मुजफ्फरनगर में कोरोना से लड़ो राम भरोसे, टेस्टिंग के भी है कोटे, दावे कर रहे है घर-घर जाकर जांच करने के, गाँधी कॉलोनी में भी नहीं हुई पूरी जांच
मुजफ्फरनगर। देश में कोरोना की आफत के बीच अगर आप अफसरों और नेताओं के दावे सुने, तो आपको लगेगा कि इस कोरोना काल में अपने देश की मैडिकल व्यवस्था इतनी शानदार हो गयी है कि यूरोप भी हमसे पीछे है, लेकिन अगर सच्चाई की बात करें तो इस समय आप केवल राम भरोसे ही अपने आप को कोरोना से बचा सकते है, इसलिए मास्क लगाये, भीड़ से बचे और दूसरी बनाकर रखें, क्योंकि अगर आप इसकी चपेट में आ गए तो आपको बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है
4 जुलाई को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर प्रवीण चोपड़ा ने एक बयान जारी किया था , पहले आप ये बयान पढ़े-जिले मे कोरोना के संक्रमण की जांच के लिए घर- घर जाकर सर्वे का काम 5 जुलाई रविवार से नागरिको के लिए मुजफ्फरनगर जिले मे शुरू हो जायेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के नागरिको से अपील की है कि कोरोना लक्षण जाँच के महाअभियान मे नागरिक अपना पूरा सहयोग दे और अपने घरों पर टीम आने के दौरान सभी परिवार के सदस्यो की सही जानकारी दे और परीक्षण सर्वे के दौरान अपने घरों पर स्वास्थ्य टीम को उपस्थित मिले, जिससे कि निर्धारित समय मे घर के सभी सदस्यो की जांच की जा सके।
कोरोना चेन को तोडने के लिये पूरे प्रदेश के साथ मुजफ्फरनगर जनपद मे कोरोना को लेकर घर घर सर्वे अभियान की शुरुआत, 5 जुलाई रविवार से दस दिन तक की जायेगी। जिसकी सभी तैयारियों को स्वास्थ्य विभाग ने आज अंतिम रूप दे दिया है।
सी0एम0ओ0 डा0प्रवीन चोपड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार 5जुलाई2020 से घर-घर जाकर कोरोना की चेन को तोड़ने व लक्षण की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्लस पोलियो अभियान की तरह ही जिले भर में काम करेगी और घर घर जाकर सर्वे करेगी।
सी0 एम0 ओ0 डा0 चोपडा ने बताया कि इस अभियान के तहत स्वास्थय विभाग की टीमें सर्वे पूरा करने के बाद हर घर पर पल्स पोलियो अभियान की ही तरह हर घर पर दिनांक व अन्य सूचना अंकित करेगी
और कोरोना जनजागरूकता के लिए स्वास्थय विभाग की टीम, जन जागरुकता स्टीकर भी घरो पर लगायेगी ,यह काम 10 दिन तक सुबह 8 बजे से 2 बजे तक शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों मे हर घर पर होगा। घर के प्रत्येक सदस्य परिवार मे टीम को जांच मे कोरोना के सम्भावित लक्षण मिलेगे, तो उसका जिला अस्पताल मे कोरोना का टैस्ट कराया जायेगा। यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो आगे की कार्यवाही स्वास्थय विभाग सभी गाइड लाईन के अनुसार करेगा ।
सभी टीमें अपनी दैनिक हर घर की रिपोर्ट सुपरवाईजरो व अधिकारियो को देगी , सीएमओ की इस घोषणा के विपरीत जिले में पल्स पोलियों की तरह अभियान चलाने का दावा कर रहे अफसर ही जानते होंगे कि उनका अभियान कहाँ चलाया जा रहा है ?, पल्स पोलियो अभियान जब चलता था तो हर बच्चे- बच्चे को उसकी जानकारी होती थी
लेकिन इस कोरोना जांच अभियान की जानकारी, केवल अफसरों और उनकी फाइलों को ही होती लग रही है। हकीकत में आम आदमी की तो बात दूर मीडिया को भी कोई ये बताने वाला नहीं कि इस दिन इस इलाके में ये जांच की गयी है या की जायेगी। अफसरों के दावे की पोल आज गाँधी कालोनी में भी खुली, रविवार को गाँधी कॉलोनी में एक साथ 11 कोरोना संक्रमित मिले थे जिसके बाद घोषणा की गयी थी कि
सोमवार को गाँधी कॉलोनी में जांच शिविर लगाया जाएगा लेकिन मौहल्ले वाले इन्तजार करते रहे, कोई आया ही नहीं , फिर मंगलवार को तय हुआ, आज टीम आई भी और उसने जांच शुरू की, लेकिन 50 आदमी होते ही मना कर दिया कि इतने ही किट उनके पास है,50 का ही कोटा निर्धारित था,इससे ज्यादा नहीं किये जायेंगे।
घर घर जाकर जांच करने का दावा करने वाले इन अफसरों से क्या कोई जनप्रतिनिधि ये पूछेगा कि क्या कोटे से चलेगा जांच अभियान भी ?,पल्स पोलियो जैसे दावे करने वाले बताये कि क्या उसमे भी ऐसे ही चलता था ? प्रदेश के हर जिले में जिला सर्विलांस अधिकारी नियुक्त है जो रोज मीडिया को स्वास्थ्य विभाग के पूरे अभियान की विस्तृत सूचना उपलब्ध कराता है
लेकिन इस जिले में तो हालात ऐसे है कि सही स्थिति की आम जनता को जानकारी देने को कोई राजी ही नहीं है और इस जिले में सत्ता के मालिक जो है,उन्हें भी आपकी कोई चिंता नजर नहीं आ रही है
इस जिले में केवल अफसर शाही पूरी तरह हावी है और जहाँ देखो केवल वहां सब, केवल औपचारिकता करते ही नजर आ रहे है ,इसलिए आप अपनी सुरक्षा खुद रखे ,किसी के भरोसे बाजारों में ज्यादा भीड़ न लगाये।
