नेत्र स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न
मुजफ्फरनगर। जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा राष्ट्रीय अंधता और दृष्टिक्षीणता नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एक से १५ दिसंबर तक विशेष मोतियाबिंद ऑपरेशन पखवाड़ा चलाया गया।
इसमें ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र में ५ कैंप लगाए गए और मोतियाबिंद के मरीजों की जांच की गई। जांच में बीमारी की पुष्टि होने पर मरीजों को दवा दी गयी और ८१० लोगों के ऑपरेशन किये गये मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. पीएस मिश्रा ने बताया बढ़ती उम्र के साथ होने वाली आंखों की सबसे सामान्य समस्या मोतियाबिंद है, इसमें व्यक्ति की देखने की क्षमता कम हो जाती है और धुंधला दिखाई देने लगता है।
उन्होंने बताया इसके लिए १ से १५ दिसम्बर ग्रामीण शहरी क्षेत्रों में नेत्र स्वास्थ्य एवं जागरूकता कार्यक्रम के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन पखवाड़ा चलाया गया। इसमें ८१० लोगों की आंखों के आपरेशन किये गये।
नेत्र चिकित्सक डॉ वीपी सिंह ने बताया अगर किसी को दूर या पास का कम दिखाई दे, गाड़ी चलाने में समस्या हो या दूसरे व्यक्ति के चेहरे के भावों को न पढ़ पाए तो समझिए आंखों में मोतियाबिंद विकसित हो रहा है। उन्होंने बताया आंखों को प्रभावित करने वाले मुख्य रोग मोतियाबिन्द्, ग्लूकोमा, आयु से संबंधित मैक्यूनलर निम्नीकिरण, भैंगापन, डिटेच्ड रेटिना, मायोपिया और हाइपरमेट्रोपिया हैं। आंखें हमारे शरीर का सबसे महत्व पूर्ण अंग हैं इन्हें रोग मुक्त रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने बताया अगर कुछ बातों पर ध्यान दिया जाए तो आंखों को अनेक रोगों से बचाया जा सकता है साथ ही अच्छी दृष्टि बनाए रखने में मदद भी मिल सकती है।
उन्होंने बताया यदि आप कोई ध्यान लगाने वाला क्रियाकलाप कर रहे हों या पढ़ाई, सिलाई या कंप्यूटर पर काम कर रहे हैं तो ३० मिनट के अंतराल पर अपनी आंखों को पांच मिनट की अवधि का विश्राम जरूर दें। अपनी आंखें बंद कर, अपने काम से हट कर देखना या आकाश में टकटकी लगाना ऐसी क्रियाएं जो आपकी आंखों का तनाव कम करने में मदद कर सकती हैं।
