Anemia (रक्त हीनता) को कहें बाय-बाय: Symptoms, Diagnosis, Treatments


शरीर में केल्शियम आयरन आदि तत्व कम होते हैं उसके लिए हर माह होने वाले ऋतु श्राव का हाथ है । पुरुष की अपेक्षा सवाया ड्योडा केल्शियम वआयरन अधिक लेना चाहिए और लेती उतना भी नहीं जो जरुरी है । उसी कारण वह रक्ताल्पता की शिकार रहती है । भोजन भी उनका इतना पौष्टिक नहीं रहता।
अपने भोजन में दूध गुड पालक दही पनीर मास अंडा सब्जियों का समावेश करना चाहिए जिससे कि वह शरीर को पोषक तत्व देती रहे । शरीर को पौष्टिक तत्व मिलते रहेंगे तो खून की कमी नहीं होगी । समय समय पर अपनी यू टी आई की जांच कराती रहें लड़की महिलाएअधिक तरइन रोगो को अनदेखा करती है और यह उनको अंदर अंदर खोखला करता रहता है।
Anemia रोग से संबंधित कुछ होम्योपैथिक दवाई का प्रयोग भी आप कर सकते हैं ।आपकी उम्मीद से कहीं ज्यादा फायदा नजर आएंगे
एलेट्रिस फैरिनोमा (Aletris farinosa ): – वैसी स्त्रियां जो बहुत ज्यादा दुर्बल हो , शरीर में खून की कमी हो , साथ ही प्रदर रोग भी हो , पाचन शक्ति बहुत ही कम हो , जरायु के दोष एवं जरायु बाहर निकलता हो , बार – बार गर्भस्त्राव हो जाता हो तो इस दवा का सेवन करें .
एसेटिक एसिड ( Acetic Acid ) : – यह दवा सिरका से तैयार किया जाता है , नाक , पेट , फेफड़े गला से रक्तस्त्राव हो या बवासीर में या महिलाओं के मासिक धर्म में , प्रसव में खून अधिक बह जाने पर यह दवा बेहतरीन कार्य करता है . सुजी हुई मोम जैसी पीली त्वचा , हाथ – पैर में शोथ होने पर , कमजोरी बहुमूत्र , पेट फूलना , कलेजे में जलन , कपाल पर टंडा पसीना इत्यादि लक्षणों में इस दवा को याद करें
एनीमिया (Anemia) की यह औषधि हैं –
डिजिटेलिस पर्पुरिया ( Digitalis Purpurea ) : – खून की कमी के कारण पैरों में सूजन होने पर व्यवहार करें .
स्प्लीन ( Spleen ) : – शरीर में खून की कमी होने पर , दुर्बल होने पर , स्प्लीन की वृद्धि होने पर , शरीर का पोषन ठीक न होने पर , फेफड़े की बीमारी या मलेरिया , टाइफाइड , थाइसिस आदि बीमारियों के बाद शरीर जीर्ण – शीर्ण हो गया हो , मानसिक खिन्नता महसूस होता हो तो इस दवा का 3x पावर की 4 टिकिया रोज 4 बार सेवन करें .
शरीर में ताकत औ मांस – पेशियां भरने लगेगी . नया खून बनने लगेगा . मानसिक उत्साह महसूस होगा . एनीमिया में या कोई भी जीएफैजारी से उठने के बाद अन्य दवाओं के साथ कुछ दिन तक इस दवा का सेवन कर ही लेना चाहिए .
इरिडियम ( Iridium ) : – एनीमिया में यह दवा लाल रक्त कणों की संख्या को बढ़ाता है .













