स्वास्थ्य

Immunity Boosters: परम्परागत मेथी के लड्डू (methi ke laddu) खाने के फायदे और बनाने की विधि

कहने को तो मेथी के लड्डू (methi ke laddu) भारतीय पारंपरिक मिठाई है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेथी का एक लड्डू आपके लिए कितना फायदेमंद है। ये न केवल आपके कई रोगों को दूर करता है, बल्कि प्रसव के बाद महिलाओं के शरीर को रिकवर करने में भी बहुत मदद करता है। यही वजह है कि महिलाओं को प्रसव के बाद मेथी का लड्डू जरूर खिलाया जाता है।

भारत में मेथी के लड्डू (methi ke laddu) को मिठाई के रूप में कम और आयुर्वेदिक औषधि के रूप में ज्यादा मान्यता दी जाती है। बच्चे के जन्म के बाद महिलाओं को तो यह लड्डू खिलाया ही जाता है, वहीं सर्दियों में शरीर में गर्माहट बनाए रखने के लिए भी मेथी का लड्डू बहुत फायदेमंद है।

दरअसल, मेथी के लड्डू (methi ke laddu) मेथी के बीजों का उपयोग कर बनाए जाते हैं, जो न केवल स्वादिष्ट बल्कि सेहतमंद और खुशबूदार भी होते हैं। साथ ही मेथी के लड्डू बनाने में डाली जाने वाली सामग्री भी सेहत के लिए बहुत अच्छी होती हैं।कहा जाता है कि सुबह-सुबह एक मेथी का लड्डू (methi ke laddu) खाने से न केवल ब्लड शुगर ,उच्च रक्तचाप कंट्रोल में रहेगा,हृदय सशक्त रहेगा बल्कि शरीर के तापमान को गर्म रखने में भी बहुत मदद मिलेगी।

इसके अलावा सर्दियों में मेथी के लड्डू खाने के बहुत फायदे हैं। एक तरफ जहां ये लड्डू पीठ और जॉइंट पेन को ठीक करता है, इसी तरह मेथी के लड्डू खाने के एक नहीं बल्कि कई अचंभित फायदे हैं, जिनके बारे में आज हम आपको अपने इस लेख में बताएंगे। इस लेख में आप मेथी के लड्डू बनाने की विधि भी जान सकते हैं।

मेथी के लड्डू (methi ke laddu) में मौजूद विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व व्यक्ति को सेहतमंद रखते हैं। न्यूट्रिशनल वैल्यूज के चलते प्रसव के बाद महिलाओं को मेथी के लड्डू का सेवन जरूर कराया जाता है। वहीं सर्दी के मौसम में मेथी का एक लड्डू भी शरीर को स्वस्थ रखने में बहुत फायदेमंद है। तो आइये जानते हैं मेथी के लड्डू (methi ke laddu) में मौजूद पोषक तत्वों के बारे में।

मेथी के लड्डू (प्रति 100 ग्राम ) में 40 ग्राम कार्बोहाइडे्रट, 20 ग्राम शुगर, 10 ग्राम फैट, 5 ग्राम प्रोटीन, 11 मिग्रा सोडियम, 21 मिग्रा कॉलेस्ट्रॉल, 5 प्रतिशत विटामिन ए, 3 प्रतिशत कैल्शियम, 33 प्रतिशत आयरन मौजूद रहता है।

सर्दियों में जरूर बनाकर खायें औषधीय गुणों से परिपूर्ण परम्परागत methi ke laddu को- 

मेथी के अनगिनत लाभ हैं, और ये लाभ मधुमेह रोगियों के लिए कई गुना बढ़ जाते हैं, खासकर जब मेथी को लड्डू के रूप में सेवन किया जाता है मेथी के लड्डू आपके शरीर को कई लाभ प्रदान कर सकते हैं, मेथी औषधीय गुणों से समृद्ध है आपके शरीर को अंदर से गर्म रखने के लिए मेथी के लड्डू बहुत महत्वपूर्ण है। सर्द मौसम में मेथी के लड्डू खाने से आपके शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं।

मेथी के लड्डू (methi ke laddu) सबसे ज्यादा डायबिटीज रोगियों के लिए फायदेमंद हैं। इसमें मौजूद फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल पाचन क्रिया को सही रखते हैं। दरअसल, मेथी में मौजूद गैलेक्टोमेनन नाम का फाइबर खून में शक्कर के अवशोषण को कम करता है। मेथी खाने से शरीर का ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रहता है और डायबिटीज भी कंट्रोल में रहती है। मेथी के लड्डू वैसे तो एक मिठाई के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन इसे कई रोगों की औषधि भी माना जाता है।

