चेहरे की झुर्रियों और मोटापे से हैं परेशान? जाने घरेलू नुस्खों के प्रयोग से बने सौन्दर्य प्रसाधन…
16. आक : आक के दूध में हल्दी को पीसकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की नई व पुरानी झाईयां समाप्त हो जाती है।
17. भंगरैया : बाल काले करने के लिये कसीस को भंगरैया के रस में मिलाकर बालों की जड़ों में कुछ दिनों तक रोजाना लगाएं।भंगरैया से बने तेल को नाक में डालने से उम्र से पहले पके या सफेद हुए बाल काले हो जाते हैं।
18. छोकर : शरीर के फालतू बालों को हटाने के लिये छोकर की फली को जलाकर इसकी राख को शरीर पर मलने से लाभ होता है।
19. वन्यकाहू :वन्यकाहू के बीजों के तेल से सिर में मालिश करने से बाल बढ़ने लगते हैं।वन्यकाहू के बीजों को कूठ के साथ पीसकर सिर पर लगाने से बालों का झड़ना कम हो जाता है।वन्यकाहू के बीजों के तेल से सिर में मालिश करने से बालों की खूबसूरती बढ़ जाती है।
20. नारियल : शुद्ध (असली) नारियल का तेल बालों के लिए बहुत ही लाभकारी होता है और इस तेल से जख्म भी जल्दी भर जाते हैं।
21. कोषम्भ : कोषम्भ के बीजों से निकाले हुए तेल को बालों में लगाने से बाल अच्छे होते है और जल्दी बढ़ते भी है। यह तेल खुजली में भी लाभकारी होता है।
22. तिल : तिल का तेल सिर पर लगाने से बाल जल्दी ही बढ़ने लगते हैं।
23. रेशम : 2 से 3 ग्राम रेशम के कोया (कोष) का चूर्ण रोजाना सेवन करने से त्वचा का रंग सुंदर हो जाता है और चेहरे में आकर्षण पैदा हो जाता है।
24. उशक : उशक (उशष) की जड़ को धूप की तरह आग में जलाने से वातावरण खुशबूदार हो जाता है।
25. जैतून : शरीर की त्वचा की शुष्कता (सूखापन) को हटाकर त्वचा को चिकनी बनाने के लिए पूरे शरीर पर जैतून की तेल की मालिश करनी चाहिए।
26. इमली : 60 ग्राम इमली को 250 मिलीलीटर पानी में डालकर रातभर फूलने दें। सुबह इमली को पीसकर उसका लेप सा बना लें। इस लेप को शरीर पर मलकर 10-15 मिनट के बाद स्नान (किया जाये तो थोड़े ही दिनो में काले व्यक्ति का रंग गोरा होने लगता है तथा त्वचा के दूसरे रोग जैसे झांईयां पड़ना, दाग-धब्बे पड़ना, पित्ती उठलना आदि रोग भी दूर हो जाते हैं। इस लेप को गर्मियों के मौसम में जरूरत के मुताबिक सप्ताह में 2 बार प्रयोग कर सकते हैं।
27. आंवला : एक बड़े आंवला के मुरब्बे का रोजाना 2-3 बार सेवन करने से त्वचा का रंग निखर जाता है।
28. केसर : असली केसर की 4-5 पंखुड़ियों तथा 1 छोटी इलायची को 250 मिलीलीटर दूध में डालकर उबालकर रोजाना पीते रहने से रंग साफ हो जाता है। सर्दियों में 1-2 महीने तक यह दूध पीना लाभकारी रहता है।
29. गाजर:लगभग 125 मिलीलीटर गाजर के रस को 15 से 20 दिन तक सुबह और शाम खाली पेट पीने से खून साफ हो जाता है और उसमें होमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ जाती है जो अच्छी त्वचा के लिए बहुत ही लाभकारी होता है।
गाजर और सेब को घिसकर उसके लच्छों को एक साथ मिलाकर खाने से त्वचा चिकनी, रंग गोरा, गाल लाल और चेहरा गुलाब के फूल जैसा कोमल हो जाता है।
