चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’-अलर्ट जारी
चक्रवाती तूफान ‘बुलबुल’ अगले 6 घंटों के अंदर भीषण रूप ले सकता है। मौसम विभाग ने गुरुवार को अलर्ट जारी कर बताया कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिलेगा। दोनों राज्यों में एनडीआरएफ की टीमें भेजी जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस मामले पर चिंता जता चुके हैं। प्रधानमंत्री क प्रमुख सचिव डॉक्टर पीके मिश्रा ने ओडिशा, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के मुख्य सचिवों के साथ बैठक की।
India Meteorological Department (IMD): Cyclonic storm Bulbul intensified into a 'Severe' cyclonic storm at 5:30 pm today. #CycloneBulbul https://t.co/NoKPqIIzZH
— ANI (@ANI) November 7, 2019
दक्षिण भारत में कई दिनों से खतरा बनकर बैठा चक्रवाती तूफान ‘महा’ अब इतना खतरनाक नहीं रहा, लेकिन इससे इतर एक दूसरा खतरा खड़ा हो गया है। दरअसल, बंगाल की खाड़ी में एक और तूफान बन रहा है, जिसे वैज्ञानिकों ने बुलबुल का नाम दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है ऐसा पहली बार है जब एक के बाद एक लगातार तीन तूफान बने हों। क्योंकि ‘महा’ से पांच दिन पहले ही चक्रवाती तूफान ‘क्यार’ खत्म हुआ था।

वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि बुलबुल पिछले 11 महीने में सातवां तूफान है। उन्होंने कहा कि 129 साल में ऐसा तीसरी बार है जब एक दशक में 99 तूफान बने हैं। इससे पहले 1970 से 1979 के दशक में 110 और 1960 से 1969 के दशक में 99 तूफान बने थे। सूचना है कि चक्रवाती तूफान लौटते हुए गुरुवार के दिन गुजरात के तट से टकराएगा, जिसकी वजह से राजकोट में बुधवार रात से ही बारिश शुरू हो चुकी है।’महा’ गुजरात के साथ-साथ मध्यप्रदेश के कुछ शहरों को भी प्रभावित कर सकता है। भोपाल में बूंदाबांदी समेत उज्जैन, इंदौर, होशंगाबाद, मालवा-निमाड़ इलाका, संभाग और सीहोर, श्योपुरकलां, मुरैना जिलों में बारिश आने की भी संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि इस तूफान के गुरुवार सुबह पूर्वोत्तर और उससे सटे मध्य पूर्वी अरब सागर में कमजोर होने की संभावना है। इसी दिन सुबह यह सौराष्ट्र तट के आसपास के इलाके को घेर सकता है।
