Aligarh बवाल पर पुलिस का बड़ा एक्शन: 11 नामजद समेत 100 से अधिक लोगों पर केस दर्ज, दो हिरासत में; CCTV से हो रही पहचान
News-Desk
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aligarh, अलीगढ़ समाचार, उत्तर प्रदेश समाचार, एफआईआर, एसपी सिटी, कानून-व्यवस्था, चंडौस, पुलिस कार्रवाई, बवाल, सड़क हादसा, सीसीटीवी जांचAligarh। अलीगढ़ जिले के चंडौस कस्बे में सड़क हादसे के बाद हुए बवाल के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने 11 नामजद आरोपियों सहित 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में शनिवार को पुलिस ने गांव एलमपुरा में दबिश देकर दो आरोपियों को हिरासत में लिया। बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के कारण गांव में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क हादसे में 11 वर्षीय बालक की हुई थी मौत
जानकारी के अनुसार 2 जुलाई को गेहूं से लदी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से 11 वर्षीय वंश सिसोदिया की मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस के अनुसार इसके बाद कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से उपद्रव किया गया, जिसके चलते सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई।
ट्रैक्टर में आग लगाने और तोड़फोड़ का आरोप
प्राथमिक जांच के अनुसार, घटना के बाद भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने ट्रैक्टर में आग लगा दी। इसके अलावा ईंट, पत्थर, सरिया और अन्य वस्तुओं से ट्रैक्टर में तोड़फोड़ किए जाने का भी आरोप है।
पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर मौजूद पुलिस टीम को भी विरोध का सामना करना पड़ा और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की गई।
पुलिस वाहन और फायर ब्रिगेड के कार्य में बाधा डालने का आरोप
एफआईआर के अनुसार, उपद्रव के दौरान पुलिस वाहन को पलटाने का प्रयास किया गया। साथ ही आग बुझाने पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम तथा रास्ता साफ करने के लिए पहुंची क्रेन के कार्य में भी बाधा पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस इन सभी आरोपों की जांच उपलब्ध वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कर रही है।
11 नामजद और 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा
इस मामले में उपनिरीक्षक अजय सिंह की तहरीर पर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने 11 नामजद आरोपियों के साथ-साथ 100 से अधिक अज्ञात व्यक्तियों को भी मुकदमे में शामिल किया है। रिपोर्ट में पुलिस पर कथित हमले, आगजनी, सरकारी कार्य में बाधा, लोक शांति भंग करने तथा अन्य संबंधित धाराओं को शामिल किया गया है।
दो लोगों को हिरासत में लिया गया
पुलिस ने शनिवार को गांव एलमपुरा में दबिश देकर दो संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लिया।
अधिकारियों के अनुसार उनसे पूछताछ की जा रही है और जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश में भी लगातार दबिश दे रही है।
CCTV फुटेज और स्थानीय इनपुट के आधार पर जांच
पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय सूचनाओं तथा मुखबिर तंत्र की मदद ली जा रही है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका का निष्पक्ष आकलन किया जा सके।
उपनिरीक्षक आदित्य श्रीवास्तव को सौंपी गई विवेचना
पूरे मामले की विस्तृत विवेचना उपनिरीक्षक आदित्य श्रीवास्तव को सौंपी गई है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिन लोगों की भूमिका नहीं मिलेगी, उनके संबंध में जांच के निष्कर्षों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
एसपी सिटी बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
एसपी सिटी आदित्य बंसल ने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
उन्होंने कहा कि लोक शांति भंग करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि वर्तमान में कस्बे की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी हुई है।
क्षेत्र में पुलिस की सतर्क निगरानी जारी
घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही नागरिकों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध भी किया गया है।

