देश के प्रमुख निजी बैंकों में शुमार लक्ष्मी विलास बैंक के निदेशकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने 790 करोड़ रुपये का गबन करने केआरोप में मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा पुलिस ने वित्तीय सेवा कंपनी रेलिगेयर फिनवेस्ट की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए किया है। दिल्ली पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में रेलिगेयर ने कहा है कि उसने 790 करोड़ रुपये की एक एफडी बैंक में की थी, जिसमें से हेरा-फेरी की गई है। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि पैसों में हेराफेरी पूरी योजना बद्ध तरीके से की गई है। फिलहाल पुलिस ने बैंक के निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात, हेराफेरी व साजिश का मुकदमा दर्ज किया है।

इस खबर के बाद चेन्नई स्थित लक्ष्मी विलास बैंक का शेयर पांच फीसदी गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि पुलिस ने बैंक के कितने निदेशकों के खिलाफ जांच शुरू की है। इससे पहले बैंकों पर आरबीआई भी अपनी नकेल को कस रहा है। मंगलवार को ही उसने पीएमसी बैंक क छह माह तक बैंकिंग कार्यों से बंधित करने का आदेश जारी किया था। आरबीआई ने ग्राहकों के लिए निकासी की सीमा बढ़ा दी है। अब ग्राहक 10,000 रुपये निकाल सकेंगे। पहले ग्राहकों को छह महीने में सिर्फ एक हजार रुपये ही निकालने की अनुमति दी गई थी। आरबीआई के इस कदम से लाखों ग्राहकों को राहत मिलेगी। लक्ष्मी विलास बैंक को जल्द ही इंडियाबुल्स खरीदने वाली है। हालांकि इस मामले को लेकर के इंडियाबुल्स ने किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।