गर्मी अपने चरम पर और दामों में आए उछाल ने गरीबों की थाली कर दी सब्जी विहीन
मुजफ्फरनगर। गर्मी अपने चरम पर है और सब्जियों के दामों में आए उछाल ने गरीबों की थाली सब्जी विहीन कर दी है। पंद्रह दिन के दामों से अगर तुलना करें, तो सब्जियों के दाम एकदम दुगने हो गए हैं।
टमाटर जो १५ रुपये किलो मिल रहा था अब उसके दाम ५० रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। यही हाल अन्य सब्जियों का भी है।क्षेत्र में टमाटर की बंपर पैदावार हुई।
कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण किसान उसको बाहर मंडी में नहीं भेज पाए। इस वजह से उनको काफी नुकसान झेलना पड़ा। सीजन में टमाटर दस रुपये किलो तक बिका था
लेकिन पंद्रह दिन बाद ही बाजार की तस्वीर बदल गई। सब्जी वाले संजये ने बताया टमाटर के दाम बढ़कर इस समय ५० रुपये किलो तक हो गए हैं।
इसी तरह हरी मिर्च को कोई लेने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन अब उसकी डिमांड एकदम बढ़ी है। उसके रेट भी बढ़कर ४० रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।
यही हाल अन्य सब्जियों का भी है। इन दिनों में आलू सस्ता हुआ करता था, लेकिन इस बार आलू की मार भी गरीब पर पड़ रही है। इस सीजन में सब्जी से भी सस्ता आम बिक रहा है।
आढ़तियों की बात पर यकीन करें, तो इस समय सब्जी पर महंगाई ज्यादा हो गई है, जबकि आम काफी सस्ता है। १५ रुपये किलो से लेकर ५० रुपये किलो तक सभी वैराइटियों के आम बिक रहे हैं।
कुल मिलाकर सब्जियों के दाम दिनों दिन बढ रहे है जिससे आम आदमी सब्जी खरीदने से पहले सोचने के लिए विवश होने लगा है।

