वैश्विक

भारत और चीनी सेना के बीच वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की बैठक शनिवार को मोल्डो में

भारत और चीनी सेना के बीच पूर्वी लद्दाख में एक महीने से चल रहे कटु विवाद को समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों के बीच वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की बैठक शनिवार को होगी। भारतीय सेना के सूत्रों के मुताबिक यह बैठक शनिवार की सुबह चीन के मोल्डो में होगी।

भारत और चीन के मध्य चल रहे तनाव के बीच चीन ने भारतीय सीमा पर नए कमांडर की नियुक्ति की है। इस नई नियुक्ति की पुष्टि एक जून को हुई थी, जिसके मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल शू किलियांग को पीएलए (पीपल्स लिबरेशन आर्मी) के पश्चिमी थिएटर कमांड ग्राउंड फोर्स का नया कमांडर बनाया गया है। 

यह कमांड भारतीय सीमा को लेकर जिम्मेदार होगी और यह चीन की पांच थिएटर कमांड में सबसे बड़ी है। विवाद के बीच लेफ्टिनेंट जनरल किलियांग की इस नियुक्ति को चीन की रणनीतिक चाल माना जा रहा है क्योंकि वह पहले इसी पद पर पूर्वी थिएटर कमांड में तैनात थे।

लेह के 14 कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।  चीन की ओर से इस बैठक में मेजर जनरल लियू लिन शामिल होंगे।

वह चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी की दक्षिणी शिनजियांग सेना क्षेत्र के कमांडर हैं। दोनों पक्षों के मध्य पहले ही स्थानीय कमांडरों के बीच कम से कम 10 दौर की और मेजर जनरल स्तरीय अधिकारियों के बीच तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। लेकिन चर्चा से कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला। 

उम्मीद है कि शनिवार की बैठक में भारतीय पक्ष पैंगोंग त्सो और गलवान घाटी में यथास्थिति बहाल रखने पर जोर देगा ताकि पांच मई को दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प के बाद चीन द्वारा बनाए गए अस्थायी शिविरों को हटाते हुए तनाव में धीरे-धीरे कमी लाई जा सके।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल, अप्रैल 2018 में वुहान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच पहले अनौपचारिक शिखर सम्मेलन में लिए गए निर्णयों के अनुरूप, दोनों सेनाओं द्वारा जारी रणनीतिक दिशा-निर्देशों के कार्यान्वयन पर जोर देगा।

समझा जाता है कि दोनों पक्ष गतिरोध दूर करने के लिए राजनयिक स्तर पर भी प्रयासरत हैं। 2017 के डोकलाम प्रकरण के बाद दोनों पक्षों के बीच यह सबसे गंभीर सैन्य गतिरोध है।पिछले महीने गतिरोध शुरू होने के बाद भारतीय सैन्य नेतृत्व ने फैसला किया कि भारतीय सेना पैंगोंग त्सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी के सभी विवादित क्षेत्रों में चीनी सैनिकों की आक्रामक मुद्रा से निपटने के लिए दृढ़ दृष्टिकोण अपनाएगी।

समझा जाता है कि चीन पैंगोंग त्सो और गलवान घाटी में लगभग 2,500 सैनिकों को तैनात करने के अलावा धीरे-धीरे अस्थायी बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है और हथियारों की तैनाती बढ़ा रहा है।

बता दें कि चीन ने लद्दाख में अक्साई चिन की गलवां घाटी में भारत की ओर से एक महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी। पांच मई को लगभग 250 भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच लोहे की छड़ों और डंडों के साथ झड़प हुई थी। सड़क का निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है।

 

News-Desk

News Desk एक समर्पित टीम है, जिसका उद्देश्य उन खबरों को सामने लाना है जो मुख्यधारा के मीडिया में अक्सर नजरअंदाज हो जाती हैं। हम निष्पक्षता, सटीकता, और पारदर्शिता के साथ समाचारों को प्रस्तुत करते हैं, ताकि पाठकों को हर महत्वपूर्ण विषय पर सटीक जानकारी मिल सके। आपके विश्वास के साथ, हम खबरों को बिना किसी पूर्वाग्रह के आप तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, हमें संपर्क करें: info@poojanews.com

News-Desk has 21234 posts and counting. See all posts by News-Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twenty − 7 =