30. मुनक्का : मुनक्का, अंगूर, किशमिश में लौह तत्व (आयन) की मात्रा ज्यादा होने के कारण ये खून में लाल कणों (होमोग्लोबिन) को बढ़ाते है तथा त्वचा के रंग को निखारते हैं।
31 मेहंदी: मेहंदी, आम की छाल, दाड़िम के फूलों की कली और हरड़ के चूर्ण को बराबर मात्रा में मिलाकर कपड़े में छानकर, पीसकर शरीर पर लगाने से सौन्दर्य मे निखर आता है और त्वचा के रोगों मे लाभ होता है।
32. मटर : मटर को उबालकर और पीसकर शरीर पर मलने से रंग गोरा होकर सौन्दर्य निखर उठता है।
33. पपीता : काफी लम्बे समय तक रोजाना पपीता खाते रहने से कमर पतली होकर कमर का सौन्दर्य बढ़ता है।
नोट-
1. हथेलियों में सर्वरोग निवारक और सौन्दर्यवर्धक शक्ति : रात को सोते समय बिस्तर पर लेटकर और सुबह उठने से पहले इसी मंत्र को मन में बोलते हुये दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म करके उनसे सिर से लेकर पांव के तलवों तक जैसे- सिर, बाल, ललाट (माथा), आंख, कान, नाक, होठ, गाल, ठोड़ी, गर्दन, कंधे, हाथ, छाती, फेफड़े, हृदय, पेट, पीठ, नितम्ब (कूल्हों), जांघ, घुटने, पिण्डलियां, गट्टे, पैर के पंजो पर और पैर के तलवों को स्वास्थ्य और खूबसूरती की भावना के साथ बड़े प्यार और शान्ति के साथ छुएंगे तो आप देखेंगे कि आपका स्वास्थ्य और खूबसूरती गुलाब के फूल की तरह खिलता ही जा रहा है।
2. मनचाहा आकृतिकरण : मंत्र के साथ सिर से पांव तक सारे शरीर का, हथेलियों को आपस में रगड़कर ध्यान के साथ छूने से इच्छानुसार (मनचाहा) आकृतिकरण, स्वास्थ्य और खूबसूरती की बढ़ोतरी होती है।
इस मंत्र का मन में पाठ करते हुए हथेलियों को आपस में रगड़कर और गर्म करके हर अंग को अंगुलियों से छू-छूकर हर अंग को अपनी कल्पना के मुताबिक आकृतिकरण कर सकते हैं अर्थात रोजाना नियम से इस प्रकार करते हुये आप अपने किसी भी खास अंग को अपनी मन के मुताबिक सुंदर आकृतियुक्त और आकर्षक भी बना सकते हैं।
उदाहरण के तौर पर यदि आप मंत्र बोलते हुए दोनों हाथों की हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म करके आंखों को छुएं और महसूस करें कि आपकी आंखों के पपोटें भरते और उभरते जा रहे है, आपकी पलकों के बाल सुंदर और आकर्षक होते जा रहे है, आपकी आंखों की रोशनी बढ़ रही है और आपकी नजर साफ, पवित्र और खूबसूरत हो रही है तो आप कुछ दिनों के बाद आंखों में वैसा ही आश्चर्यजनक सुधार पायेंगे।
3. चिकनी और तेलीय त्वचा के लिए गुणकारी बेसन और हल्दी का उबटन : 60 ग्राम बेसन और आधा चम्मच पिसी हुई हल्दी में थोड़ा सा कच्चा दूध या पानी मिलाकर गाढ़ा सा घोल बना लें और इसमें चौथाई चम्मच या 7 से 10 बूंद सरसों का तेल या तिल या जैतून का तेल मिलाकर इतना फेंट लें कि गाढ़ा सा लेप बन जाये।
इस उबटन को चेहरे, गर्दन, बांहों, हाथ-पैर, कोहनियों, घुटनों आदि अंगों पर लेप कर लें। लेप करने के 5-10 मिनट के बाद जब यह लेप सूखने लगे तो हथेलियों से दबा-दबाकर और मसल कर इसे छुड़ा लें।
