उफान पर गंगाः पश्चिमी यूपी के गांवों में मंडराया बाढ़ का खतरा, अटकी लोगों की सांसें, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
मुजफ्फरनगर। उत्तराखंड से सोलानी नदी में लगातार छोड़े जा रहे पानी से मुजफ्फरनगर के खादर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पानी बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई। लक्सर मार्ग पर गांव शेरपुर के पास रपटे सहित कई रास्तों पर पानी आ जाने से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
वहीं गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने खादर क्षेत्र के गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया था।उत्तराखंड की शिवालिक पहाड़ियों से पांच हजार क्यूसेक पानी पुरकाजी के खादर क्षेत्र की सोलानी नदी में छोड़ा गया, जिससे सोलानी नदी के उफान पर आ जाने से पानी नदी से बाहर निकलकर आसपास के जंगलों व खेतों में भर गया।
गांवों के रास्तों पर पानी आ जाने से ग्रामीणों का आवागमन भी प्रभावित हो गया। सोमवार की रात पानी और बढ़ जाने से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई, जिससे घबराए ग्रामीणों ने घरों में रखा सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया।
पानी लगातार बढ़ने से मंगलवार सुबह पानी लक्सर मार्ग पर बने रपटे सहित कई मुख्य मार्गों पर आ जाने से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करते हुए पानी से ही गुजरना पड़ा। सोलानी नदी में करीब आठ फुट पानी हो जाने पर वहां नाव का इंतजाम नहीं होने पर ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना कर इधर-उधर गांवों से गुजरकर अपने घरों तक पहुंचना पड़ा।
एसडीएम सदर दीपक कुमार ने बताया कि सोलानी नदी के पास ग्रामीणों के लिए नाव का इंतजाम कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। ग्रामीणों को कोई दिक्कत ना हो प्रशासन द्वारा इस ओर पूरा ध्यान रखा जा रहा है। सिंचाई विभाग के एसडीओ जेई अशोक जैन ने बताया कि रात उत्तराखंड से आठ हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा जाएगा। खतरे वाली कोई बात नहीं है। आज सुबह तक सोलानी नदी में जलस्तर पूरी तरह कम हो जाएगा।
उधर, ग्रामीणों ने बताया कि जंगलों व खेतों में पानी भर जाने से पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं होने से पशुओं को चारा नहीं मिल पाया। इस मौके पर राजू प्रजापति, साधुराम, राजेंद्र पांचली, कृष्णपाल आदि ने बताया कि जंगलों व खेतों में पानी भरा रहने से कई दिनों तक चारे की समस्या बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि ऐसे में पशुओं को भूसा खिलाना पड़ेगा। बताया कि नदी के पास नाव का इंतजाम नहीं होने से मंगलवार को ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।
उधर, पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार को खादर क्षेत्र के गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया था। अभी गंगा में जलस्तर बढ़ने की संभावना है। जेई पीयूष कुमार ने बताया कि गंगा का जल स्तर घट बढ़ रहा है। लगातार हो रही बरसात से जलस्तर बढ़ने की संभावना है, अभी तक बैराज पर जलस्तर 219 से कुछ अधिक चल रहा है। मंगलवार को एसडीएम जानसठ ने गंगा बांध का दौरा भी किया।
एसडीएम जानसठ @JansathSdm आईएएस ऑफिसर जयेन्द्र कुमार ने सिंचाई विभाग के जेई के साथ मिलकर बाढ़ संभावित क्षेत्र का किया निरीक्षण, दिए आवश्यक दिशा निर्देश, खतरे के निशान से 0.5m नीचे बह रही है नदी। pic.twitter.com/N0d3I8NjRf
— News & Features Network (@mzn_news) July 20, 2021
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने पर रामराज थाना क्षेत्र के गंगा बैराज पर गंगा का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे गंगा किनारे के गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है। पहाड़ी क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार जारी बारिश के कारण रामराज खादर क्षेत्र के गंगा बैराज पर जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी है।
एसडीएम जानसठ जयेंद्र कुमार नें खादर क्षेत्र की सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर रखा है। हल्का लेखापाल को भी क्षेत्र में रह कर स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
जलस्तर बढ़ने की आशंका को लेकर ही मंगलवार को एसडीएम ने ग्राम अहमदवाला में गंगा बांध गुरुद्वारा पर पहुंच कर ग्रामीणों और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और गंगा बांध की स्थिति के बारे में चर्चा की।

