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सीबीएसई बोर्ड का रिजल्ट आया, परीक्षार्थियों के चेहरे खिले

मुजफ्फरनगर। कोरोना काल में बिना परीक्षा, मूल्यांकन के आधार पर घोषित सीबीएसई बोर्ड के परीक्षा फल में वैसे तो जमकर अंकों की बरसात हुई, लेकिन इस बार आधिकारिक रूप से टापर्स का ऐलान ना किए जाने के कारण टापर्स को मायूसी का सामना करना पडा। जिले के तमाम स्कूलों में आज परीक्षा फल आने के बाद जश्न का माहौल देखा गया।

जिले के शारदेन स्कूल की श्रेया गोयल व बानी नागपाल और एसडी पब्लिक के धु्रव सिंघल को ९९.८ प्रतिशत अंक मिले हैं। दोनों टापर्स की सूची में शामिल हो गए हैं। आज घोषित परिणामों के अनुसार बडी संख्या में बच्चे नब्बे प्रतिशत या अधिक अंक लेकर पास हुए हैं। ऐसे में सफल परीक्षार्थियों को बधाईयों का तांता लग गया।

आज घोषित नतीजों में हालांकि टापर्स की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन स्कूलों से मिली सूचना के अनुसार एसडी पब्लिक के धु्रव सिंघल ने ९९.८ का जादुई आंकडा प्राप्त किया। इसी प्रकार शारदेन स्कूल की श्रेया गोयल और बानी नागपाल को भी ९९.८ अंक प्राप्त हुए। सानवी कपूर ने ००.४ अंकों के साथ दूसरा और मोक्षी मित्तल ने ९९ प्रतिशत के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। विद्यालय के प्रबंधक विश्व रतन तथा प्रधानाचार्य धारा रतन ने सफल प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

न्यू होरीजन स्कूल के छात्र छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कक्षा १० की वार्षिक परीक्षा में स्कूल का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। कक्षा १० में स्कूल के छात्र विशाल राजपूत ने ९५.४ प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। रोहन शर्मा ने ९२ प्रतिशत, देवांशी तोमर ने ९१.४ प्रतिशत अंक, अभय मलिक ९१ प्रतिशत तथा आदित्य कुमार सैनी ने ८८.६ प्रतिशत, रिया दक्ष ८२.६ प्रतिशत और स्नेहा धारीवाल ने ८२.४ अंक प्राप्त किए। स्कूल का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा स्कूल की प्रधानाचार्या मीनाक्षी मित्तल ने स्कूल का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहने पर स्कूल के छात्र छात्राओं और शिक्षक शिक्षिकाओं को बधाई दी।

सीबीएसई के दसवीं के परीक्षा फल की घोषणा के साथ इस वर्ष ९९.०४ फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए हैं। जबकि पिछले साल परिणाम ९१.४६ फीसदी और वर्ष २०१९ में ९१.१० फीसदी रहा था। पिछले साल की तरह इस बार भी टापरों का ऐलान नहीं किया गया है। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष सीबीएसई की १०वीं और १२वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गईं थीं। जिसके बाद १०वीं १२वीं के छात्रों का परिणाम तैयार करने के लिए मूल्यांकन नीति जारी की गई थी।

२,००,९६२ स्टूडेंट्स (कुल परीक्षार्थियों का ९.५८ फीसदी) ने ९०-९५ फीसदी के बीच और ५७,८२४ स्टूडेंट्स ने ९५ फीसदी (कुल परीक्षार्थियों का २.७६ फीसदी) से अधिक मार्क्स हासिल किए हैं। बोर्ड ने १०वीं १६६३९ स्टूडेंट्स का रिजल्ट जारी नहीं किया है। दिल्ली वेस्ट रीजन ९८.७४ फीसदी पास प्रतिशत के साथ १४वें और दिल्ली ईस्ट ९७.८० फीसदी पास प्रतिशत के साथ १५वें स्थान पर रहा। लड़कियों का रिजल्ट ९९.२४ फीसदी और लड़कों का रिजल्ट ९८.८९ फीसदी रहा।

यानी लड़कियों का प्रदर्शन लड़कों से ०.३५ फीसदी बेहतर रहा। इस वर्ष ९९.०४ फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए हैं। पिछले साल परिणाम ९१.४६ फीसदी और वर्ष २०१९ में ९१.१० फीसदी रहा था। १०वीं कक्षा की परीक्षा के लिए पंजीकृत २०९७१२८ विद्यार्थियों में से २०७६९९७ विद्यार्थी पास घोषित किए गए हैं। पिछले साल की तरह तिरुवनंतपुरम रीजन का रिजल्ट इस बार भी सबसे अच्छा ९९.९९ रहा है। पिछले साल ९९.२८ रहा था। दूसरे स्थान पर बेंगलुरु रीजन य९९.९६द्ध और तीसरे स्थान पर चेन्नई ९९.९४ रहा।

केंद्रीय विद्यालय और सीटीएसए का रिजल्ट १२वीं की तरह १०वीं में भी १०० फीसदी रहा है। जवाहर नवोदय विद्यालय का रिजल्ट ९९.९९ फीसदी, सरकारी स्कूलों का रिजल्ट ९६.०३ फीसदी, सरकारी सहायत प्राप्त स्कूलों का ९५.८८ फीसदी और प्राइवेट स्कूलों का रिजल्ट ९९.५७ फीसदी रहा।

News Desk

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