Muzaffarnagar News: रामपुर तिराहा कांड: केस की पैरवी करने में लग गये है आदोंलनकारी
Muzaffarnagar News: मुजफ्फरनगर। 26 वर्ष पूर्व अलग राज्य उत्तराखंड आंदोलन बनाने की मांग को लेकर चले आंदोलन और आंदोलनकारियों पर गोली चलाने की घटना के बाद अब पुनः इस प्रकरण ने सिर उठा लिया है और उत्तराखंड की जनता उक्त कांड के आरोपियों को सजा दिलाने हेतु मुखर हो चली है।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के वकील व प्रमुख आंदोलनकारी रमन शाह ने कचहरी स्थित फैंथल हाल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि 26 वर्ष पूर्व जलिया वाला बाग की तरह से उत्तराखंड के लोगों पर जो अत्याचार किया गया था। उस मामले में सीबीआई ने सात केस मुजफ्फरनगर में तथा पांच देहरादून कोर्ट में दाखिल किये थे जो आज भी लम्बित पड़े हुए है।
उपरोक्त कांड के प्रणेता और मुख्य आरोपी अनन्त कुमार सिंह जिन्हे बाद में उत्तरांचल का मुख्य सचिव बना दिया गया था अब उनके सेवानिवृत्त हो जाने के बाद उत्तराखंड के आदोंलनकारी पुनः जागृत होकर इस केस की पैरवी करने में लग गये है। रमन शाह ने बताया कि उपरोक्त कांड का चश्मदीद गवाह सुभाष गिरी का केस अभी भी अधूरा है। यद्यपि इसमे एफआर लग चुकी है लेकिन अब आगे कोर्ट के आदेश पर इसकी जांच को चलवाया जायेगा।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए रमन शाह ने कहा कि रामपुर तिराहा कांड में जहां मृतकों को दस-दस लाख रूपये की मदद दी गयी थी लेकिन आरोपी आज भी बचे फिर रहे है। उन्होंने कहा कि हम मुजफ्फरनगर की जनता को प्रणाम करने आये है और यहां के बार ने हमे आश्वस्त किया है कि भविष्य में आंदोलन की पैरवी के दौरान जो भी कानूनी दिक्कते आयेंगी उसमे बार संघ पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने बताया कि केस को आगे बढाने के लिए उनके पास राज्यपाल की स्वीकृति है।
सीबीआई से अनुरोध किया जायेगा कि सुभाष गिरी का प्रकरण भी पुनः खोलकर जांच की जाये। वैसे भी यह मामला धारा 302 से संबंधित है। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि उत्तराखंड के आदोंलनकारी 26 साल से शांत नहीं है वहां के लोग आंदोलन करना जानते है राजनीति नहीं। उन्होंने यह कहा कि हर साल दो अक्टूबर को इस कांड के शहीदों को श्रद्धाजंलि अर्पित कर उनकी यादों को ताजा किया जाता है लेकिन अब यह प्रकरण फिर से चाल पकडेगा।
पत्रकार वार्ता के दौरान जिला बार संघ के अध्यक्ष कलीराम, सचिव अरूण शर्मा के अलावा आमोद त्यागी एडवोकेट, प्रभाकर जोशी, भगवत सिंह, पं. महावीर शर्मा, पंकज गौतम, अमित जैन, अनुराग वर्मा एडवोकेट, श्यामाचरण पंवार एडवोकेट, रजनीश चौहान आदि मौजूद रहे।

