शादी के 5 महीने बाद पत्नी की रहस्यमयी मौत, भारतीय Software Engineer पर हत्या का आरोप; अगले दिन भारत में गर्लफ्रेंड को भेजी शव की तस्वीर!
अमेरिका में भारतीय मूल के एक Software Engineer से जुड़ा सनसनीखेज मामला सामने आया है। Indian Software Engineer Wife Murder Case में 30 वर्षीय अविनाश नार्ने को अपनी 27 वर्षीय पत्नी राजिता सब्बिनेनी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि अविनाश ने कथित तौर पर पत्नी की गला घोंटकर हत्या की और उसकी मौत के अगले दिन शव की तस्वीर भारत में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड को भेजी।
मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तारी वारदात के तुरंत बाद नहीं हुई। पुलिस ने करीब नौ महीने तक मामले से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, अपार्टमेंट के स्मार्ट लॉक और सिक्योरिटी सिस्टम के डेटा समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की। इसके बाद जुलाई 2026 में अविनाश से दोबारा पूछताछ की गई और उसे फर्स्ट डिग्री मर्डर के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है। उसे जमानत के लिए 50 लाख डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में करीब 47 करोड़ रुपये की राशि चुकानी होगी। मामले में दोषी साबित होने की स्थिति में उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है। हालांकि अविनाश नार्ने ने अपने ऊपर लगे हत्या के आरोप से इनकार किया है और अंतिम फैसला अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
तेलंगाना का रहने वाला है आरोपी अविनाश नार्ने, अमेरिका में करता है नौकरी
आरोपी की पहचान 30 वर्षीय अविनाश नार्ने के रूप में हुई है। वह मूल रूप से तेलंगाना का रहने वाला बताया गया है और अमेरिका में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत है। उसकी शादी 5 जून 2025 को 27 वर्षीय राजिता सब्बिनेनी से हुई थी।
दोनों की शादी को अभी करीब पांच महीने ही बीते थे कि 27 अक्टूबर 2025 को राजिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआत में यह मामला अचानक हुई मौत जैसा नजर आया, लेकिन जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ी, कई ऐसे तथ्य सामने आने का दावा किया गया, जिन्होंने जांच की दिशा बदल दी।
अब करीब नौ महीने बाद हुई गिरफ्तारी ने इस पूरे मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
27 अक्टूबर की वह रात, जब पुलिस के पास पहुंचा अविनाश का फोन
पुलिस के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 को अविनाश ने अधिकारियों को फोन कर बताया कि उसकी पत्नी बाथरूम के अंदर बंद है और दरवाजा नहीं खोल रही है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
बताया गया कि बाथरूम का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर राजिता का शव मिला। अविनाश ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वह करीब 40 मिनट के लिए घर से बाहर गया था। जब वह वापस लौटा तो उसकी पत्नी बाथरूम के अंदर बंद थी और कोई जवाब नहीं दे रही थी।
शुरुआती परिस्थितियों में सवाल यह था कि आखिर उन 40 मिनट के दौरान अपार्टमेंट में क्या हुआ? क्या किसी बाहरी व्यक्ति ने घर में प्रवेश किया था? क्या महिला अचानक किसी स्वास्थ्य समस्या की शिकार हुई थी या मौत के पीछे कोई और कारण था?
इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस ने अपार्टमेंट में लगे आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
स्मार्ट लॉक और सिक्योरिटी सिस्टम के डेटा ने जांच को दिया नया मोड़
Indian Software Engineer Wife Murder Case की जांच में अपार्टमेंट का स्मार्ट लॉक और सिक्योरिटी सिस्टम महत्वपूर्ण साबित हुआ। पुलिस ने डिजिटल डेटा की जांच की तो कथित तौर पर सामने आया कि जिस समय अविनाश ने खुद को घर से बाहर बताया था, उस दौरान किसी अन्य व्यक्ति के फ्लैट में प्रवेश करने का रिकॉर्ड नहीं मिला।
इस जानकारी के बाद पुलिस ने किसी बाहरी व्यक्ति के अपार्टमेंट में आकर वारदात को अंजाम देने की संभावना को खारिज कर दिया।
डिजिटल सुरक्षा उपकरणों से मिले डेटा के बाद जांच का दायरा और अधिक केंद्रित हो गया। पुलिस ने पति-पत्नी के रिश्तों, उनके बीच हुई बातचीत, मोबाइल फोन रिकॉर्ड और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों की जांच तेज कर दी।
आज के दौर में अपराध की जांच में डिजिटल साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण हो गए हैं। स्मार्ट लॉक, मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और ऑनलाइन बातचीत कई मामलों में घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जांच एजेंसियों की मदद करते हैं। इस मामले में भी डिजिटल रिकॉर्ड पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बने।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला घोंटने से मौत का दावा, हत्या की दिशा में बढ़ी जांच
राजिता की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम कराया गया। रिपोर्ट में कथित तौर पर सामने आया कि उसकी मौत गला घोंटने के कारण दम घुटने से हुई थी।
पोस्टमॉर्टम से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने मामले को हत्या मानकर जांच आगे बढ़ाई। इसके बाद अधिकारियों ने राजिता की मौत से पहले की परिस्थितियों और पति-पत्नी के निजी जीवन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल शुरू की।
जांच एजेंसियों के लिए अब बड़ा सवाल यह था कि अगर किसी बाहरी व्यक्ति ने अपार्टमेंट में प्रवेश नहीं किया और महिला की मौत दम घुटने के कारण हुई, तो आखिर वारदात के समय घर के अंदर क्या हुआ था?
