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Muzaffarnagar में जिला एकीकरण समिति की बैठक: राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सौहार्द और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने पर जोर

Muzaffarnagar। जनपद में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सद्भाव को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से विकास भवन स्थित सभागार में जिला एकीकरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल ने किया। इस दौरान राष्ट्रीय एकीकरण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा जिले में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई।

बैठक में अधिकारियों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए।


राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत बनाने पर विशेष जोर

बैठक में बताया गया कि प्रदेश के सभी जनपदों में राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सद्भाव की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिला एकीकरण समितियों का पुनर्गठन किया गया है। इन समितियों की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष करते हैं, जबकि मुख्य विकास अधिकारी समिति के सदस्य सचिव होते हैं।

समिति का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न समुदायों के बीच आपसी विश्वास, भाईचारा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। इसके लिए वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।


सामूहिक रूप से मनाए जाएंगे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्व

बैठक में जानकारी दी गई कि जिला एकीकरण समिति के माध्यम से रक्षा बंधन, होली, दीपावली, ईद, बकरीद, क्रिसमस, बसंत पंचमी सहित विभिन्न प्रमुख त्योहारों और उत्सवों को सामूहिक रूप से मनाने की व्यवस्था की गई है।

इन आयोजनों का उद्देश्य विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोगों के बीच आपसी सौहार्द, सहयोग और सामाजिक एकता को मजबूत करना है।


सामाजिक सद्भाव के लिए योगदान देने वालों को किया जाएगा सम्मानित

बैठक में बताया गया कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ-साथ ऐसे व्यक्तियों को भी सम्मानित करने का प्रावधान है जिन्होंने सांप्रदायिक तनाव या दंगों के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरे समुदाय के लोगों की रक्षा की हो।

अधिकारियों ने कहा कि ऐसे प्रेरणादायी व्यक्तित्व समाज के लिए उदाहरण होते हैं और उनके सम्मान से सामाजिक एकता को नई ऊर्जा मिलती है।


लोक संस्कृति के माध्यम से बढ़ेगी सामाजिक एकजुटता

राष्ट्रीय एकीकरण विभाग की योजनाओं के अंतर्गत लोकनृत्य, लोकगीत, कठपुतली नाटक, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अन्य जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की भी जानकारी दी गई।

बैठक में बताया गया कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विभिन्न समुदायों के बीच सांस्कृतिक संवाद बढ़ाना और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है।


जिला एकीकरण समिति की बैठकों के लिए निर्धारित है बजट

बैठक में बताया गया कि जिला एकीकरण समिति की बैठकों एवं अन्य कार्यक्रमों के आयोजन के लिए प्रत्येक जनपद को 20 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की जाती है। वर्ष में आयोजित होने वाली प्रत्येक बैठक पर अधिकतम 5 हजार रुपये व्यय करने का प्रावधान निर्धारित किया गया है।


राष्ट्रीय अखंडता दिवस पर होंगे विशेष कार्यक्रम

बैठक में जानकारी दी गई कि 31 अक्टूबर को लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती प्रतिवर्ष राष्ट्रीय अखंडता दिवस के रूप में मनाई जाती है।

इस अवसर पर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसके लिए शासन द्वारा प्रत्येक जिले को 50 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। इन कार्यक्रमों के आयोजन की जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंपी गई है।


19 से 25 नवंबर तक मनाया जाएगा कौमी एकता सप्ताह

भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक वर्ष 19 नवंबर से 25 नवंबर तक कौमी एकता सप्ताह आयोजित किया जाता है। यह सप्ताह पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।

बैठक में बताया गया कि इस आयोजन के लिए प्रत्येक जनपद को 5 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की जाती है तथा कार्यक्रमों का संचालन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के माध्यम से किया जाता है।


महान विभूतियों की जयंती पर भी होंगे विशेष आयोजन

बैठक में राष्ट्रीय एकता एवं सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन ज्ञात एवं अज्ञात महान विभूतियों की जयंती मनाने की योजना पर भी चर्चा की गई, जिन्होंने सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

इस योजना के तहत प्रत्येक जनपद को 35 हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। कार्यक्रमों का आयोजन जिला प्रशासन अथवा प्रतिष्ठित गैर-सरकारी संस्थाओं के माध्यम से किया जा सकता है।

बैठक में सभी खंड विकास अधिकारियों तथा समिति के सदस्यों से ऐसे प्रेरणास्रोत व्यक्तित्वों के नाम प्रस्तावित करने का भी अनुरोध किया गया।


समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने रखे अपने विचार

बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और सहभागिता बढ़ाने से समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार होता है।

उन्होंने युवाओं को संविधान के मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।


ये गणमान्य लोग रहे मौजूद

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल, जिला विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी, समाजसेविका बीना शर्मा, होतीलाल शर्मा, शहर काजी तनवीर आलम, प्रिंसिपल कंचन प्रभा, स्टेनो अक्षय शर्मा सहित जिला एकीकरण समिति के अनेक सम्मानित सदस्य, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सद्भाव को लेकर भविष्य में और अधिक प्रभावी कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सहमति व्यक्त की गई।

 

मुजफ्फरनगर में आयोजित जिला एकीकरण समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के बीच भाईचारा, राष्ट्रीय एकता और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत बनाना रहा। बैठक में राष्ट्रीय एकीकरण विभाग की योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों के प्रभावी संचालन पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों और समिति के सदस्यों ने समाज में आपसी विश्वास, सहयोग और सद्भाव की भावना को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया।

 

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