कांग्रेस को वोटकटवा पार्टी: Priyanka Gandhi पर Mayawati ने साधा निशाना
Priyanka Gandhi ने Mayawati और उनकी पार्टी बसपा पर चुनाव में चुप्पी साधने का आरोप लगाया। अब बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी प्रियंका गांधी पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री पद को लेकर दिए गए बयान के बाद यूटर्न लेने को लेकर निशाना साधा है।
शनिवार को कांग्रेस महासचिव Priyanka Gandhi ने कहा था कि छह महीने पहले तक Mayawati, बसपा सक्रिय नहीं थी तो मुझे लगता था कि वे चुनाव का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन चुनाव शुरू होने के बाद भी वे सक्रिय नहीं हैं इससे बहुत हैरानी हो रही है।
Mayawati सक्रिय नहीं हैं और उन्होंने चुप्पी साध रखी है, यह समझ के बाहर है। साथ ही उन्होंने कहा कि हो सकता है कि यह भी संभव है कि भाजपा सरकार Mayawati पर दबाव बना रही हो।
बीते दिनों कांग्रेस की तरफ से यूथ मेनिफेस्टो जारी करने के दौरान जब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से सीएम उम्मीदवार के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि क्या आपको कोई और चेहरा दिख रहा है? बाद में उन्होंने एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि मैंने नहीं कहा कि मैं ही चेहरा हूं, बल्कि मैंने चिढ़कर ये बात कही थी। क्योंकि आपलोग बार बार वही सवाल कर रहे थे।
1. यूपी विधानसभा आमचुनाव में कांग्रेस पार्टी की हालत इतनी ज़्यादा ख़स्ताहाल बनी हुई है कि इनकी सीएम की उम्मीदवार ने कुछ घण्टों के भीतर ही अपना स्टैण्ड बदल डाला है। ऐसे में बेहतर होगा कि लोग कांग्रेस को वोट देकर अपना वोट ख़राब न करें, बल्कि एकतरफा तौर पर बीएसपी को ही वोट दें।
— Mayawati (@Mayawati) January 23, 2022
रविवार को बसपा सुप्रीमो Mayawati ने ट्वीट कर प्रियंका गांधी पर पलटवार किया। मायावती ने ट्वीट करते हुए प्रियंका गांधी के सीएम उम्मीदवार वाले बयान पर यूटर्न लेने को लेकर लिखा कि यूपी विधानसभा आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हालत इतनी ज़्यादा ख़स्ता हाल बनी हुई है कि इनकी सीएम की उम्मीदवार ने कुछ घंटों के भीतर ही अपना स्टैंड बदल डाला है। ऐसे में बेहतर होगा कि लोग कांग्रेस को वोट देकर अपना वोट ख़राब न करें, बल्कि एकतरफा तौर पर बीएसपी को ही वोट दें।
एक और ट्वीट में Mayawati ने कांग्रेस को वोटकटवा पार्टी बताते हुए कहा कि यूपी में कांग्रेस जैसी पार्टियां लोगों की नज़र में वोट काटने वाली पार्टियां हैं। ऐसे में भाजपा को यूपी की सत्ता से बाहर करके यहां सर्वसमाज के हित में व इनके जाने-परखे नेतृत्व वाली सरकार की ज़रूरत है, जिसमें बीएसपी का स्थान वास्तव में नम्बर-1 पर है।