कैसे डायबिटीज में मदद करते हैं मेथी के लड्डू – मेथी के लड्डू (methi ke laddu) डायबिटीज का रामबाण प्राकृतिक उपाय है। मेथी के लड्डू में उच्च घुलनशील फाइबर होते हैं, जो आपके ब्लड फ्लो में शुगर के विघटन की प्रक्रिया को धीमा कर देते हैं। मेथी में ज्यादा मात्रा में अमीनो एसिड मौजूद होता है, जो आपके शरीर में इंसुलिन का उत्पादन बढ़ाता है और इससे डायबिटीज कंट्रोल हो जाती है। हालांकि विशेषज्ञों कहते हैं कि लड्डू में ज्यादा चीनी होने के कारण जिन लोगों को ज्यादा डायबिटीज है, उन लोगों को मेथी का लड्डू खाने से बचना चाहिए। लेकिन जिन लोगों की डायबिटीज कंट्रोल में है, वे लोग दिन में एक बार मेथी का लड्डू खा सकते हैं। अनकंट्रोल्ड डायबिटीज वाले लोग भिगोई हुई मेथी का सेवनकर सकते हैं।

मेथी का लड्डू (methi ke laddu) वजन कम करने में भी बहुत फायदेमंद होता है। लेकिन इन्हें सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए नहीं तो ये वजन बढ़ा भी सकता है।कब्ज का घरेलु इलाज मेथी के लड्डू से –गर्भावस्था के बाद महिलाओं को अक्सर कब्ज की शिकायत रहती है। इसलिए महिलाओं को प्रसव के बाद 40 दिनों तक मेथी के लड्डू खाने की सलाह दी जाती है। दरअसल, इन लड्ड्ओं में कुछ ऐसे गुण होते हैं तो पाचन तंत्र को ठीक रखते हैं।

मेथी लड्डू (methi ke laddu) के फायदे से चर्म रोगों का प्राकृतिक उपचार –प्रसव के बाद महिलाओं के चेहरे की चमक कहीं खो जाती है। ऐसे में मेथी के लड्डू उनके चेहरे की चमक को लौटाने में बहुत मदद करते हैं। रोजाना जल्दी सुबह एक लड्डू खाने से आप खुद अपनी स्किन में अंतर देख सकती हैं।

कैंसर का रामबाण इलाज मेथी के लड्डू – मेथी में मौजूद फाइबर की सामग्री कैंसर को कंट्रोल करने में बहुत फायदेमंद है। दरअसल, मेथी में एस्ट्रोजेनिक प्रभाव होता है और यह हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार मेथी में हाई प्रोटीन और फाइबर इंग्रीडिएंट्स के कारण मेथी के बीज कैंसर के खिलाफ लड़ाई लड़ने में मदद करते हैं।

मेथी का लड्डू (methi ke laddu) के लाभ बालों का झड़ना कम करे – मेथी बालों का झड़ना कम करती है। अगर आप लड्डू के रूप में भी मेथी का सेवन करे, तो यह उतनी ही असरदार साबित होगी। दरअसल, मेथी के बीज में प्रोटीन  और निकोटोनिक होते हैं, जो बालों को झडऩे से रोकने, गंजापन और बालों के पतले होने जैसी कई समस्याओं का समाधान करते हैं। मेथी में बड़ी मात्रा में लेसिथिन होता है, जो बालों को हाइड्रेट करने के साथ जड़ों को मजबूत बनाता है।

जोड़ो के दर्द से राहत दिलाई मेथी के लड्डू (methi ke laddu) –जिन लोगों को अक्सर जोड़ों के दर्द की शिकायत होती है, वे मेथी के लड्डुओं का सेवन कर सकते हैं। सर्दियों में मेथी के लड्डू खाने से जोड़ों के दर्द की समस्या से काफी आराम मिलता है। इसलिए बुजुर्गों को सर्दी के मौसम में मेथी के लड्डू का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

मेथी के लड्डू (methi ke laddu) बनाने की विधि –

मेथी के लड्डू बनाने की सामग्री-

मेथी दाना – 250 ग्राम

देशी गाय का दूध – 600 ml

देसी घी– 1 किलो

गेहूं या सिंघाड़ा या कुट्टू या चावल का आटा-750 ग्राम

गोंद– 125 ग्राम

दालचीनी– एक चम्मच

जीरा पाउडर– 2 चम्मच

पिसी हुई सौंठ– 2 चम्मच

गुड़ – 800 ग्राम

काली मिर्च पावडर2चमच

खरबूज के बीज- 20 ग्राम

अपने इच्छा अनुसार व सामर्थ्य के अनुसार सूखे मेवे (काजू बादाम किशमिश मखाना सूखे नारियल इत्यादि) सब मिलाकर 100 ग्राम

