्रता सैनानी श्री अरविन्द आचार्य अभयदेव वेदालंकार का जन्मोत्सव बडे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
प्रातः साढे आठ बजे से साढे नो बजे तक उपस्थ्ति सभी अनुयायियो ने यज्ञ किया। जिसमे 101 आहुतियां दी गई। इसके पश्चात श्री आचार्य अभयदेव जी के ध्यान कक्ष मे सभी ने ध्यान किया। ध्यान के पश्चात सभी आगन्तुको को प्रसाद का वितरण किया गया। तत्पश्चात परम श्रद्धेय श्री आचार्य अभयदेव जी के बारे मे एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम संस्था के मैनेजिंग ट्रस्टी श्री धर्मराज त्यागी पूर्व प्रधानाचार्य ने श्री आचार्य अभयदेव जी के फोटो पर माल्यार्पण कर पुष्प चढाए। फिर सभी ने फोटो पर पुष्प अर्पित किए।
इस अवसर पर आयोजित विचार गोष्ठी की अध्यक्षता बालकृष्ण गुप्ता ने की। सबसे पहले उपस्थित अनुयायियो ने कोरोना महामारी से बचने के लिए सभी को मास्क वितरित किए गए।
इस दौरान सोशल डिस्टेन्स का विशेष ध्यान रखा गया। तथा सभी अनुयायियो ने भारत चीन सीमा पर शहीद हुए भारत माता के 20 वीर जवानो को श्रृद्धाजलि दी। जिन्होने भारत माता की रक्षा के लिए गलवान घाटी मे अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।गोष्ठी का संचालन सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता धनन्जय त्यागी ने की। श्री धनंजय त्यागी ने श्री आचार्य अभयदेव जी के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इसके अतिरिक्त तेल्लूराम त्यागी, मदद बाबु, मीरा देवी, धनन्जय त्यागी ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राज त्यागी ने कहा कि हमारा देश कोरोना जैसी महामारी से जुझ रहा है।
ऐसे समय मे हमारे देश को अभयदेव जी के विचार तथा महर्षि अरविन्दजी के आध्यात्मिक शब्दो की जरूरत है। हम उनका अनुसरण करते हुए कोराना व सीमा पर संकट दोनो पर विजयी हो सकते हैं। कार्यक्रम मे धर्मराज त्यागी, जसबीर,नन्द किशोर, आचार्य विनोद,पूर्व सीओ विनोद त्यागी, प्रवीण त्यागी, भारत गुप्ता, अरविन्द, अशोक कुमार, श्रीमति मीरा, तेल्लूराम त्यागी, मदन बाबू, नरेन्द्र, बुद्धिमान त्यागी, विजय पाल आदि मौजूद रहे।
