Jauhar University Case में हाईकोर्ट के आदेश के बाद जमा 49.14 लाख का जुर्माना
Jauhar University Case में ट्रस्ट की ओर से 49.14 लाख का जुर्माना जमा किया गया। हाईकोर्ट के आदेश पर जौहर ट्रस्ट ने यह जुर्माना जमा किया है। बता दें कि सेशन कोर्ट ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को अवैध मानते हुए 1.63 करोड़ का जुर्माना किया था। इसके लिए उनके अधिवक्ता की ओर से SDM कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया था।
सरकारी वकील राजस्व अजय तिवारी के मुताबिक, लोक निर्माण विभाग की जमीन पर विभाग की अनुमति के बिना जोहर ट्रस्ट ने गेट का निर्माण किया था और इस गेट के संबंध में पीपी एक्ट में मुकदमा कायम हुआ था। एसडीम सदर के न्यायालय में जहां SDM सदर ने इस गेट को हटाए जाने के आदेश दिए थे।
कोर्ट ने यह इस मामले में 3.27 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति के तौर पर भी दिए जाने के भी आदेश दिए थे। इसी आदेश के खिलाफ जौहर ट्रस्ट ने एक अपील दायर की थी। जिला जज के कोर्ट में और जुर्माने की रकम में फेर बदल किया था। न्यायालय के आदेश को यथावत रखा था। यहां से आदेश पारित होने के बाद जोहर ट्रस्ट हाई हाईकोर्ट गया। हाईकोर्ट ने यह कहा कि जो सत्र न्यायालय ने 1 करोड़ 63 लाख रूपए का हर्जाना डाला है। जोहर ट्रस्ट के ऊपर उसकी 30% धनराशि जो 49.14 लाख रुपए होती है उसको जोहर ट्रस्ट जमा करें।
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुक्रम में जोहर ट्रस्ट की ओर से एक एप्लीकेशन दी गई थी, जिसमें एक चेक दाखिल की गई। जोहर ट्रस्ट की ओर से यह चेक 49 लाख 14 हजार रुपए का है, जो उनके द्वारा उच्च न्यायालय के आदेश के अनुक्रम में जमा किया गया है।