मेथी के लड्डू बनाने की विधि –

मेथी के लड्डू(methi ke laddu) बनाने के लिए सबसे पहले मेथी दाने को पानी से धोकर सूती कपड़े पर फैला लें और इसे धूप में सुखाने के लिए रख दें।मेथीदाना सूख जाए तो इसे मिक्सी में थोड़ा दरदरा पीस लें। ध्यान रखें कि मेथीदाना बहुत बारीक न पिसे।

अब दूध को उबालने के लिए रख दें। दूध उबल जाए तो इसे ठंडा करने रख दें।दूध ठंडा होने के बाद इसमें आधा कप घी और मेथीदाने के पाउडर को भिगोकर 5 से 6 घंटे के लिए रख दें। 5 6 घंटे में मेथी दूध को सोख लेगी ।

अब आप मेथी को हल्के हाथों से धीरे-धीरे मसल लें। इस तरह मेथी खुल जाएगी।अब बादाम व अन्य मेवे को मोटा दरदरा कूट ले , साथ ही काली मिर्च, जायफल और दालचीनी सौठ इलायची अन्य सामग्री को भी बारीक पीस लें।

इसके बाद एक कड़ाही में आधा कप घी डालें। घी गर्म हो जाए तो पहले से भिगोई हुई मेथी को भूरा होने तक अच्छे से भुन लें। भुनने के बाद मेथी से खुशबू आने लगेगी।अब बचे हुए गर्म घी में काली मिर्च को हल्का सा तल लें। तलने के बाद इसे थोड़ा मोटा पीस लें।

अब जो घी बचा है उसमें गोंद डालकर धीमी आंच पर तलें। जब गोंद हल्के भूरे रंग की हो जाए तो इसे प्लेट में ठंडा करने के लिए रख दें। इसी तरह से घी में आटा भूरा होने तक भूनें और फिर ठंडा करने के लिए अलग से प्लेट में रख दें।

अगर घी बचा है तो ठीक, नहीं है तो एक चम्मच फिर से घी डालकर इसमें गुड़ पिघलाएं। जब गुड़ पिघल जाए, तो इसकी चाश्नी बनकर तैयार हो जाएगी। जब चाश्नी बनकर तैयार हो जाए तो इसमें सौंठ पाउडर, जीरा पाउडर, बादाम, दालचीनी, जायफल, छोटी इलायची आदि सामग्री डालकर मिला लें। अब इस मिश्रण में मेथी, आटा और गोंद को भी अच्छे से मिला लें।

अब इसमें खरबूज के बीज, बादाम, किसा हुआ नारियल, डालकर मिक्स कर लें।

अब इस मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने रख दें। जब मिश्रण ठंडा हो जाए तो हाथ में थोड़ा घी लेकर दोनों हाथों में मल लें।

अब इस मिश्रण को थोड़ा-थोड़ा हाथों में लेकर लड्डू बनाएं। जब सारे लड्डू बन जाएं तो इन्हें 2 से 3 घंटे के लिए हवा में खुला छोड़ दें।

इसके बाद इन मेथी के लड्ड्ओं को एक प्लास्टिक के एयर टाइट डिब्बे में स्टोर करके रख दें और रोज सुबह शाम गर्म दूध के साथ इन्हें खाएं। बता दें कि आप इन लड्डुओं को 6 से 8 हफ्ते तक स्टोर करके रख सकते हैं।

मेथी के लड्डू बनाते समय ध्यान रखें ये बातें –

मेथी के लड्डू बनाते समय मेथी को बहुत बारीक ना पीसें।गोंद को तलते समय ध्यान रखें कि ये लाल न हो जाए, वरना टेस्ट बहुत खराब लगेगा।गुड़ की चाश्नी बनाने के लिए गुड़ को ज्यादा ना उबालें, नहीं तो लड्डू कउ़क बनेंगे ।

लड्डू को मीठा करने के लिए इसमें गुड़ या सिर्फ बूरा भी मिला सकते हैं।लड्डू को केवल दो से तीन घंटे ही बाहर रहने दें इसके बाद इन्हें एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करके रख दें। ज्यादा देर लड्डुओं को बाहर न रहने दें।

मेथी के लड्डू खाने का तरीका

मेथी का लड्डू एक बेहतर आयुर्वेदिक नाश्ता है, लेकिन इसका सही फायदा तभी मिलता है, जब इसका सेवन सही तरह से किया जाए। इसे खाने के साथ कई तरह के परहेज भी करने पड़ते हैं, जो सभी को पता होने चाहिए। वरना ये लडड्डू फायदा नहीं करेंगे।

बड़े बुजुर्गों के अनुसार मेथी के लड्डू सुबह शाम जल्दी खा लेना चाहिए।मेथी के लड्डू खाने के बाद गुनगुना मीठा दूध जरूर पी लेना चाहिए।

