Ramcharitmanas पर विवादित बयान:स्वामी प्रसाद मौर्य पर एफआइआर दर्ज करने की मांग
Ramcharitmanas को लेकर विवादित टिप्पणी का प्रदेश भर में जमकर विरोध हो रहा है। लखनऊ हिंदूवादी संगठनों बयान देने वाले सपा एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तीन अलग अलग संगठनों ने स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए तहरीर दी है। हजरतगंज कोतवाली प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने बताया की सभी तहरीर लेकर एक साथ जांच के बाद करवाई की जाएगी।
बिहार के शिक्षामंत्री चंद्रशेखर ने हाल ही में रामचरित मानस को लेकर विवादित बयान दिया था, इसके बाद देश भर में जमकर बवाल कटा। अब समाजवादी पार्टी के नेता और एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी रामचरित मानस को लेकर विवादित बयान दिया है। एक निजी चैनल में दिए गए इंटरव्यू में स्वामी प्रसाद ने कहा है कि रामचरितमानस में शूद्रों का अपमान किया गया। उन्होंने यह कहा कि ऐसी पुस्तकों से इन दोहों चौपाइयों को हटाना चाहिए या फिर इन्हें प्रतिबंधित करना चाहिए।
रामचरितमानस पर विवादित टिप्पणी करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य का वीडियो सोशल मीडिया में जम कर वीडियो वायरल हो रहा है। जिसके बाद राजधानी में हिन्दू महासभा ने मानस पर अवांछित टिप्पणी करने पर स्वामी प्रसाद पर एफआइआर दर्ज करके प्रदेश में अशांति व दंगा भड़काने के आरोप में जेल भेजने की मांग की है। हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने मौर्य के खिलाफ हजरतगं कोतवाली में तहरीर दी है। इंस्पेक्टर हजरतगंज अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि तहरीर मिली है। उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं अन्य हिन्दू नेता देवेंद्र तिवारी ने स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा रामचरितमानस पर दिए गए बयान पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने राजधानी के आलमबाग थाने में मौर्य के खिलाफ तहरीर दी है। हालांकि इंस्पेक्टर आलमबाग ने बताया कि हजरतगंज थाने में पहले ही इसी मामले को लेकर तहरीर दी जा चुकी है, ऐसे में आगे की कार्रवाई वहीं की जाएगी। तीसरी तहरीर अवधेश तिवारी ने ठाकुरगंज थाने में दी है।
सपा नेता के विवादित बयान पर भाजपा के युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अंशुमान सिंह के नेतृत्व में भाजपाइयों ने सपा नेता का पुतला दहन कर विरोध प्रकट किया है। आपको बता दें कि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व विधान परिषद सदस्य स्वामी प्रसाद मौर्य ने आपत्तिजनक बयान दिया था। उन्होंने रविवार को मीडिया से बातचीत में रामचरितमानस के दोहे और चौपाइयों पर आपत्ति जताई। कहा कि तुलसी दास की रामचरितमानस के दोहों में धर्म की आड़ में दलितों, पिछड़ों और महिलाओं का अपमान किया गया है। इसमें 52% आबादी के बारे में गलत बातें लिखी गई हैं।

