Muzaffarnagar में पोलियो अभियान का भव्य शुभारंभ, जिला पंचायत अध्यक्ष ने बच्चों को पिलाई पोलियो की खुराक
Muzaffarnagar जनपद में आज से शुरू हुए पल्स पोलियो अभियान ने स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जन जागरूकता को एक नई दिशा दी है। यह अभियान जिले के लाखों बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अभियान की शुरुआत माननीय जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निवाघ्ल जी एवं सहारनपुर मंडल के संयुक्त निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, डॉ. कुमुद जी ने की। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय मखियाली में बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर इस अभियान का शुभारंभ किया। यह दिन मुजफ्फरनगर के लिए एक ऐतिहासिक दिन था, जिसने न केवल प्रशासनिक उपस्थिति को बल्कि समुदाय की भागीदारी को भी दर्शाया।
अभियान की महत्ता और लक्ष्य
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. शैलेश जैन ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य 5 लाख 30 हजार 421 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना है। यह संख्या जनपद की जनसंख्या और स्वास्थ्य पर नजर डालते हुए बहुत महत्वपूर्ण है। पोलियो, जो एक घातक बीमारी हो सकती है, से बच्चों को बचाना प्राथमिकता है। इसका प्रमुख लक्ष्य बच्चों को पूर्ण रूप से पोलियो मुक्त बनाना है ताकि भविष्य में कोई भी बच्चा इस रोग से प्रभावित न हो सके।
जिला पंचायत अध्यक्ष का संदेश
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निवाघ्ल ने इस अवसर पर अपने संबोधन में सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को पोलियो से सुरक्षा देने के लिए पोलियो बूथ पर लाकर उन्हें यह खुराक पिलवाएं। उन्होंने कहा, “पोलियो एक ऐसी बीमारी है जो बच्चों की जीवनभर की स्वास्थ्य यात्रा को प्रभावित कर सकती है। इसलिए, हम सभी का कर्तव्य बनता है कि बच्चों को इसके प्रकोप से बचाएं। यह अभियान उनकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।”
सहारनपुर मंडल के संयुक्त निदेशक की भूमिका
डॉ. कुमुद जी ने अपने संबोधन में अभियान के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियों की हैं। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, अधिकारियों, और स्थानीय समुदायों से सहयोग की अपील की ताकि कोई भी बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे। उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह गर्व का विषय है कि हमारे प्रयास से बच्चों को एक सुरक्षित भविष्य मिल सकेगा। यह अभियान हर बच्चे को पोलियो से बचाने में सहायक साबित होगा।”
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां और प्रक्रिया
डॉ. शैलेश जैन ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान की तैयारी में हर संभव कदम उठाए हैं। जिले में 12,000 से अधिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, और अन्य चिकित्सा अधिकारी इस अभियान में शामिल होंगे। इन कार्यकर्ताओं को पोलियो की खुराक पिलाने और उसकी प्रक्रिया को सही तरीके से लागू करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। अभियान के दौरान, पोलियो बूथ हर जगह स्थापित किए गए हैं, जिनमें स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों, और स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चे को खुराक देने की व्यवस्था की गई है।
बच्चों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
पोलियो अभियान के शुभारंभ के बाद, प्राथमिक विद्यालय मखियाली में बच्चों और उनके अभिभावकों का उत्साह देखा गया। एक स्थानीय अभिभावक, श्रीमती रेखा यादव ने कहा, “इस अभियान से हमें आशा है कि हमारे बच्चे पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रहेंगे। यह हम सभी के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है।”
वहीं, एक 5 वर्षीय बच्चे के माता-पिता ने अपनी खुशी जताई कि उनके बच्चे को समय पर पोलियो की खुराक मिल रही है। उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए आए हैं कि हमारा बच्चा पूरी तरह से सुरक्षित रहे।”
अभियान के प्रचार-प्रसार के उपाय
पोलियो अभियान के प्रभावी प्रचार के लिए विभाग ने कई उपाय किए हैं। हर पोलियो बूथ पर पोस्टर, बैनर और अन्य प्रचार सामग्री लगाई गई है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभियान की जानकारी दी जा रही है ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान में शामिल हो सकें। प्रशासन ने स्थानीय रेडियो स्टेशन और समाचार पत्रों के जरिए भी इस अभियान को प्रोत्साहित किया है।
चिकित्सा अधिकारियों का समर्थन और भविष्य की योजना
डॉ. विपिन कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, ने बताया कि अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि अभियान के हर चरण को व्यवस्थित और सफलतापूर्वक लागू किया जाए। उनका कहना है, “हमने हर गांव, शहर और नगर पंचायत में पोलियो बूथ स्थापित किए हैं ताकि कोई भी बच्चा छूट न जाए।”
उम्मीदें और उद्देश्य
पोलियो अभियान का उद्देश्य सिर्फ एक बार की खुराक देना नहीं बल्कि एक व्यापक प्रयास करना है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चे भविष्य में इस बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित रहें। यह अभियान स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक महत्त्वपूर्ण पहल है, जो जन जागरूकता को भी बढ़ावा देगा।
मुजफ्फरनगर में आज से शुरू हुए इस अभियान ने न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र में बल्कि समाज में भी एक नई जागरूकता लहर पैदा की है। यह अभियान एक प्रेरणा है कि जब समाज और सरकार एकजुट होते हैं तो किसी भी समस्या का हल संभव है। इस बार की पोलियो मुक्ति की दिशा में किए गए प्रयास और उनकी सफलता का संदेश पूरे देश में गूंजेगा।

