Muzaffarnagar News: लगातार चलेगा सफाई अभियान, सफाई का पर्यवेक्षण
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) नगरपालिका चेयरमैन अंजू अग्रवाल ने कहा कि शहर की हर गली हर सड़क हर मोहल्ले में लगातार स्वच्छता अभियान जारी रहेगा। विशेष अभियान पालिका अध्यक्ष श्रीमती अंजू अग्रवाल के द्वारा राजीव कुमार जोनल सेनेटरी अधिकारी को साथ लेकर वार्ड संख्या २० पवन कुमार वार्ड संख्या ४० सरफराज आलम वार्ड संख्या २२ श्रीमती रेहाना बेगम पत्नी नौशाद कुरेशी वार्ड संख्या १३ अरविंद धनगर एवं वार्ड संख्या ३१ श्रीमती पूनम शर्मा सभासद गण के वार्ड की सफाई का पर्यवेक्षण किया।
कई जगह सफाई कर्मचारी खाली बैठे मिले तो नगर पालिका अध्यक्ष अंजू अग्रवाल द्वारा कड़े निर्देश दिए गए एवं चेतावनी दी गई कि वह अपनी बताई गई बीट पर सफाई कार्य करना सुनिश्चित करें।
कार्य में उदासीनता एवं लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा पुनरावृति पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से सेवाएं समाप्त की जाएगी।
पालिका अध्यक्ष श्रीमती अंजू अग्रवाल के साथ भिन्न-भिन्न स्थलों पर पवन कुमार, सरफराज आलम, नौशाद कुरेशी, अरविंद धनगर एवं श्रीमती पूनम शर्मा सभासद गण के अलावा राजीव कुमार जोनल सेनेटरी अधिकारी, अवनीश कुमार, राजेश कुमार कांट्रेक्टर स्टेनो अध्यक्ष गोपाल त्यागी एवं एसके बिट्टू तथा क्षेत्रीय नागरिक गण मौजूद रहे।
गोष्ठी का हुआ आयोजन
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) साहित्यिक संस्था वाणी की मासिक काव्य गोष्ठी द्वारिकापुरी स्थित कवयित्री वीना गर्ग के निवास पर वाणी अध्यक्ष राकेश कौशिक की अध्यक्षता और सचिव रामकुमार रागी के संचालन में हुई। रचनाकारों ने सामाजिक और राष्ट्रीय सरोकारों से जुड़ी रचनाओं के माध्यम से सकारात्मक और रचनात्मक संदेश संप्रेषित करने का प्रयास किया।
पंकज शर्मा ने रचना यूं पढ़ी-ज्ञान केवल ये नहीं है सत्य की ललकार है। होना ही था तुझसे तेरा युद्ध अबकी बार है। गजलकार सुनीता सोलंकी की रचना-चारो ओर संकट के बादल घिर आये, कानों को केवल कौतूहल राग सुनाएं। लक्ष्मी डबराल की रचना- आईना भी याब मुझसे कतराने लगा।
मीरा भटनागर की कविता- फूल कहें ना कहें रंगत ने दास्तान कर दी। बताने को पीड़ा मन की शबनम ने राह आसान कर दी। रामकुमार रागी की रचना-जिदगी फिर से खूबसूरत हो, आपको फिर मेरी जरूरत हो। अध्यक्ष राकेश कौशिक की रचना-रेखा का तीसरा छोर, दिनमान प्रखर, फिर भी लगे कुहासा है हर ओर।
विजया गुप्ता की रचना- पल-पल छिन-छिन गिने हमने। घरों में नजरबंद हुए काल चक्र रुका अचानक कार्य सब मंद हुए। इसके अतिरिक्त गजलकार मुकेश दर्पण, संतोष कुमार फलक, सुशीला शर्मा, कमला शर्मा, डा. रश्मि, सुमन युगल, योगेंद्र सोम, विनीत भारद्वाज, एडवोकेट ब्रजेश्वर सिंह, निशु भारद्वाज, वीरेश त्यागी, जेपी सविता, सपना अग्रवाल ने भी अपनी रचनाएं सुनाकर वाहवाही लूटी।


