गड़बड़झाला: फर्जी डिग्रीधारी डॉक्टर और अस्पताल के विरुद्ध सारे सबूत दिए,मगर सीएमओ हैं कि कार्यवाही नही कर रहे- सुमित मलिक
सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा अस्पताल पर छापा मारकर धरपकड़ की गई थी। फर्जी डिग्री एमबीबी एस की मिली। डॉक्टर फर्जी निकला। अस्पताल को सीज कर दिया गया 2 महीने बीत चुके हैं सीएमओ साहब ने अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई करना उचित नहीं समझा। उन्होंने सुषमा से अनुरोध किया कि जल्द से जल्द अपोलो हॉस्पिटल पर कानूनी कार्रवाई करके सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया जाए। जनपद मुजफ्फरनगर में 331 डॉक्टर पंजीकृत हैं। जनपद मुजफ्फरनगर में सीएमओ ऑफिस के द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती इसके चलते आम आदमी के जीवन के साथ झोलाछाप डॉक्टर खिलवाड़ रहे हैं।
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह को एक प्रार्थना पत्र सुमित मलिक द्वारा दिया गया इसमें बताया गया कि मई मे @cmo_mzn को अपोलो हॉस्पिटल फर्जी डिग्री बनवा कर अस्पताल चला रहा था,की जानकारी दी गई थी। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा अस्पताल पर छापा मारकर धरपकड़ की गई थी। pic.twitter.com/P1FOKrdCwu
— News & Features Network (@mzn_news) July 7, 2021
जनपद मुजफ्फरनगर में 10000 से भी अधिक झोलाछाप डॉक्टर फर्जी हॉस्पिटल बनाए रखे हैं जो आम नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं उन्हें लूटने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में सबसे ज्यादा झोलाछाप डॉक्टर है तथा शहरी क्षेत्र में फर्जी डॉक्टरों ने फर्जी तरीके से अस्पताल बना रखे हैं जिन पर एमबीबीएस एमडी लिखा हुआ है जिनका लखनऊ में कोई पंजीकरण नहीं है।
जनपद मुजफ्फरनगर में आम आदमियों के साथ इस तरह का खिलवाड़ होना अपने आप में बहुत बड़ा अपराध है अपराधियों को सलाखों के पीछे होना चाहिए जिससे आम आदमी के जीवन के साथ खिलवाड़ ना हो सके।
सुमित मलिक ने कहा कि जनपद मुजफ्फरनगर में फर्जी झोलाछाप डॉक्टरों का बोलबाला है उनके खिलाफ कोई धरपकड़ अभियान नहीं चला जाता। यदि चला जाता है तो वह औपचारिकता कर दी जाती है।
जनपद में कोविड-19 के चलते फर्जी डॉक्टरों ने आम आदमी को लूटने का प्रयास किया फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त अभियान चलना चाहिए जिससे आम आदमी के जीवन को भी बचा जा सके और उनके जान मान हानि को भी नुकसान ना हो सके।
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