रेलवे व निगम भी हुए कोरोना वायरस के शिकार, हो रही लाखों की हानि
मुजफ्फरनगर। देश सहित विदेश में महामारी घोषित कर दिये गये कोरोना वायरस का शिकार न केवल इंसान हो रहा है। बल्कि इससे उद्योग जगत सहित अन्य क्षेत्र भी बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं।
कोरोना वायरस के भय के चलते ट्रेनों व बसों में यात्रियों की संख्या में भारी कमी आयी है। इसके चलते दोनों विभाग प्रतिदिन वित्तीय हानि का सामना कर रहे हैं। रेलवे में सबसे अधिक आरक्षण कराने वाले यात्री अपने टिकट रद्द करा रहे हैं जिसके कारण रेलवे को प्रतिदिन हजारों का रिफंड करना पड़ रहा है।
रेलवे को लगा पौने पांच लाख का चूना, परिवहन निगम मुजफ्फरनगर को प्रतिदिनहो रही लाखों की हानि
कोरोना वायरस को देश में भी महामारी घोषित कर दिया गया है। इस वायरस के चपेट में इंसान ही नहीं सरकारी व गैर सरकारी विभाग तक भी आ गये हैं। इस वायरस के कारण रेलवे को भी भारी नुकसान प्रतिदिन उठाना पड़ा रहा है।
मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन के सूत्रों का कहना था कि छह दिन की अवधि में रेलवे को यहां पर सबसे अधिक आरक्षण केंद्र पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। छह दिन की अवधि में पौने पांच लाख का रिफंड यात्रियों को वापस करना पड़ा है।
इसमें सात मार्च को 88500, आठ मार्च को 63800, नौ मार्च को 83000, दस मार्च को 11000, 11 मार्च को 68000, 12 मार्च को 79900 तथा 13 मार्च को 84500 रूपये का अर्थात छह दिन में कुल चार लाख अठत्तर हजार सात सौ रूपये का आरक्षित टिकट रद्द कराने के चलते यात्रियों को रेलवे के द्वारा रिफंड वापस किया गया।
बताया गया कि यह सब टिकट लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के द्वारा रद्द कराये गये हैं। सूत्रों का कहना था कि बिना आरक्षित टिकट की बिक्री पर किसी भी प्रकार का असर नहीं पड़ा है। वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की मुजफ्फरनगर डिपो के स्टेशन प्रभारी राजकुमार तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस के प्रभाव के चलते बसों में यात्रियों की संख्या हाल ही में अन्य दिनों के मुकाबले आधी रह गयी है।
डिपो की औसतन आय प्रतिदिन 23 से 25 लाख के बीच होती है। अब यह लगभग आधी रह गयी है। उन्होंने बताया कि इस वायरस को लेकर यात्रियों को सचेत किया जा रहा है।






