उत्तर प्रदेश

UP Electionमें हार के बाद हुआ मंथन, गुड्डू जमाली ने थाम लिया वापस BSP का दामन

UP Election में मिली करारी हार के बाद बहुजन समाज (BSP) पार्टी प्रमुख मायावती (Mayawati) ने पहली बार समीक्षा बैठक की है. इस बैठक में 1500 के करीब कार्यकर्ता शामिल हुए हैं. वहीं मायावती ने आजमगढ़ के संभावित लोकसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार का एलान कर दिया है. बता दें कि बसपा को 2022 के चुनावी बड़ी हार का सामना करना पड़ा, जहां 403 सीटों वाले विधानसभा में सिर्फ एक सीट पर जीत मिली.

वहीं इस बैठक में बसपा की सभी इकाईयों को भंग करने का फैसला लिया गया है. रविवार को हुई बैठक में मायावती ने कार्यकर्ताओं को संदेश दिया कि वह जनता में फैले इस अफवाह को दूर करें पार्टी, बीजेपी के साथ है. एबीपी गंगा से बातचीत में एक बसपा कार्यकर्ता ने कहा कि बीजेपी वाले अफवाह फैला रहे हैं कि मायावती को राष्ट्रपति बनाया जाएगा.लेकिन बहन जी ने कहा है कि वह राष्ट्रपति नहीं बनेंगी और ना ही उन्होंने कभी ऐसी कोई बात कही थी.

इसके साथ ही बसपा ने आजमगढ़ में अखिलेश यादव द्वारा इस्तीफा देने के बाद खाली हुई सीट पर उपचुनाव की तारीखों के एलान से पहले गुड्डू जमाली को प्रत्याशी घोषित कर दिया है. बसपा की बैठक में तीन कोआर्डिनेटर बनाए गए हैं जो आकाश आनंद को रिपोर्ट करेंगे.

विधानसभा चुनाव के दौरान शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने बहुजन समाज पार्टी (Bahujan samaj party) का दामन छोड़ असदुद्दीन ओवैसी  के एआईएमआईएम (AIMIM) में शामिल हो गए थे। लेकिन अब चुनाव के बाद एआईएमआईएम को झटका देते हुए गुड्डू जमाली ने वापस बीएसपी (BSP) का दामन थाम लिया है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने उत्तर प्रदेश के 100 से अधिक विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। जिसमें आजमगढ़ के मुबारकपुर विधानसभा सीट से शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ही ऐसे उम्मीदवार थे जिनकी जमानत चुनाव में बच पाई थी। अब उनका भी बसपा में शामिल हो जाना कि AIMIM के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में  असदुद्दीन ओवैसी अपनी सक्रियता के वजह से काफी सुर्खियों में रहे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला था। ओवैसी ने भाजपा पर मुसलमानों के साथ भेदभाव करने का आरोप तो वहीं, सपा पर मुसलमानों को डरा कर वोट मांगने का और धोखा देने का आरोप लगाया था।

AIMIM को मिला 1 फ़ीसदी से भी कम वोट

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से 100 से अधिक प्रत्याशी उतारने वाली एआईएमआईएम सबसे कम वोट पाने वाली पार्टी रही। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में एआईएमआईएम को एक फ़ीसदी से भी कम वोट मिला। वहीं, गुड्डू जमाली के अलावा पार्टी के सभी उम्मीदवारों की जमानत तक जप्त हो गई।

News-Desk

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