ट्रान्सफर पोस्टिंग में पूर्व डीजीपी ओपी सिंह की भूमिका की जाँच की मांग
लखनऊ । एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने पैसे पर आईपीएस तथा अन्य पुलिस अफसरों के ट्रान्सफर पोस्टिंग की शिकायतों में पूर्व डीजीपी ओ पी सिंह की भूमिका की जाँच की मांग की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे अपने पत्र में नूतन ने कहा कि एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में आईपीएस अफसर अजयपाल शर्मा तथा हिमांशु कुमार द्वारा मेरठ तथा आगरा जैसे जिलों की पोस्टिंग के लिए दलालों को 60-80 लाख रुपये देने तथा अन्य जिलों के पोस्टिंग के रेट की बात कही है।
उन्होंने कि इन बातों से स्पष्ट है कि उस समय विभिन्न पोस्टिंग के लिए तय रेट थे, जो सबों को ज्ञात थे. यह भी सर्वविदित है कि डीजीपी के रूप में अपनी तैनाती के समय ओ पी सिंह बहुत ताकतवर थे.
उस समय यह चर्चा बहुत जोरों से उठी थी कि तत्कालीन प्रमुख सचिव गृह अरविन्द कुमार उनके ट्रान्सफर पोस्टिंग की संस्तुतियों में बाधा बन रहे थे
जिसके कारण दोनों अफसरों में भारी मतभेद व विवाद हुआ था. इसमें भी ओ पी सिंह भारी पड़े थे तथा अरविन्द कुमार को गृह विभाग से हटना पड़ा था। नूतन ने कहा कि इन सभी तथ्यों से पुलिस अफसरों के इस प्रकार के ट्रान्सफर-पोस्टिंग में ओ पी सिंह की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है.
अतः उन्होंने ओ पी सिंह के डीजीपी रहते पुलिस अफसरों के भारी संख्या में किये गए ट्रान्सफर एवं पोस्टिंग की जाँच इस संबंध में बनाये गए नियमों के आलोक तथा गलत ढंग से हुए ट्रान्सफर के आरोपों के सन्दर्भ में किये जाने की मांग की है।

