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US Israel Iran War का 11वां दिन: ट्रम्प की बड़ी चेतावनी, होर्मुज में तेल सप्लाई रोकी तो होगा 20 गुना हमला; ईरानी खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में शरण

US Israel Iran War  के बीच मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष का 11वां दिन काफी अहम घटनाओं के साथ सामने आया है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया है और चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका उससे 20 गुना अधिक ताकत से जवाबी हमला करेगा

ट्रम्प ने स्पष्ट कहा कि जब तक दुश्मन की क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। उनके बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस युद्ध को लेकर चिंता और बढ़ गई है।


होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ट्रम्प की कड़ी चेतावनी

US Israel Iran War News के बीच राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोमवार रात प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। यदि ईरान ने इस समुद्री मार्ग को बाधित करने की कोशिश की, तो अमेरिका बेहद कठोर कार्रवाई करेगा।

ट्रम्प के अनुसार यदि ईरान इस रणनीतिक रास्ते को बंद करने का प्रयास करता है, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश ऐसी सैन्य कार्रवाई करेंगे जो ईरान के लिए बेहद भारी साबित हो सकती है।

उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में अमेरिका और इजराइल पीछे हटने वाले नहीं हैं और दुश्मन की क्षमता को खत्म करने तक अभियान जारी रहेगा।


अब तक 5,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला

ट्रम्प ने दावा किया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान में 5,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है

उन्होंने कहा कि इन हमलों में कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण ठिकानों को जानबूझकर अभी तक निशाना नहीं बनाया गया है।

ट्रम्प के अनुसार इन स्थानों को भविष्य की सैन्य रणनीति के लिए सुरक्षित रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर उन पर भी कार्रवाई की जा सके।


फ्लोरिडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया बयान

US Israel Iran War News को लेकर ट्रम्प ने फ्लोरिडा के डोरल शहर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका और इजराइल इस संघर्ष में काफी बढ़त हासिल कर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि संभव है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो जाए, लेकिन फिलहाल सैन्य अभियान जारी रहेगा। उनके अनुसार इस समय कई रणनीतिक ऑपरेशन चल रहे हैं और स्थिति लगातार बदल रही है।


ईरानी महिला खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में शरण

इसी बीच US Israel Iran War News से जुड़ा एक मानवीय पहलू भी सामने आया है। ईरान की महिला फुटबॉल टीम की पांच खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया ने मानवीय आधार पर अपने देश में शरण दे दी है।

ऑस्ट्रेलिया के इमिग्रेशन मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि इन खिलाड़ियों को मानवीय वीजा जारी किया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।

जिन खिलाड़ियों को यह वीजा मिला है उनके नाम हैं:

  • फतेमेह पसंदिदेह

  • जहरा घनबारी

  • जहरा सरबली

  • अतेफे रमजानजादेह

  • मोना हमौदी

ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने यह भी कहा है कि यदि टीम की अन्य खिलाड़ी भी चाहें तो उन्हें भी इसी तरह का वीजा दिया जा सकता है।


राष्ट्रगान न गाने के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंता

यह मामला तब सामने आया जब एशियन कप के दौरान दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैच से पहले ईरान की महिला टीम ने राष्ट्रगान नहीं गाया था

इसके बाद ईरान में कुछ लोगों ने खिलाड़ियों की आलोचना की और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इस घटना के बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई।


ऑस्ट्रेलिया में खिलाड़ियों के समर्थन में प्रदर्शन

US Israel Iran War News के बीच रविवार को ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट स्टेडियम के बाहर सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने “सेव अवर गर्ल्स” के नारे लगाए और खिलाड़ियों को सुरक्षा देने की मांग की। उनका कहना था कि खिलाड़ियों को राजनीतिक विवादों का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए।


ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने भी पुष्टि की

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी पुष्टि की कि इन पांच खिलाड़ियों को मानवीय वीजा दिया गया है।

इस वीजा के तहत वे ऑस्ट्रेलिया में रह सकती हैं, काम कर सकती हैं और पढ़ाई भी कर सकती हैं। सरकार ने कहा कि यह फैसला खिलाड़ियों की सुरक्षा और मानवीय आधार पर लिया गया है।


अमेरिका ने भी शरण देने की जताई थी इच्छा

US Israel Iran War News के बीच राष्ट्रपति ट्रम्प ने भी कहा था कि यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिका भी इन खिलाड़ियों को शरण देने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा कि दुनिया भर में खिलाड़ियों की सुरक्षा और मानवाधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।


मध्य पूर्व में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध लगातार वैश्विक राजनीति और सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर सैन्य तनाव बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इससे जुड़े मानवीय पहलू भी सामने आ रहे हैं। ईरानी महिला खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में शरण मिलने की घटना इस बात का संकेत देती है कि युद्ध और राजनीतिक तनाव का असर खेल और समाज के अन्य क्षेत्रों तक भी पहुंच रहा है। आने वाले दिनों में इस संघर्ष की दिशा और इसके वैश्विक प्रभाव पर दुनिया की नजर बनी हुई है।

 

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