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वेनेजुएला संकट में सत्ता परिवर्तन: Delcy Rodríguez बनीं कार्यवाहक राष्ट्रपति, अमेरिकी ऑपरेशन के बाद मादुरो गिरफ्तार

Venezuela crisis ने दक्षिण अमेरिका की राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। तेजी से बदले घटनाक्रम में वेनेजुएला की सत्ता अब Delcy Rodríguez के हाथों में चली गई है। देश की सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकारी उपराष्ट्रपति रहीं डेल्सी रोड्रीगेज़ को कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया है। यह फैसला उस समय आया, जब अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की खबरें सामने आईं।


🔴 अमेरिकी ऑपरेशन के बाद सत्ता में बड़ा उलटफेर

अमेरिकी कार्रवाई के बाद राजधानी काराकस समेत पूरे देश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। सरकारी और विपक्षी दोनों खेमों में बयानबाजी का दौर चला। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 233 और 234 का हवाला देते हुए यह स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति को सत्ता संभालनी होती है। इसी संवैधानिक प्रावधान के तहत डेल्सी रोड्रीगेज़ ने कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला।

रॉयटर्स के हवाले से आई जानकारी के अनुसार, डेल्सी रोड्रीगेज़ उस समय रूस में थीं और वेनेजुएला लौटने की तैयारी कर रही हैं।


🔴 कौन हैं डेल्सी रोड्रीगेज़: वामपंथी राजनीति की अनुभवी चेहरा

डेल्सी एलोइना रोड्रीगेज़ गोमेज़ का जन्म 18 मई 1969 को काराकस में हुआ। वे पेशे से वकील हैं और वेनेजुएला की सेंट्रल यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की। छात्र जीवन से ही वे वामपंथी राजनीति और सामाजिक आंदोलनों से जुड़ी रहीं। उनके राजनीतिक विचार दिवंगत राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज़ की ‘बोलिवेरियन क्रांति’ से गहराई से प्रभावित रहे हैं।

पिछले दो दशकों से वे ‘चाविस्मो’ आंदोलन का प्रमुख चेहरा रही हैं, जिसे शावेज़ ने स्थापित किया और बाद में मादुरो ने आगे बढ़ाया।


🔴 मादुरो की सबसे भरोसेमंद सहयोगी

डेल्सी रोड्रीगेज़ को मादुरो सरकार की सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिना जाता है। उनके भाई जॉर्ज रोड्रीगेज़ नेशनल असेंबली के अध्यक्ष हैं और सत्ता के केंद्र में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं। 2013-14 में डेल्सी रोड्रीगेज़ सूचना एवं संचार मंत्री रहीं, इसके बाद 2014-17 के बीच विदेश मंत्री के तौर पर उन्होंने संयुक्त राष्ट्र समेत कई वैश्विक मंचों पर सरकार का बचाव किया।

2017 में गठित संविधान सभा की अध्यक्षता भी उन्होंने की, जिसके जरिए सरकार ने विपक्ष के प्रभाव को सीमित किया। इस कदम पर अंतरराष्ट्रीय आलोचना भी हुई।


🔴 उपराष्ट्रपति से कार्यवाहक राष्ट्रपति तक का सफर

2018 में मादुरो ने डेल्सी रोड्रीगेज़ को उपराष्ट्रपति नियुक्त किया। इसके बाद वे लगातार सरकार की दूसरी सबसे ताकतवर नेता रहीं। वे देश की आर्थिक नीति, वित्त और पेट्रोलियम मंत्रालय जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी भी संभालती रहीं। मादुरो की गिरफ्तारी से ठीक पहले तक वे सरकार के रणनीतिक निर्णयों में केंद्रीय भूमिका निभा रही थीं।


🔴 अमेरिकी कार्रवाई पर डेल्सी रोड्रीगेज़ का कड़ा रुख

मादुरो की गिरफ्तारी की खबरों के कुछ घंटों बाद डेल्सी रोड्रीगेज़ ने राष्ट्रीय रक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अमेरिकी कदम को वेनेजुएला की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। सरकारी टीवी पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “आज जो वेनेजुएला के साथ हुआ, वह किसी भी देश के साथ हो सकता है।”

उन्होंने मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस की तत्काल रिहाई की मांग की और लैटिन अमेरिकी देशों से इस कार्रवाई की निंदा करने की अपील की।


🔴 मादुरो की गिरफ्तारी और अमेरिका की दलीलें

रिपोर्ट्स के अनुसार, 3 जनवरी की रात अमेरिकी बलों ने ऑपरेशन चलाया और मादुरो को हिरासत में लिया। बाद में उन्हें न्यूयॉर्क लाया गया, जहां अगले सप्ताह मैनहैटन की अदालत में पेश किए जाने की संभावना जताई गई। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि मादुरो पर ड्रग्स और हथियार तस्करी से जुड़े गंभीर आरोप हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस ऑपरेशन को “ऐतिहासिक और निर्णायक” बताया। उनके अनुसार, जब तक वेनेजुएला में हालात स्थिर नहीं होते, तब तक एक विशेष टीम संक्रमण काल को संभालेगी।


🔴 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं: समर्थन और विरोध

इस घटनाक्रम पर वैश्विक प्रतिक्रियाएं तीखी रहीं। अफ्रीकी संघ ने कथित ‘किडनैपिंग’ पर चिंता जताई और संप्रभुता के सम्मान की बात कही। चीन और रूस ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की, जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि वे लोकतांत्रिक संक्रमण पर अमेरिका से बातचीत जारी रखेंगे।


🔴 विपक्ष की दावेदारी और आगे की अनिश्चितता

वेनेजुएला का विपक्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनावों को विवादित मानता रहा है और एडमुण्डो गोंजालेज़ उरुतिया को वैध विजेता बताता है। विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने राष्ट्रीय एकता की अपील करते हुए सत्ता हस्तांतरण की बात कही।

इस पृष्ठभूमि में डेल्सी रोड्रीगेज़ की कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में भूमिका अहम हो जाती है—एक ओर संवैधानिक वैधता, दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय दबाव और देश के भीतर राजनीतिक ध्रुवीकरण।


🔴 आगे क्या: वेनेजुएला की राह पर नजर

Venezuela crisis के इस मोड़ पर देश की अर्थव्यवस्था, तेल-ऊर्जा सेक्टर और सुरक्षा व्यवस्था पर फैसले निर्णायक साबित होंगे। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि क्या संक्रमण शांतिपूर्ण रहेगा और क्या लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। डेल्सी रोड्रीगेज़ के सामने चुनौती है—संस्थागत स्थिरता बनाए रखना, कानून-व्यवस्था संभालना और देश को अस्थिरता से बाहर निकालना।

वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के इस असाधारण दौर में डेल्सी रोड्रीगेज़ की कार्यवाहक अध्यक्षता केवल एक संवैधानिक कदम नहीं, बल्कि क्षेत्रीय राजनीति के लिए संकेतक बन गई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि संकट संवाद और लोकतांत्रिक संक्रमण की ओर बढ़ता है या वैश्विक टकराव की नई रेखाएं खिंचती हैं।

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