संपादकीय विशेष

पीएमएमवीवाई में अब घर से ही कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन,हेल्पलाइन नंबर पर फोन से ली जा सकती है जानकारी

मुजफ्फरनगर, 30 दिसम्बर 2020। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) का लाभ पाने के लिए अब घर बैठे ही आनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया अभियान में एक और कदम बढ़ाते हुए इस योजना में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा दी जा रही है। इसके लिए लाभार्थियों को वेबसाइट पर लागिन करना होगा।

 नोडल अधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि पीएमएमवीवाई रजिस्ट्रेशन के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। 28 दिसंबर से शुरू हुआ यह अभियान 2 जनवरी 2021 तक चलेगा।

अभियान के तहत लाभार्थियों के पंजीकरण किये जा रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन के बजाए कोई लाभार्थी ऑफ लाइन आवेदन करना चाहता है तो वह पहले की तरह ब्लॉक स्तर पर, संबंधित कार्यालय अथवा आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से आवेदन कर सकता है। आनलाइन आवेदन के लिए उन्हें कहीं जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

घर बैठे ही आवेदन किया जा सकेगा। इसके अलावा राज्य स्तर से हेल्प लाइन नंबर 7998799804 जारी किया गया है। इस हेल्प लाइन नंबर पर लाभार्थी स्वयं ही कॉल करके योजनाके आवेदन संबंधी तथा भुगतान न होने पर आ रही समस्या का निराकरण प्राप्त कर सकते हैं।

सीएमओ डॉ. प्रवीण चोपड़ा ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन के लिए लाभार्थी जब www. Pmmvy-cas.nic.in  पर लॉगिन करेंगे तो उनके मोबाइल फोन पर ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आएगा साइट पर ओटीपी डालकर संबंधित फॉर्म भर कर आवेदन किया जा सकता है। उन्होंने बताया पहली बार गर्भवती होने वाली महिला को योजना के तहत तीन किश्तों में 5000 रुपये की धनराशि दी जाती है

चाहे प्रसव सरकारी या निजी अस्पताल में कराया हो। पंजीकरण के लिए माता-पिता का आधार कार्ड, मां की बैंक पासबुक की फोटो कापी जरूरी है। मां का बैंक अकाउंट ज्वाइंट नहीं होना चाहिए। निजी अकाउंट ही मान्य होगा। पंजीकरण कराने के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं।

प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर तीसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये दिए जाते हैं। यह सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में ही किये जाते हैं।

उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि गर्भवती महिलाओं के अच्छे रख-रखाव एवं पोषण के लिए प्रदान की जाती है। यह योजना जनपद के सभी ब्लॉक एवं ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध है।

कार्यक्रम की मुख्य समन्वयक रुचि श्रीवास्तव ने बताया जिले में 50071 लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। पहली बार गर्भवती हुई महिलाएं इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ लें।

जिस किसी लाभार्थी की दूसरी और तीसरी किश्त शेष है वह भी आवेदन कर लाभ प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि यदि महिला का गर्भपात हो जाता है तो तो पुन: गर्भवती होने पर शेष किश्तों का योजना के अंतर्गत दावा कर सकती है।

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