Bareilly रेलवे में टिकट कालाबाजारी का बड़ा खुलासा: आरपीएफ ने आरक्षण पर्यवेक्षक को किया गिरफ्तार, तत्काल टिकटों का करोड़ों नहीं तो लाखों का खेल बेनकाब
News-Desk
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bareilly, rpf action, आरपीएफ, टिकट दलाल, तत्काल टिकट, बरेली न्यूज, मुरादाबाद मंडल, रेलवे घोटाला, रेलवे टिकट कालाबाजारी, रेलवे समाचार, शैलेन्द्र दुबेBareilly । रेलवे में तत्काल टिकटों की कथित कालाबाजारी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बड़ी कार्रवाई की है। आरपीएफ ने पितांबरपुर में तैनात मुख्य वाणिज्य सह आरक्षण पर्यवेक्षक शैलेन्द्र दुबे को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह तत्काल श्रेणी के टिकटों का दुरुपयोग कर उन्हें कथित रूप से दलालों तक पहुंचाता था, जिसके बदले उसे प्रति टिकट हजारों रुपये मिलते थे।
मामले में मुंबई निवासी कथित टिकट दलाल रविंद्र साहू का नाम भी सामने आया है, जिसकी तलाश की जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
आरपीएफ की कार्रवाई में रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
मुरादाबाद मंडल के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक महेश यादव के अनुसार, आरपीएफ की कार्रवाई के दौरान शैलेन्द्र दुबे को कथित रूप से रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
जांच के दौरान उसके कब्जे से तीन तत्काल टिकट बरामद किए गए, जिनकी कुल कीमत 20,455 रुपये बताई गई है। इसके अलावा तलाशी में एक महंगा मोबाइल फोन और एक बैंक का डेबिट कार्ड भी बरामद किया गया।
बरामद सामग्री को जांच के लिए कब्जे में ले लिया गया है।
व्हाट्सएप के जरिए भेजता था टिकटों की फोटो
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से बताया कि वह तत्काल टिकटों की तस्वीरें व्हाट्सएप के माध्यम से मुंबई में बैठे कथित टिकट दलाल रविंद्र साहू को भेजता था।
जांच एजेंसियों के अनुसार इसके बाद टिकटों का विवरण तैयार कर उन्हें कथित रूप से फर्जी विंडो टिकट के रूप में यात्रियों तक पहुंचाया जाता था।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम की अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही होगी।
दूर के स्टेशनों वाले टिकटों पर रहता था विशेष फोकस
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कथित नेटवर्क विशेष रूप से उन टिकटों पर काम करता था जिनमें कूच बिहार, दरभंगा और अन्य दूरस्थ स्टेशनों से बोर्डिंग दर्शाई जाती थी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस प्रकार के टिकटों का चयन सुनियोजित तरीके से किया जाता था।
रेलवे अब यह भी जांच कर रहा है कि इस प्रक्रिया का उपयोग कितने समय से किया जा रहा था और इससे कितने यात्रियों तथा टिकटों पर प्रभाव पड़ा।
प्रति टिकट हजारों रुपये मिलने का आरोप
मुख्य वाणिज्य प्रबंधक के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह जानकारी सामने आई है कि कथित टिकट दलाल प्रत्येक टिकट के बदले आरोपी को 5,000 से 7,000 रुपये तक का भुगतान करता था।
जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन, मोबाइल डेटा और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं ताकि पूरे आर्थिक लेनदेन का पता लगाया जा सके।
मुंबई कनेक्शन की जांच तेज
मामले में मुंबई निवासी रविंद्र साहू को वांछित बताया गया है। जांच एजेंसियां उसके संभावित ठिकानों और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यदि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय रहा है, तो जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।
डिजिटल साक्ष्यों की होगी फॉरेंसिक जांच
बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी। जांच के दौरान व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल दस्तावेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जाएगा।
जांच एजेंसियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा टिकटों की कालाबाजारी किस स्तर तक की गई।
रेलवे ने यात्रियों से की सतर्क रहने की अपील
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत रेलवे माध्यमों से ही टिकट खरीदें और किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या दलाल के माध्यम से टिकट लेने से बचें।
यदि किसी यात्री को टिकटों की कालाबाजारी या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो उसकी सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल या संबंधित रेलवे अधिकारियों को देने की सलाह दी गई है।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित नेटवर्क में अन्य रेलवे कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति भी शामिल थे या नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