उबटन मैल के साथ बतियों के रूप में छूट जाएगा। अब थोड़ी देर के बाद गुनगुने पानी से अंगों को धो डालें या नहाकर तौलिए से पौंछ लें। इससे त्वचा साफ, रेशम की तरह चिकनी और मक्खन जैसी मुलायम और चमकदार हो जायेगी और चेहरे की खूबसूरती निखर जायेगी।
बेसन और हल्दी के इस उबटन को चेहरे पर लगाने से चेहरे की झांईयां, दाग-धब्बे और कालापन दूर होता है और चेहरे के अनचाहे बाल समाप्त हो जाते हैं।
4. कमर को पतली करने का कामयाब नुस्खा : 10 ग्राम माधवी (माधवी लता) पुष्प (फूल) की जड़ को सुबह और शाम मट्ठे (दही की लस्सी) या छाछ के साथ पीने से कमर पूरी तरह से पतली हो जाती है।
5. तेलीय त्वचा के लिए खीरे का घोल : किसी शीशे या चीनी के बर्तन में खीरे को घिसकर उसको कपड़े में डालकर अच्छी तरह से निचोड़कर उसका रस निकाल लें।
इस 30 मिलीलीटर रस में आधा चम्मच नींबू का रस और आधा चम्मच गुलाबजल को मिलाकर घोल बना लें। इस घोल को रूई से चेहरे और गर्दन पर लगाकर आधे से 1 घंटे के बाद पहले गुनगुने पानी से धो लें और फिर सादे पानी से मुंह धो लें।
इससे चेहरे पर चमक और निखार आ जाता है क्योंकि क्रीम की अपेक्षा खीरे का रस बहुत जल्दी त्वचा के अन्दर पहुंचकर असर करता है। खीरे के अन्दर त्वचा को निखारने का बहुत ही अच्छा गुण मौजूद होता है।
6. धूप की वजह से सांवली पड़ गई त्वचा : धूप की वजह से सांवली पड़ गई त्वचा पर भी इस घोल का लेप करने से लाभ होता है। केवल खीरे के रस या खीरे के टुकड़ो को ही चेहरे पर मलने से रंग साफ हो जाता है और तेलीय त्वचा की शिकायत भी दूर हो जाती है। ज्यादा चिकनाई वाले चेहरे पर पिसे हुए खीरे को मलकर धोने से फालतू चिकनाई दूर हो जाती है।
7. आंखों के नीचे या आसपास कालापन पड़ जाना: आंखों के नीचे या आसपास पड़ गए कालेपन को दूर करने के लिए रूई के फाहे को खीरे के रस में भिगोकर पलकों पर और उसके आस-पास रखें।
10 से 15 मिनट के बाद इसे हटा लें। धीरे-धीरे त्वचा अपने कुदरती रूप में आ जाती है। खीरे के टुकड़े करके त्वचा पर थोड़ी देर तक मलें। जिससे कि त्वचा पर रस की एक परत सी चढ़ जाए।
20 मिनट के बाद त्वचा को ताजे पानी से धो लें। ऐसा करते रहने से त्वचा के दाग-धब्बे, मुंहासे आदि धीरे-धीरे नष्ट हो जाते हैं।
8. त्वचा का रंग साफ करने के लिए : एक बाल्टी ठंडे पानी में 2 नींबू का रस मिलाकर गर्मियों में रोजाना स्नान (नहाना) करना त्वचा के लिए काफी अच्छा रहता है। सर्दी के मौसम में पानी को हल्का सा गर्म करके उसमें नींबू का रस निचोड़कर नहा सकते है।
नींबू मिले हुए पानी से नहाने से त्वचा के रोमछिद्र अपने आप ही खुल जाते हैं और त्वचा का रंग गोरा होने लगता है। इसके प्रयोग से त्वचा का रंग गोरा होने के साथ-साथ त्वचा के दूसरे रोग भी दूर हो जाते हैं।
विशेष : बेसन का लेप चेहरे को इतना कोमल बना देता है कि मक्खन भी उसके सामने कुछ नहीं है। गर्मियों में खाली बेसन का लेप करने से ही त्वचा में ठंड़क और शान्ति मिलती है।
हमेशा ध्यान रखें कि गर्मियों में त्वचा पर तैलीय चीजों का ज्यादा प्रयोग न करें। उबटन को उतारते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि हथेलियों को ऊपर से नीचे की दिशा में न चलाएं क्योंकि ऐसा करने से त्वचा की खाल ढीली हो सकती हैं।
