टिकरिंग का उद्देश्य छात्रों में रचनात्मकता को बढ़ावा देना-डॉ राजुल गर्ग
दीवान वीएस इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी परतापुर बाईपास मेरठ में आज मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के तत्वावधान में टिंकरिंग लैब का शुभारम्भ दीवान वी एस ग्रुप ऑफ़ इंस्टीटूशन्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कर्नल (डॉ.) नरेश गोयल एवं डायरेक्टर (प्लानिंग एंड डेवलपमेंट) लेफ्टिनेंट कर्नल मनीष शर्मा के कर कमलों के द्वारा हुआ.
इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ राजुल गर्ग ने तकनीकी शिक्षा में टिकरिंग के महत्व को समझाया. उन्होंने बताया कि टिकरिंग का उद्द्देश्य छात्रों में रचनात्मकता एवं नवाचार को बढ़ावा देना है. स्कूलों में भी बच्चों एवं युवाओं में वैज्ञानिक सोच को विकसित करने के उद्द्देश्य से नीति आयोग ने अटल इनोवेशन मिशन के तहत अटल टिकरिंग लैब स्थापित की है.
दीवान इंजीनियरिंग कॉलेज : डॉ. नरेश गोयल ने किया टिंकरिंग लैब का शुभारम्भ
देश की बहुत कम इंजीनियरिंग कॉलेजेस में इस प्रकार की लैब स्थापित है जिनमे केवल प्रमुख आईआईटी ही है. इस क्षेत्र में संभवत यह अपने प्रकार की प्रथम लैब होगी. इस लैब में पहले दिन फोर स्ट्रोक पेट्रोल इंजन पर कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमे विभाग के छात्र एवं छात्राओं ने खराब इंजन को ठीक करना सीखा. ट्रेनर्स ने इंजन की दक्षता बढ़ाने के गुर भी सिखाये.
मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि यह तो मात्र एक पायलट रन है. आने वाले समय में डीजल इंजन, सी एन जी इंजन, ड्यूल ईंधन इंजन, इलेक्ट्रिक कार, थ्री डी प्रिंटर आदि पर इस लैब के माध्यम से कार्यशालाएं आयोजित करने की योजनाए है. एवं साथ ही साथ डोमेन एक्सपर्ट्स को भी आमंत्रित किया जाएगा. यह लैब कुशल पेशेवर बनने में छात्रों की मदद करेगी एवं इस क्षेत्र की आवश्यकताओं की पूर्ती करने में सहायक होगी.
लैब के शुभारम्भ पर दीवान वी एस ग्रुप ऑफ़ इंस्टीटूशन्स के चेयरमैन विवेक दीवान ने हर्ष व्यक्त किया. लैब को स्थापित करने में विभाग के शिक्षक सुमित कुमार, राजीव कुमार, कपिल सिंह, रवि कुमार, अभिषेक गुलाटी एवं हरीश कुमार आदि का सहयोग रहा. उदघाटन के अवसर पर शेखर पुंडीर, शिल्पी बंसल, नितिन गोयल एवं मनीष यदुवंशी मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
