Mirzapur : संस्कृत विभाग से निशुल्क पर्यटन विभाग को स्थानांतरित किया जाएगा चुनार का किला
Mirzapur स्थित चुनार किला को सरकार के द्वारा संस्कृत विभाग से निशुल्क पर्यटन विभाग को स्थानांतरित किया जाएगा. सरकार के द्वारा चुनार किला को म्यूजियम व हेरिटेज होटल आदि पर्यटन इकाइयों के रूप में विकसित किया जाएगा. ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक चुनार किला दर्शन कर सके. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव पास किया गया है, जिसके बाद तैयारी तेज हो गई हैं.
Mirzapur चुनार का किला कई किदवंतियों को अपने में समेटे हुआ है. चुनार किला को देखने के लिए देश ही नही बल्कि विदेशों से लोग यहां आते है. मिर्जापुर के इस प्राचीन धरोहर को विकसित करने के लिए कैबिनेट में महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है. इसके तहत किले का कायाकल्प किया जाएगा. किला में पर्यटकों के लिए म्यूजियम, हेरिटेज होटल, रिजॉर्ट आदि पर्यटन इकाई के रूप में विकसित किया जाएगा. कायाकल्प करने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर टेंडर लाकर किले को लीज पर दिया जाएगा. इससे सरकार के राजस्व में वृद्धि भी होगी, जहां कई लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिलेगा.
Mirzapur जिले में स्थित चुनार किला पर 17 शासकों ने राज किया है. 2067 साल पहले उज्जैन के राजा विक्रमादित्य ने किले का निर्माण कराया था. जितने शासकों ने किले पर राज किया,उन्होंने कुछ न कुछ नया निर्माण कराया. 1333 में स्वामी राजा ने अपनी बेटी राजकुमारी सोनवा के लिए सोनवा मंडप का निर्माण कराया. 1567 में अकबर के द्वारा किले के दक्षिणी द्वार पर अकबरी गेट का निर्माण कराया गया था. चुनार किले में 10 दर्शनीय स्थल है, जहां घूमने के लिए पर्यटक दूर दराज से आते है.
Mirzapur चुनार किला पर ब्रिटिश हुकूमत का भी राज रहा. 1765 में ईस्ट इंडिया के अधीन आने के बाद किले के दक्षिणी ओर एक नया द्वार बनाया गया. इस द्वार से अंग्रेजों के वाहन आते जाते थे. यहीं नही ईस्ट इंडिया कंपनी के गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स का सबसे प्रिय किला रहा था.