करीब नौ महीने तक चली जांच में पुलिस ने कथित तौर पर कई डिजिटल और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को एकत्र किया।
अरेंज मैरिज के बाद भी भारत में रहने वाली महिला से संपर्क का दावा
जांच के दौरान पुलिस के सामने अविनाश के निजी जीवन से जुड़ा एक और पहलू सामने आया। पुलिस का दावा है कि अविनाश का भारत में रहने वाली एक महिला के साथ कई वर्षों से प्रेम संबंध था।
इसी दौरान उसकी शादी राजिता के साथ अरेंज मैरिज के जरिए हुई। पुलिस के मुताबिक, अविनाश की गर्लफ्रेंड उसकी शादी में भी शामिल हुई थी।
आरोप है कि शादी हो जाने के बाद भी अविनाश और भारत में रहने वाली महिला के बीच संपर्क खत्म नहीं हुआ। दोनों लगातार एक-दूसरे के संपर्क में रहे।
पुलिस जांच में कथित तौर पर सामने आया कि राजिता की मौत वाले दिन भी अविनाश ने अपनी गर्लफ्रेंड से कम से कम चार बार बातचीत की थी।
इन कॉल्स और दोनों के बीच संपर्क को भी जांच के दौरान महत्वपूर्ण माना गया।
पत्नी की मौत के अगले दिन गर्लफ्रेंड को भेजी शव की तस्वीर!
पूरे Indian Software Engineer Wife Murder Case में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला दावा राजिता की मौत के बाद की घटना को लेकर किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अविनाश ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि पत्नी की मौत के अगले दिन उसने राजिता के शव की एक तस्वीर भारत में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड को भेजी थी।
इस दावे के सामने आने के बाद मामले ने और सनसनीखेज मोड़ ले लिया। जांच एजेंसियों ने आरोपी और उसकी गर्लफ्रेंड के बीच बातचीत, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल की।
हालांकि केवल संपर्क या तस्वीर भेजने से हत्या का अपराध स्वतः सिद्ध नहीं होता और मामले में अंतिम निर्णय अदालत द्वारा साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही किया जाएगा। पुलिस अपने आरोपों को साबित करने के लिए परिस्थितिजन्य और डिजिटल साक्ष्यों की पूरी श्रृंखला अदालत के सामने रख सकती है।
पत्नी के मैसेज में ‘कड़वे ड्रिंक’ का जिक्र, पुलिस जांच में सामने आई चैट
जांच के दौरान पुलिस को राजिता और अविनाश के बीच हुई कथित चैट भी मिली। इन संदेशों ने मामले में एक और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया।
पुलिस के अनुसार, राजिता ने कई बार अपने पति द्वारा बनाए गए ड्रिंक के स्वाद को लेकर शिकायत की थी। उसने कथित तौर पर कहा था कि ड्रिंक का स्वाद कड़वा था।
राजिता की मौत वाले दिन भेजे गए एक मैसेज को जांच में विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना गया। बताया गया कि उसने संदेश में कहा था कि पति द्वारा बनाई गई स्मूदी का स्वाद दवा और कफ सिरप जैसा लग रहा है।
इस कथित चैट के सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने मौत से पहले की परिस्थितियों की और गहराई से जांच की।
पुलिस अब घटनाक्रम से जुड़े प्रत्येक तथ्य को जोड़कर यह समझने का प्रयास करती रही कि राजिता की मौत से पहले घर में क्या हुआ था और उसकी तबीयत किस कारण खराब हुई थी।
पुलिस के सामने पति ने किया था कफ सिरप का जिक्र
पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची थी, तब अविनाश ने कथित तौर पर कहा था कि उसकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं थी। उसने यह संभावना जताई थी कि शायद कफ सिरप पीने के बाद वह बाथरूम में गिर गई हो।
इसके बाद जब जांच में राजिता के कथित मैसेज सामने आए, जिनमें उसने स्मूदी का स्वाद दवा और कफ सिरप जैसा होने की बात कही थी, तो जांच एजेंसियों ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया।
यहां यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि पुलिस जांच में सामने आए दावे आरोपों का हिस्सा हैं। इन तथ्यों की न्यायिक समीक्षा और आरोपी के खिलाफ अपराध की अंतिम पुष्टि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगी।
9 महीने तक पुलिस जोड़ती रही सबूतों की कड़ियां
राजिता की मौत अक्टूबर 2025 में हुई थी, लेकिन अविनाश की गिरफ्तारी करीब नौ महीने बाद जुलाई 2026 में की गई। इतने लंबे समय तक चली जांच बताती है कि पुलिस ने गिरफ्तारी से पहले मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की।
जांच के दौरान डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल, पति-पत्नी की चैट, अपार्टमेंट का स्मार्ट लॉक डेटा, सिक्योरिटी सिस्टम और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का अध्ययन किया गया।
