जिला कारागार में कोरोना संक्रमण रोकने में जेल प्रशासन फेल
मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में कोरोना का संक्रमण रोकने में जिला कारागार प्रशासन पूरी तरह फैल नजर आ रहा है। अस्थाई जेल इसी आशय से बनायी गयी थी कि जिला कारागार में कोरोना का संक्रमण न फैले
लेकिन जेल प्रशासन की ढींगामस्ती के कारण आज जेल के हालत काफी खराब हो चुके है। जिला कारागार में 100 से अधिक संक्रमण के केस मिल चुके है। जिला कारागार में बढ रहे कोरोना संक्रमण को लेकर दहशत पसरी हुई है। जेल के बंदियों के साथ बंदीरक्षक भी ड्यूटी करने से डर रहे है।
जिला कारागार में लगाकर कोरोना का प्रकोप बढने से हालत काफी खराब हो चुके है। शासन के आदेश पर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए अस्थाई जेल बनाने के निर्देश दिए गए थे।
जनपद प्रशासन ने जानसठ के कवाल में अस्थाई जेल बनायी थी। अस्थाई जेल बनाए जाने के पश्चात भी जिला कारागार में कोरोना का संक्रमण नहीं रुक रहा है।
हालत इतने बद्दतर हो चुके है कि बंदीरक्षक जेल में ड्यूटी करने से कतरा रहे है। जेल में कोरोना के कारण मुलाकात पर पुरी तरह पाबंदी थी, लेकिन लग रहा इन नियमों को जेल में पुरी तरह पालन नहीं हो रहा है।
अस्थाई जेल बनाने में आए लाखों रुपये की लागत भी जिला प्रशासन की बेकार हो गयी। जिला कारागार में एक साथ 14 कोरोना संक्रमित केस मिले। कोरोना संक्रमण जेल के भीतर फैलने से कही न कही लापरवाही सामने आ रही है।
पिछले दिनों की जेल की कई बैरकों को सील कर दिया गया था। जेल में सजा काट रहे बंदी कोरोना संक्रमण के कारण काफी दहशत में है।
