उत्तर प्रदेश

Khatauli के भाजपा विधायक विक्रम सैनी की विधायकी खत्म, विक्रम सैनी की जयंत चौधरी को खुली चुनौती, बोले मुजफ्फरनगर से लडकर दिखाएं चुनाव, जब्त होगी जमानत

Khatauli  मुजफ्फरनगर दंगों में कोर्ट द्वारा 2 साल की सजा सुनाए जाने के बाद आज जनपद के खतौली विधानसभा क्षेत्र से दूसरी बार विधायक चुने गए विक्रम सैनी की सदस्यता रद्द हो गई है। रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने आजम खान की विधायकी रद्द किए जाने के बाद विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर विक्रम सैनी की सदस्यता को लेकर सवाल उठाया था।

बीते दिनों एमपी एमएलए कोर्ट ने बीजेपी से खतौली विधायक विक्रम सैनी को दो साल की सजा सुनाई थी। कहा जा रहा है कि सजा होने के साथ ही विक्रम सैनी की सदस्यता स्वतः रद हो गई है ओर जल्द ही विक्रम सैनी की सीट को विधानसभा सचिवालय रिक्त घोषित करेगा।

माना जा रहा है कि अब प्रदेश में आजम खान की रामपुर सीट के साथ-साथ खतौली विधानसभा सीट पर भी जल्द उपचुनाव होगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी ने विक्रम सैनी की सदस्यता रद करने को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को पत्र लिखा था।

सदस्यता रद्द होने के बाद विक्रम सैनी ने जयंत चौधरी पर बडा हमला बोलते हुए उन्हे मुजफ्फरनगर से चुनाव लडने की चुनौती देने के साथ ही जमानत तक जब्त कराने की बात कह डाली। एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए विक्रम सैनी ने कहा कि कानूनन उनकी सदस्यता तो रद्द होनी ही थी लेकिन जयंत चौधरी ने चिट्ठी लिखकर अपनी ओर अपनी पार्टी की हार की पटकथा लिख डाली है।

विक्रम सैनी ने कहा कि मुजफ्फरनगर में चौधरी अजित सिंह को चुनाव हराया। अब जयंत चौधरी मुजफ्फरनगर से चुनाव लडकर देख लें, उनकी जमानत जब्त होगी।विक्रम सैनी की विधायकी समाप्त होने के बाद जयंत चौधरी ने ट्वीट कर लिखा ’आख़रिकार कोर्ट के आदेश का संज्ञान लेकर भाजपा के विधायक विक्रम सैनी की सदस्यता रद्द की गई है। उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष को मेरे पत्र के बाद कुछ लोग कह रहे थे की मुझे जन प्रतिनिधित्व क़ानून की पूरी जानकारी नहीं है! सदन की गरिमा के लिए ये कदम अनिवार्य था।’

इससे पहले आजम खान की सदस्यता रद्द किए जाने के बाद जयंत चौधरी ने ट्वीट कर सवाल उठाया था कि ’खतौली, मुजफ्फरनगर से भाजपा विधायक विक्रम सैनी के बारे में क्या? जिन्हें 11 अक्टूबर को 2 साल की सजा सुनाई गई थी? जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत दो या अधिक वर्षों के कारावास के साथ अपराध के लिए दोषी ठहराए जाने पर विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया जाता है।’

27 अगस्त 2013 को कवाल कांड के बाद 28 अगस्त की शाम कवाल में तोड़फोड़ एवं मारपीट हुई थी। बाद में 29 अगस्त को दोनों पक्षों में झगड़ा हो गया था। इस मामले में जानसठ पुलिस ने विधायक विक्रम सैनी समेत 28 लोगों को आरोपी बनाकर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। इनमें से एक आरोपी की मृत्यु हो चुकी है।

Shyama Charan Panwar

एस0सी0 पंवार (वरिष्ठ अधिवक्ता) टीम के निदेशक हैं, समाचार और विज्ञापन अनुभाग के लिए जिम्मेदार हैं। पंवार, सी.सी.एस. विश्वविद्यालय (मेरठ)से विज्ञान और कानून में स्नातक हैं. पंवार "पत्रकार पुरम सहकारी आवास समिति लि0" के पूर्व निदेशक हैं। उन्हें पत्रकारिता क्षेत्र में 29 से अधिक वर्षों का अनुभव है। संपर्क ई.मेल- panwar@poojanews.com

Shyama Charan Panwar has 358 posts and counting. See all posts by Shyama Charan Panwar

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

two × 2 =