बंद कमरे में मिला पुजारी का शव, जांच में जुटे अफसर, जड़ी-बूटियों की दवा से करते थे उपचार
मुजफ्फरनगर। जनपद के गांव रहकड़ा में काली मंदिर के पास कच्चे मकान में रहने वाले पुजारी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव कच्चे मकान के बंद कमरे में पड़ा मिला, जिसके सिर में चोट के निशान थे। पुजारी पैरों में जूते पहने थे। पुलिस ने शव को मोर्चरी भिजवा दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पश्चिम बंगाल प्रांत के जनपद नदिया निवासी गौतमदास (50) पुत्र रविंद्र मोहन करीब 12 साल से क्षेत्र के गांव रहकड़ा स्थित काली मंदिर में पूजा-पाठ करते थे। मंदिर के पास ही गांव निवासी सतेंद्र के खाली पड़े कच्चे मकान के कमरे में उन्होंने डेरा डाला हुआ था। पुजारी के दिखाई नहीं देने पर कुछ ग्रामीण एकत्र होकर उन्हें देखने मकान में पहुंचे, जहां पुजारी का कमरा अंदर से बंद मिला। ग्रामीणों ने किसी तरह कमरे का जर्जर गेट खोलकर अंदर कदम रखा तो चारपाई पर पुजारी का शव पड़ा मिला। उनके सिर में चोट का निशान था, जिससे थोड़ा सा खून निकला हुआ था।
वहीं ग्रामीणों की सूचना पर सीओ राममोहन शर्मा व इंस्पेक्टर एमएस गिल मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कमरे से बाहर निकाला। सूचना पर एसपी देहात नेपाल सिंह ने भी मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद शव को मोर्चरी भेज दिया गया।चार साल पूर्व पत्नी व दो बेटियां लौट गईं थीं घर-गांव रहकड़ा में काली मंदिर के पुजारी गौतमदास के साथ उनकी पत्नी रेखा व दो बेटियां भी रहतीं थीं। हालांकि करीब चार साल पूर्व पत्नी व बेटियां घर लौट गईं थीं, जिसके बाद पुजारी कभी-कभी उनसे मिलने पश्चिम बंगाल आते-जाते रहते थे।
जड़ी-बूटियों की दवा से करते थे उपचार-गांव रहकड़ा में पुजारी गौतमदास देशी उपचार भी करते थे। अक्सर उनके पास से गांव-देहात के लोग जड़ी-बूटियों से निर्मित दवा बनवाकर ले जाते थे।
सीओ भोपा राममोहन शर्मा का कहना है कि पुजारी का शव बंद कमरे में मिला है। प्रथम दृष्टया जांच में देर रात पुजारी को चारपाई से उठते समय अचानक हार्ट की शिकायत होने पर चारपाई के पाए पर गिर जाने से सिर में चोट लगना प्रतीत हो रहा है। संभवतरू सिर में चोट लगने व हार्ट अटैक होने से पुजारी की मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की जानकारी मिलेगी, जिसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
