Muzaffarnagar में कोर्ट ने सुनाई १०० रुपये का जुर्माना की सजा तो रालोद विधायक अनिल कुमार ने दिया बडा बयान
Muzaffarnagar पुरकाजी से सपा-रालोद गठबंधन विधायक अनिल कुमार को अदालत ने गुरुवार को आचार संहिता उल्लंघन के एक मामले में दोषी करार दिया है। एमपीध्एमएलए कोर्ट ने अनिल कुमार पर दोषी ठहराते हुए १५ दिन की सजा और १०० रुपये का जुर्माना भी ठोका है।
विधायक अनिल कुमार २०१७ के आचार संहिता उल्लंघन के एक मामले में आज कोर्ट में पेश हुए थे। दरअसल विधानसभा चुनाव २०१७ में रालोद नेता और पुरकाजी से मौजूदा विधायक अनिल कुमार ने नामांकन किया था। नामांकन के बाद थाना सिविल लाइन पुलिस ने उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।
आरोप था कि अनिल कुमार ने अपने समर्थकों संग ढोल नगाड़ो के साथ पहुंचकर नामांकन किया था। इस मामले में पुलिस ने विवेचना कर विधायक के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
विधानसभा चुनाव 2017 के नामांकन के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पुरकाजी सुरक्षित सीट से रालोद विधायक अनिल कुमार को 15 दिन का कारावास और एक सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। सजा के खिलाफ अपील के लिए विधायक ने एक माह का समय मांगा। अदालत ने अंतरिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने फैसला सुनाया।
उधर सजा का ऐलान होने के बाद रालोद विधायक अनिल कुमार ने बडा बयान दिया।बसपा प्रत्याशी के तौर पर अंकित विहार निवासी अनिल कुमार 21 जनवरी 2017 को करीब सवा सौ समर्थकों और ढोल, नगाड़ों और लाउडस्पीकार के साथ नामांकन करने के लिए पहुंचे थे। सिविल लाइन थाने के एसआई बाबू लाल ने सिटी मजिस्ट्रेट से प्रकरण की लिखित शिकायत की। इसके बाद अदालत में धारा 188 में परिवाद दर्ज कराया गया।
प्रकरण की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट/सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एफटीसी के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने प्रकरण की सुनवाई की। बुधवार को पुरकाजी विधायक अदालत में पेश हुए। अदालत ने उन्हें आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
सजा के बाद बचाव पक्ष ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर फैसले के खिलाफ अपील दायर करने के लिए एक माह का समय मांगा। अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत मंजूर कर ली है, जिससे विधायक को राहत मिली।

