कैटरिंग कारोबार पूरी तरह ठप: मंदी से जूझ रहा होटल कारोबार भी अब पूरी तरह बेपटरी
मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के चलते पहले से ही प्रभावित शादी-समारोह के साये की रही-सही कसर अब शासन के नए निर्देशों ने पूरी कर दी है, जिससे सभी कैटरिंग कारोबार पूरी तरह ठप हो गए हैं। वहीं, पहले से ही मंदी से जूझ रहा होटल कारोबार भी अब पूरी तरह बेपटरी हो गया है।
कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों ने शादी-समारोह से जुड़े कारोबार को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। वर्ष २०२० पूरी तरह लॉकडाउन से प्रभावित रहने के बाद इस वर्ष मार्च के अंतिम सप्ताह से शादी-समारोह के अनगिनत शुभ मुहूर्त थे, जिनके आयोजन के लिए होटल-रेस्टोरेंट्स के साथ ही कैटरिंग कारोबारियों की भी बुकिंग हो चुकी थी।
साये बहुतायत में होने के चलते इस बार इस कारोबार से जुड़े सभी लोग काफी अच्छे लाभ की आशा लगाए हुए थे, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने इस कारोबार से जुड़े सभी लोगों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। पहले कोरोना कर्फ्यू और अब शादी-समारोह में केवल २५ लोगों की मौजूदगी के शासन के आदेशों ने इस कारोबार की पूरी तरह से कमर तोड़कर रख दी है।
शहर के रामलीला टिल्ला निवासी कैटरिंग व्यवसायी ऋषिपाल कारीगर ने बताया कि इस बार काफी अच्छा सीजन निकलने की उम्मीद थी, जिस पर कोरोना ने पानी फेर दिया है।
एक शादी में कैटरिंग से जुड़े ही २०-२५ लोग काम करते हैं, लेकिन मात्र २५ लोगों की मौजूदगी के आदेशों से शादी-समारोह में अब केवल घर के ही लोग शामिल हो पाएंगे। इन आदेशों के चलते उनके यहां इस सीजन की काफी बुकिंग निरस्त भी हो चुकी हैं।
शाहबुद्दीनपुर रोड निवासी जयवीर कैटर्स ने बताया कि पिछले वर्ष पूरा सीजन लॉकडाउन की भेंट चढ़ने से इस बार इस सीजन में काफी अच्छी उम्मीद थी, लेकिन पहले रात की शादियां बंद होने और अब सीमित मेहमानों की मौजूदगी के आदेशों ने पूरे व्यवसाय की कमर तोड़ दी है।
कोरोना प्रभाव के चलते उनकी काफी बुकिंग निरस्त हुई हैं, जिसके चलते लेबर भी खाली बैठी हुई है, जिनके सामने आर्थिक संकट भी उत्पन्न हो रहा है।