जांच एजेंसियों ने कथित तौर पर यह जानने का भी प्रयास किया कि घटना के पहले और बाद में अविनाश किन लोगों के संपर्क में था, उसकी गतिविधियां क्या थीं और उसके द्वारा पुलिस को दिए गए शुरुआती बयान उपलब्ध साक्ष्यों से मेल खाते थे या नहीं।
कई महीनों की जांच के बाद जुलाई 2026 में अविनाश को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। इसके बाद उसे फर्स्ट डिग्री मर्डर के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
50 लाख डॉलर की जमानत राशि, भारतीय मुद्रा में करीब 47 करोड़ रुपये
अविनाश फिलहाल हिरासत में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी जमानत के लिए 50 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि निर्धारित किए जाने की बात सामने आई है।
भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 47 करोड़ रुपये बैठती है। इतनी बड़ी जमानत राशि ने भी इस मामले को चर्चा में ला दिया है।
फर्स्ट डिग्री मर्डर अमेरिका में बेहद गंभीर आपराधिक आरोप माना जाता है। यदि आरोपी अदालत में दोषी साबित होता है तो उसे उम्रकैद जैसी कठोर सजा का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि अविनाश नार्ने ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है।
पांच महीने की शादी, रहस्यमयी मौत और कई अनसुलझे सवाल
राजिता और अविनाश की शादी 5 जून 2025 को हुई थी। 27 अक्टूबर को राजिता की मौत हो गई। यानी शादी के लगभग पांच महीने बाद ही यह रिश्ता एक दर्दनाक घटना के साथ खत्म हो गया।
इस पूरे मामले में कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अब न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सामने आने की उम्मीद है।
पुलिस को यह साबित करना होगा कि राजिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई, आरोपी की कथित भूमिका क्या थी और डिजिटल तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्य उसके आरोपों को किस हद तक साबित करते हैं।
दूसरी ओर बचाव पक्ष को भी पुलिस के आरोपों और साक्ष्यों को चुनौती देने का अवसर मिलेगा।
डिजिटल सबूतों के सहारे आगे बढ़ा हाई-प्रोफाइल मर्डर केस
इस मामले की जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू डिजिटल टेक्नोलॉजी रही। अपार्टमेंट का स्मार्ट लॉक डेटा, सिक्योरिटी सिस्टम, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और चैट जैसे साक्ष्यों ने पुलिस को घटनाक्रम की समयरेखा तैयार करने में मदद की।
आधुनिक अपराध जांच में डिजिटल फॉरेंसिक की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। किसी व्यक्ति के फोन से लेकर घर के स्मार्ट उपकरणों तक, डिजिटल गतिविधियां जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य उपलब्ध करा सकती हैं।
अविनाश नार्ने के मामले में भी पुलिस ने कथित तौर पर इन्हीं डिजिटल कड़ियों को जोड़ते हुए जांच को आगे बढ़ाया और करीब नौ महीने बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
भारत से अमेरिका तक चर्चा में आया राजिता सब्बिनेनी मौत मामला
आरोपी और मृतका दोनों के भारतीय मूल के होने तथा जांच में भारत में रहने वाली एक महिला से कथित प्रेम संबंध का पहलू सामने आने के कारण यह मामला भारत में भी चर्चा का विषय बन गया है।
विशेष रूप से तेलंगाना और प्रवासी भारतीय समुदाय के बीच मामले को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। शादी के कुछ ही महीनों बाद महिला की मौत और फिर पति पर हत्या का आरोप लगना पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीर बनाता है।
वहीं पुलिस द्वारा गर्लफ्रेंड, कथित चैट, शव की तस्वीर और स्मार्ट लॉक डेटा से जुड़े दावों ने मामले को और अधिक सनसनीखेज बना दिया है।
अविनाश ने आरोपों से किया इनकार, अब अदालत में होगी सबूतों की परीक्षा
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बावजूद अविनाश नार्ने ने हत्या का आरोप स्वीकार नहीं किया है। उसने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
अब अभियोजन पक्ष को अदालत में अपने आरोपों के समर्थन में पर्याप्त और स्वीकार्य साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे। डिजिटल रिकॉर्ड, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, कॉल डिटेल, कथित चैट और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं।
आरोपी को भी अपना पक्ष रखने और अभियोजन के दावों को चुनौती देने का पूरा कानूनी अधिकार है।
ऐसे में यह मामला केवल पुलिस के आरोपों के आधार पर समाप्त नहीं होता। अंतिम रूप से दोष या निर्दोषता का फैसला संबंधित अदालत द्वारा किया जाएगा।