झुर्रियों से बचने के लिए मालिश हमेशा नीचे से ऊपर की ओर धीरे-धीरे, ललाट (माथे) पर ऊपर की ओर, गाल पर नीचे से कनपटी की ओर, नाक से कान की ओर, ठोड़ी पर बांई और दांई दिशा में तथा झुर्रियों की उल्टी दिशा में हथेलियों को ले जाते हुए करें।
अगर ज्यादा देर तक धूप में रहने के कारण चेहरा मुरझा गया हो, चेहरे का रंग पीला पड़ गया हो तो चेहरे को धोने के बाद नींबू की बूंदे मिलाकर दूध को रूई या ऊन के फाये से चेहरे पर लगा लें। इसको लगाने से त्वचा कुछ तन जायेगी। थोड़ी देर बाद इसे पानी से धोकर पोंछ लें। इससे चेहरा खिल उठेगा। इससे कील-मुंहासे दूर होकर त्वचा साफ और चमकदार हो जाती है। अगर सुबह दूध उबालने से पहले दूध की 5-7 बूंद हथेली पर डालकर उसमें 2-4 बूंदे नींबू के रस की भी मिला लें और फिर चेहरे और हाथों पर लेप करने से भी त्वचा मे निखार आ जाता है।
100 मिलीलीटर कच्चे दूध को एक शीशे की प्याली (बर्तन) में डालकर उसमें चौथाई नींबू निचोड़ लें या नींबू के रस की इतनी बूंद डालें कि दूध फट जाएं। फिर इसे धीरे-धीरे चेहरे और हाथों पर मलें। उसके बाद गुनगुने पानी से नहा लें या चेहरा धो डालें। इससे त्वचा कोमल और चमकदार हो जाती है।
यह तेलीय त्वचा को साफ करने वाला एक उत्तम मिश्रण है। नींबू का रस जहां त्वचा की फालतू चिकनाई को साफ करता है वहीं दूध त्वचा को मखमली और कोमल बनाता है। यदि गर्दन मैली और काली सी पड़ गई हो तो इस मिश्रण को रूई या कपड़े से गर्दन पर धीरे-धीरे मलें और फिर इसे सूखने दें।
20 मिनट के बाद इसे ठंड़े पानी से धोकर पोंछ लें। इससे गर्दन साफ, मुलायम और चमकदार हो जाती है।नहाने से आधे घंटे पहले उबटन लगाना अच्छा रहता है या फिर रात को सोने से पहले लगातार 2-3 दिन उबटन लगाने के बाद हर दूसरे से तीसरे दिन 6 बार और फिर महीने में 4 बार जरूर करना चाहिए।
सर्दी के मौसम में 2 सप्ताह में कम से कम एक बार तो उबटन जरूर लगाना चाहिए। इस उबटन को 6 से 7 बार लगाने के बाद आपको अपने रंग में फर्क मालूम पड़ जायेगा।
लगातार साबुन की जगह उबटन लगाकर नहाने से त्वचा में निखार आ जाता है और रंग गोरा हो जाता है। उबटन करते समय गर्दन को न भूलें। उबटन को पलकों, भोंहों और होंठों पर नहीं लगाना चाहिए।
चिकनी या तैलीय त्वचा के लिए घर के पिसे हुए बेसन से बढ़कर कोई दूसरी अच्छी चीज नहीं है। केवल बेसन को ही पानी में घोलकर चेहरे पर लेप कर लें और 15 मिनट के बाद धो डालें। इससे चेहरे का चिप-चिपापन दूर हो जाता है और चेहरा खिल उठता है
डॉ0ज्योति ओमप्रकाश गुप्ता प्रसिद्ध चिकित्सक और इस सेक्शन की लेखक, वरिष्ठ संपादक हैं, प्राकृतिक एवं घरेलु चिकित्सा को सरल एवं जन-जन की भाषा में पहुँचाने के लिए प्रयासरत हैं। उनसे नम्बर 93993 41299 पर सीधे सम्पर्क किया जा सकता हैं और दवांइयाँ/सामग्री के लिए जानकारी ली जा सकती हैं।


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