मेथी के लड्डू खाने के दो तीन घंटे तक कुछ न खाएं। दो तीन घंटे बाद आप भोजन कर सकते हैं। ऐसा इसलिए कि दो तीन घंटे में लड्डू आसानी से पच जाएंगे। अर्थात सुबह व शाम खाली पेट ही खाये.जब तक आप मेथी के लड्डू खा रहे हैं तो कुछ भी खट्टा खाने से बचें। जैसे नींबू, अमचूर, इमली, आदि ना खाएं। अगर खाना ही हो तो इसके खाने के 3 4 घण्टे बाद ही खाये न खायें तो उत्तम

मेथी के लड्डू खाने के एक घंटे बाद तक कुछ भी ठंडा ना खाएं।

👌 प्रसव के बाद महिलाओं को एक लड्डू चबा-चबाकर खाना चाहिए (किसी कारणवश गर्भाशय अपनी जगह से हट जाए (यूट्रेस डिस्प्लेसमेंट) उसकी अचूक व रामबाण औषधि है मेथी के लड्डू) :- भाई राजीव दीक्षित जी के ज्ञानानुसार 👌

बच्चे को स्तनपान कराने वाली माताएँ दिन में एक या दो मेथी के लड्डू खा सकती हैं, इससे दूध बढ़ता है।

गर्भवती महिलाओं को या जिनको हाई डायबिटीज है, उन्हें मेथी के लड्डू नहीं खाने चाहिए। जो महिलाएं स्तनपान कराती हैं, उन्हें प्रतिदिन दो से ज्यादा लड्डू नहीं खाने चाहिए।

निरोगी रहने हेतु महामन्त्र

मन्त्र 1 :-

• भोजन व पानी के सेवन प्राकृतिक नियमानुसार करें

• ‎रिफाइन्ड नमक,रिफाइन्ड तेल,रिफाइन्ड शक्कर (चीनी) व रिफाइन्ड आटा ( मैदा ) का सेवन न करें

• ‎विकारों को पनपने न दें (काम,क्रोध, लोभ,मोह,इर्ष्या,)

• ‎वेगो को न रोकें ( मल,मुत्र,प्यास,जंभाई, हंसी,अश्रु,वीर्य,अपानवायु, भूख,छींक,डकार,वमन,नींद,)

• ‎एल्मुनियम बर्तन का उपयोग न करें ( मिट्टी के सर्वोत्तम)

• ‎मोटे अनाज व छिलके वाली दालों का अत्यद्धिक सेवन करें

• ‎ईश्वर में श्रद्धा व विश्वास रखें

मन्त्र 2 :-

• पथ्य भोजन ही करें ( जंक फूड न खाएं)

• ‎भोजन को पचने दें ( भोजन करते समय पानी न पीयें एक या दो घुट भोजन के बाद जरूर पिये व डेढ़ घण्टे बाद पानी जरूर पिये)

• ‎सुबह उठेते ही 2 से 3 गिलास गुनगुने पानी का सेवन कर शौच क्रिया को जाये

• ‎ठंडा पानी बर्फ के पानी का सेवन न करें

• ‎पानी हमेशा बैठ कर घुट घुट कर पिये

• ‎बार बार भोजन न करें आर्थत एक भोजन पूर्णतः पचने के बाद ही दूसरा भोजन करें

उस भोजन को ग्रहण कदापि न करें जिसे बनते हुए सूर्य प्रकाश न मिला हो अर्थात (कुकर का, फ्रीज़ का रखा व माइक्रोवेव का बना हो)

भाई राजीव दीक्षित जी के सपने स्वस्थ समृद्ध स्वदेशी स्वावलंबी स्वाभिमानी परिवार समाज भारत राष्ट्र के निर्माण में एक पहल आप सब भी अपने अपने जीवन मे भाई राजीव दीक्षित जी के व्यख्यानों को अवश्य सुनें व यथसम्भव प्रचार प्रसार करें

Dr. Jyoti Gupta

डॉ. ज्योति ओम प्रकाश गुप्ता एक प्रसिद्ध चिकित्सक और हेल्थ सेक्शन की वरिष्ठ संपादक हैं, जो प्राकृतिक, घरेलू और होम्योपैथिक चिकित्सा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए समर्पित हैं। श्री राजीव दीक्षित जी से प्रेरित होकर, डॉ. ज्योति का उद्देश्य सहज, सरल और सुलभ चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देना है ताकि लोग आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ पारंपरिक उपचार विधियों का भी लाभ उठा सकें। आप किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के नि:शुल्क परामर्श के लिए उनसे 9399341299 पर संपर्क कर सकते हैं या drjyotiomprakashgupta@gmail.com पर ईमेल कर सकते हैं।

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