संपादकीय विशेष

Muzaffarnagar- खूबसूरत परिंदों से Haiderpur Wetland में भरा है खजाना

मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar) प्राकृतिक नजारों और पक्षियों से प्रेम करने वालों के लिए हैदरपुर वेटलैंड (Haiderpur Wetland) किसी खजाने से कम नहीं हैं। यहां प्राकृतिक नजारों की भरमार तो है ही, साथ ही ८० से ज्यादा तरह के प्रवासी पक्षी भी हैं। कई स्थान ऐसे हैं, जहां पर प्रवासी पक्षी डेरा डालते हैं और अपना वंश आगे बढ़ाते हैं।

इनमें ब्लैकनेक्ड स्टोर्क, पेंटेड स्टोर्क, ग्रे बिलिड कूकू, हनी बजर्ड, ग्रे हॉनबिल, जकाना, ओपनबिल स्टोर्क, कॉटन पिजम, हेरोन आदि ८० से अधिक प्रजाति के पक्षी दिखते हैं। मुख्य रूप से ये पक्षी मंगोलिया, साइबेरिया, नार्वे सहित पूरे यूरोपियन देशों से आते हैं। अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक काफी संख्या में प्रवासी पक्षी यहां पहुंच जाते हैं। यही कारण है कि इन दिनों गंगा का किनारा इन विदेशी मेहमानों से गुलजार हो रहा है।

पिछले साल हैदरपुर वेटलैंड में आयोजित किए बर्ड फेस्टिवल में दो ही दिन में पक्षियों की २६७ प्रजाति नजर आईं थी। उत्तर भारत में ग्रे लेग गूज पक्षी का सबसे बड़ा जमावड़ा हैदरपुर वेटलैंड में ही मिला है। वेटलैंड में इस प्रजाति के करीब साढ़े तीन हजार पक्षी तक एकसाथ जर आ चुके हैं। इस सीजन में इन पक्षियों के यहां पहुंचने से पर्यावरण प्रेमी गदगद हैं।

हैदरपुर वेटलैंड में बर्ड वॉचिंग भी की जाती है। पिछले साल यहां देश भर के बर्ड वॉचर ने वेटलैंड में बर्ड वॉचिंग की थी। बर्ड वॉचिंग में पहले ही दिन में १०० से अधिक प्रजाति दिखीं थी। इनमें चार नई प्रजाति भी दिखी थीं। वेटलैंड में पहली बार बर्ड वॉचिंग के दौरान ऑरफियन वार्बलर, व्हाइट टेल्ड ईगल, ब्राह्मिनी काइट, पेंडूलाइन टिट आदि पक्षी दिखे थे। इस बार भी इन परिंदों के यहां बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है।

बर्ड वॉचिंग के लिए यहां सुबह का समय सबसे मुफीद है। बर्ड वॉचिंग के दौरान आप यहां देशी-विदेशी पक्षियों के साथ साथ कछुए भी बड़ी संख्या में देख सकते हैं। वेटलैंड में प्रवासी पक्षियों के बड़े-बड़े झुंड भी दिखते हैं। कुछ झुंडों में तो पक्षियों की संख्या सैकड़ों में रहती है। विदेशी पक्षियों के यहां पहुंचने पर पर्यावरण प्रेमी जहां इसे अच्छा संकेत मान रहे हैं। वहीं वेटलैंड में जैव विविधता बढ़ने से पर्यावरण प्रेमी गदगद दिख रहे हैं।

हैदरपुर वेटलैंड में बार हैडेड गूज, पिंटेल, कूट्स, ग्रेलेग गूज, पोचर्डस, स्टोर्क, गल्स, इग्रेट, एबोसेट्स, सुर्खाब, स्पूनबिल, गॉडविट्स आदि सैकड़ों प्रजाति के सुंदर पक्षी दिखते हैं। राज्य पक्षी सारस भी खूब दिखते हैं।

साइबेरिया, मंगोलिया से आता है ग्रे लेग गूज-यहां दो तीन साल पहले तक ग्रे लेग गूज प्रजाति के करीब दो हजार पक्षी दिखे थे, लेकिन पिछले सीजन में करीब साढ़े तीन हजार पक्षी दिखे । ग्रे लेग गूज पक्षी साइबेरिया व मंगोलिया से भारत में आते हैं। वेटलैंड में इस प्रजाति के पक्षी की तादाद सबसे ज्यादा मिली है।

Dr. S.K. Agarwal

डॉ. एस.के. अग्रवाल न्यूज नेटवर्क के मैनेजिंग एडिटर हैं। वह मीडिया योजना, समाचार प्रचार और समन्वय सहित समग्र प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है। उन्हें मीडिया, पत्रकारिता और इवेंट-मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में लगभग 3.5 दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव है। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों, चैनलों और पत्रिकाओं से जुड़े हुए हैं। संपर्क ई.मेल- drsanjaykagarwal@gmail.com

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